chapter 11

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ:

સાચો જવાબ: हिन्दुस्तान के प्रति जनता का अभिमान सृष्टि के प्रारंभ काल से है, जब सबसे पहले नव-निर्माण के सपने जागे और चाँद-तारे व सूरज बने।

 

સાચો જવાબ: नवयुग के नयनों में अन्याय के विरुद्ध और क्रांति की ज्वलित अग्नि का पुंज (समूह) भरा है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: यह स्वरधारा भारत देश में रहने वाले करोड़ों (कोटि-कोटि) देशवासियों की है। यह उनके दिलों की सामूहिक पुकार है, जो अपनी मातृभूमि के प्रति असीम गौरव, प्रेम और एकता को प्रकट करती है।

સાચો જવાબ: नवसर्जन (नई सृष्टि के निर्माण) के स्वप्न तब से जागे हैं जब इस ब्रह्मांड में समय और दिशा का विस्तार हुआ, आकाश का तंबू तना, और गगन में चाँद-तारे चमके। यानी सृष्टि के बिल्कुल शुरुआती क्षणों से ही ये स्वप्न जागे हैं।

સાચો જવાબ: भारतवर्ष हमारा जन्मस्थान उस अनादि काल से है, जब बादलों ने पहली बार उमड़ना-गरजना सीखा था, हवाओं ने तेज बहना सीखा था और समुद्रों ने अपनी लहरें उठानी सीखी थीं।

સાચો જવાબ: करोड़ों लोगों के उत्साह भरे वचन यही थे कि यह महान भारतवर्ष और प्यारा हिन्दुस्तान सिर्फ हमारा है। इन वचनों में स्वतंत्रता और स्वाभिमान का अनोखा जोश भरा हुआ था।

સાચો જવાબ: कवि भारत का प्रतिपक्षी (विरोधी) उन विदेशी शासकों, शोषकों और ताकतों को मानते हैं जो हमारे देश की आज़ादी को छीनना चाहते हैं और देश के विकास व अखंडता में बाधा डालते हैं।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: यह स्वरधारा भारत के उन ब्यालीस करोड़ (तत्कालीन जनसंख्या के अनुसार) देशवासियों की है जो गुलामी की जंजीरों को तोड़कर उठ खड़े हुए थे। यह स्वरधारा आज की नहीं, बल्कि उस अति प्राचीन (अनादि) काल से है जब सृष्टि की रचना हुई थी। जब सबसे पहले संसार में चाँद-तारे टिमटिमाए, नदियों और सागरों ने बहना व लहराना सीखा और बादलों ने गरजना शुरू किया, उसी आदि क्षण से यह धरती हमारी रही है और हमारे पूर्वज यहाँ गौरव के साथ रहते आए हैं।

સાચો જવાબ: कवि बालकृष्ण 'नवीन' भारत की प्राचीनता और उसकी महानता का बखान करते हुए कहते हैं कि हमारा देश इतिहास से भी पुराना है। यहाँ की करोड़ों जनता अब जाग चुकी है और उनके भीतर स्वाभिमान व देशप्रेम की लहर दौड़ रही है। अब भारतीयों की आँखों में कायरता नहीं, बल्कि न्याय की रक्षा के लिए क्रांति की आग धधक रही है। इस शक्तिशाली और महान देश के सामने आँख उठाकर देखने की हिम्मत अब किसी भी शत्रु में नहीं है।

સાચો જવાબ:

गरज उठे ब्यालीस कोटिजन, सुन ये वचन उछाह-भरे, काँप उठे प्रतिपक्षी जन-गण, उनके अंतस्तल सिहरे, आज नये युग के नयनों से ज्वलित अग्नि के पुंज भरे। कौन सामने आयेगा, यह देश महान् हमारा है भारतवर्ष हमारा है, यह हिन्दुस्तान हमारा है।




भावार्थ: इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि जब भारत के ब्यालीस करोड़ लोगों ने एक साथ मिलकर अपनी पूरी ताकत से यह नारा लगाया कि "भारत हमारा है", तो उनकी इस सिंहगर्जना को सुनकर हमारे सारे शत्रु और प्रतिपक्षी (अंग्रेज शासक व विरोधी) डर के मारे काँप उठे। उनके दिल दहल गए। आज नए युग के भारतीयों की आँखों में गुलामी के प्रति गहरा रोष और देश को स्वतंत्र कराने के लिए क्रांति की धधकती आग भरी हुई है। कवि चुनौती देते हुए पूछते हैं कि अब हमारे इस महान देश के सामने दीवार बनकर खड़ा होने का साहस किसमें है? कोई भी ताकत अब हमें रोक नहीं सकती क्योंकि यह पावन हिन्दुस्तान हमारा है।


સાચો જવાબ:

निबंध: 'मेरा भारत'



प्रस्तावना: भारत एक अनोखा और महान देश है, जिसे हम आदर से 'भारत माता' और 'हिन्दुस्तान' भी कहते हैं। यह केवल ज़मीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और संस्कृति का केंद्र है।



प्राकृतिक और ऐतिहासिक वैभव: हमारे देश के उत्तर में हिमालय पर्वत मुकुट की तरह खड़ा है, तो दक्षिण में हिंद महासागर इसके चरण पखारता है। गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी नदियाँ इस धरती को हरा-भरा और उपजाऊ बनाती हैं। भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह राम, कृष्ण, बुद्ध और महावीर की भूमि है, जिन्होंने संसार को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया।



विविधता में एकता: भारत की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'विविधता में एकता' है। यहाँ अलग-अलग धर्मों, जातियों और भाषाओं को बोलने वाले लोग रहते हैं। विभिन्न त्योहार जैसे दीवाली, ईद, होली और क्रिसमस यहाँ मिल-जुलकर मनाए जाते हैं। अनेकता होने के बावजूद हम सब दिल से एक हैं और पहले भारतीय हैं।



उपसंहार: आज हमारा देश विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें अपनी मातृभूमि पर गर्व है। हम सब मिलकर अपने देश के विकास और इसकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेते हैं। सचमुच, हमारा भारतवर्ष सारे जहाँ से अच्छा है।













 
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