chapter 14

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ:

बिस्मिल की माताजी का सबसे बड़ा आदेश यह था कि क्रांतिकारी आंदोलनों के दौरान किसी भी मनुष्य की प्राणहानि न हो और अपने शत्रु को भी कभी प्राणदंड न दिया जाए।


સાચો જવાબ:

बिस्मिल की एकमात्र इच्छा यह थी कि वे एक बार श्रद्धापूर्वक अपनी माताजी के चरणों की सेवा करके अपने जीवन को सफल बना सकें।


સાચો જવાબ:

बिस्मिल ने वकालतनामे पर अपने पिताजी के जाली हस्ताक्षर करने से मना कर दिया क्योंकि दूसरों के हस्ताक्षर करना वे धर्म के विरुद्ध और पाप समझते थे।


સાચો જવાબ:

जब बिस्मिल ने आर्यसमाज में प्रवेश किया और घर पर अपनी माताजी से देश, धर्म और समाज के विषयों पर बातचीत करना शुरू किया, तब उनकी माताजी के विचार अधिक उदार हो गए थे।


2. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ:

काकोरी रेल डकैती कांड में बिस्मिल को अंग्रेजी सरकार द्वारा फाँसी की सजा सुनाई जा चुकी थी। जेल की कालकोठरी में बंद होने के कारण उन्हें अपनी माँ के चरणों की सेवा करने का अवसर मिलना असंभव लग रहा था।


સાચો જવાબ:

बिस्मिल अपनी माँ से यह वर माँगते हैं कि फाँसी के अंतिम समय में भी उनका हृदय किसी भी प्रकार विचलित न हो, और वे अपनी माँ के चरण-कमलों का ध्यान करते हुए तथा ईश्वर का स्मरण करते हुए हँसते-हँसते अपने प्राण त्याग सकें।


સાચો જવાબ:

गुरु गोबिन्द सिंह जी की पत्नी ने अपने पुत्रों के बलिदान पर मिठाई इसलिए बाँटी क्योंकि उनके पुत्रों ने धर्म की रक्षा के लिए अपनी भारत भूमि पर वीरतापूर्वक प्राण न्योछावर किए थे, जिससे वे अत्यंत प्रसन्न हुईं।


સાચો જવાબ:

बिस्मिल की माँ विवाह के समय नितांत अशिक्षित थीं। घर आकर उन्होंने पहले गृहकार्य सीखा। बाद में घर के सारे काम निपटाने के बाद मिले समय में वे मोहल्ले की शिक्षित सहेलियों से अक्षर-ज्ञान प्राप्त करती थीं। अपने कठिन परिश्रम से थोड़े ही दिनों में वे देवनागरी पुस्तकों का अध्ययन करने लगीं।


3. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ:

बिस्मिल के व्यक्तित्व के निर्माण में उनकी माँ का अतुलनीय योगदान था। बचपन से ही उनकी माँ ने उन्हें प्रेम और स्नेह से सही-गलत का अंतर समझाया। जब पिताजी और दादीजी विवाह या अन्य बातों का दबाव बनाते, तो माँ बिस्मिल का पक्ष लेतीं और पढ़ाई पूरी करने का समर्थन करतीं। लखनऊ कांग्रेस में जाने और सेवा-समिति में काम करने के लिए माँ ने पिताजी की डाँट सहकर भी बिस्मिल को धन और प्रोत्साहन दिया। माँ ने उनमें सत्य, अहिंसा, देशभक्ति और देशसेवा के संस्कार बोए, जिससे वे एक महान क्रांतिकारी बन सके।


સાચો જવાબ:

रामप्रसाद बिस्मिल एक सच्चे देशभक्त, निर्भीक क्रांतिकारी और परम सत्यवादी व्यक्ति थे।






  • सत्यनिष्ठा: वे जीवन भर सत्य के मार्ग पर चले; वकालतनामे पर पिताजी के फर्जी हस्ताक्षर न करना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।




  • मातृभक्ति: वे अपनी माँ और भारत माता को सर्वोपरि मानते थे।




  • दृढ़ संकल्पी: किसी भी संकट या विरोध के सामने वे अपने विचारों और संकल्पों से पीछे नहीं हटे।




  • अहिंसा एवं दया: अपनी माँ के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने शत्रुओं पर भी प्राणघाती वार करने से परहेज किया।




સાચો જવાબ:

हमें बिस्मिल की माताजी के निम्नलिखित गुणों ने सबसे अधिक प्रभावित किया:






  1. शिक्षा के प्रति लगन: विपरीत परिस्थितियों और व्यस्तता के बावजूद घर पर सहेलियों से पढ़कर खुद को शिक्षित बनाना।




  2. उदारता और देशभक्ति: अपने पुत्र को भारत माता की सेवा में हँसते-हँसते समर्पित कर देना और संकट के समय भी कभी अधीर न होना।




  3. स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन: बिस्मिल की गलतियों पर उन्हें डांटने के बजाय प्रेम से समझाना। इन गुणों से सिद्ध होता है कि माँ केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि महान व्यक्तित्व का निर्माण भी करती है।




સાચો જવાબ:


  • विरोध × समर्थन




  • खर्च × बचत / आमदनी




  • आरंभ × अंत / समाप्त




  • उत्साह × निरुत्साह / अनुत्साह




  • सद्व्यवहार × दुर्व्यवहार




  • उत्तर × प्रश्न / दक्षिण




સાચો જવાબ:


  • माँ: जननी, माता, धात्री




  • संकट: विपत्ति, आपदा, मुसीबत




  • सत्य: सच, यथार्थ, ऋत




  • ऋण: कर्ज़, उधार




  • परमात्मा: ईश्वर, भगवान, परमेश्वर




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