ધોરણ 10 | విષય: Hindi
गरज उठे ब्यालीस कोटिजन, सुन ये वचन उछाह-भरे, काँप उठे प्रतिपक्षी जन-गण, उनके अंतस्तल सिहरे, आज नये युग के नयनों से ज्वलित अग्नि के पुंज भरे। कौन सामने आयेगा, यह देश महान् हमारा है भारतवर्ष हमारा है, यह हिन्दुस्तान हमारा है।
भावार्थ: इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि जब भारत के ब्यालीस करोड़ लोगों ने एक साथ मिलकर अपनी पूरी ताकत से यह नारा लगाया कि "भारत हमारा है", तो उनकी इस सिंहगर्जना को सुनकर हमारे सारे शत्रु और प्रतिपक्षी (अंग्रेज शासक व विरोधी) डर के मारे काँप उठे। उनके दिल दहल गए। आज नए युग के भारतीयों की आँखों में गुलामी के प्रति गहरा रोष और देश को स्वतंत्र कराने के लिए क्रांति की धधकती आग भरी हुई है। कवि चुनौती देते हुए पूछते हैं कि अब हमारे इस महान देश के सामने दीवार बनकर खड़ा होने का साहस किसमें है? कोई भी ताकत अब हमें रोक नहीं सकती क्योंकि यह पावन हिन्दुस्तान हमारा है।
निबंध: 'मेरा भारत'
प्रस्तावना: भारत एक अनोखा और महान देश है, जिसे हम आदर से 'भारत माता' और 'हिन्दुस्तान' भी कहते हैं। यह केवल ज़मीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और संस्कृति का केंद्र है।
प्राकृतिक और ऐतिहासिक वैभव: हमारे देश के उत्तर में हिमालय पर्वत मुकुट की तरह खड़ा है, तो दक्षिण में हिंद महासागर इसके चरण पखारता है। गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी नदियाँ इस धरती को हरा-भरा और उपजाऊ बनाती हैं। भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह राम, कृष्ण, बुद्ध और महावीर की भूमि है, जिन्होंने संसार को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया।
विविधता में एकता: भारत की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'विविधता में एकता' है। यहाँ अलग-अलग धर्मों, जातियों और भाषाओं को बोलने वाले लोग रहते हैं। विभिन्न त्योहार जैसे दीवाली, ईद, होली और क्रिसमस यहाँ मिल-जुलकर मनाए जाते हैं। अनेकता होने के बावजूद हम सब दिल से एक हैं और पहले भारतीय हैं।
उपसंहार: आज हमारा देश विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें अपनी मातृभूमि पर गर्व है। हम सब मिलकर अपने देश के विकास और इसकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेते हैं। सचमुच, हमारा भारतवर्ष सारे जहाँ से अच्छा है।