chapter 10

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: जीवन को रोते-कलपते या घिसटते हुए जीने के बजाय हँसी-खुशी और आनंद में बिताकर जीवन की सबसे बड़ी गुत्थी सुलझायी जा सकती है।

સાચો જવાબ: लेखक के अनुसार प्राचीन चीनी लोगों (चीनियों) ने जीवन की समस्या को बिल्कुल ठीक समझा था।

સાચો જવાબ: दुनिया में सबसे बुद्धिमान व्यक्ति वही है जो हर परिस्थिति में सबसे ज्यादा खुश रहता है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थिति या कठिनाई क्यों न आए, मन को उदास न करके हर हाल में खुश रहने का रास्ता ढूंढ लेना ही प्रसन्न रहने की कला है। जिसने यह कला सीख ली, उसने जीवन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण काम सीख लिया।

સાચો જવાબ: हमारा व्यक्तिगत जीवन केवल हम तक सीमित नहीं रहता; हमारे सुख-दुख का प्रभाव दूसरों पर भी पड़ता है। यदि हम उदास रहेंगे, तो हमारे आस-पास के लोग भी दुखी होंगे। अतः दूसरों को उदास होने से बचाना और खुद प्रसन्न रहकर माहौल को खुशनुमा रखना हमारा नैतिक उत्तरदायित्व (फ़र्ज़) है।

સાચો જવાબ: जब हमारे चारों तरफ केवल उदास, हताश और रोते हुए चेहरे जमा हों, तब हम चाहकर भी अपनी व्यक्तिगत खुशी का आनंद नहीं उठा सकते, क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और दूसरों का दुख उसे प्रभावित करता है।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के सविस्तार उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: लेखक ने मानव समाज की तुलना एक 'शीशाघर' से की है। इस शीशाघर में हमारे चेहरे का प्रतिबिंब एक ही समय में सैकड़ों शीशों पर पड़ता है, यानी हमारी मानसिक स्थिति का सीधा असर हमारे संपर्क में आने वाले लोगों पर होता है। मनुष्य अकेले नहीं जी सकता; वह पूरे समाज रूपी महासागर की एक छोटी-सी लहर है। जैसे नदी में उठने वाली एक अकेली लहर अनगिनत लहरों को जन्म देती है, वैसे ही हमारा सुख और दुख दूसरों तक फैलता है। हम जो कुछ भी अपने लिए करते हैं, उसमें समाज का भाग होता है। इसलिए हमारा जीवन केवल हमारी व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है, बल्कि वह पूरे मानव समाज की साझा धरोहर है।

સાચો જવાબ: प्रकृति के विश्वकर्मा (ईश्वर) ने इस सृष्टि रूपी सुंदर चित्र को अत्यंत सजीव और आनंदमय बनाया है। इस विराट चित्र में सूरज का चमकता हुआ मस्तक, चाँद का हँसता हुआ चेहरा, तारों की झलमलाहट, हवा में झूमते पेड़, पक्षियों का मधुर संगीत, कल-कल बहती नदियाँ और खिलते फूलों की सुंदर बहारें हैं। प्रकृति का हर एक कण उत्सव मना रहा है और खुश है। इस अत्यंत जीवंत और हँसते-खेलते संसार में हम एक बुझा हुआ दिल और रोता-सूखा चेहरा लेकर कभी फिट नहीं बैठ सकते। इस अद्भुत उत्सव रूपी सभा में वही जीवन सज सकता है जिसके चेहरे पर मुस्कान और आँखों में चमक हो।

સાચો જવાબ:

(कर्तृवाचक संज्ञा यानी कार्य को करने वाला कर्ता)





  • कला → कलाकार




  • नीति → नीतिकार / नीतिज्ञ




  • बात → बातूनी




  • दिल → दिलदार




  • सदाचार → सदाचारी




  • संगीत → संगीतकार




  • नृत्य → नर्तक / नृत्यांगना




સાચો જવાબ:


  • संसार → सांसारिक




  • विश्वास → विश्वसनीय / विश्वासी




  • प्रतिबिंब → प्रतिबिंबित




  • प्रकृति → प्राकृतिक




  • समय → सामयिक




  • अंश → आंशिक




સાચો જવાબ:


  • प्रसन्न → प्रसन्नता




  • सरल → सरलता




  • बड़ा → बड़प्पन




  • खुश → खुशी




  • उदास → उदासी




  • बहुत → बहुतायत




  • आदमी → आदमियत




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