chapter 16

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: रुकावट आ गई।
B: तेजी आ गई।
C: बदल गई।
D: सुधार आ गई।

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
A: मालती
B: बिन्दू
C: नंदन
D: नयन

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
A: संदूक
B: अनाज
C: ट्रंक
D: सामान

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
A: कुन्दन
B: नंदन
C: मालती
D: बिन्दू

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: चिंता की रेखा
B: प्रसन्नता भरी मुस्कुराहट
C: प्रसन्नता
D: मुस्कुराहट
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: : मालती को आशंका हुई कि बिन्दू कमरे से कुछ चुराकर ले जा रहा है

સાચો જવાબ: नंदन ने कहा कि असली बात जानने का यह तरीका नहीं है।

સાચો જવાબ: वहाँ थोड़े से काजू और कुछ किसमिशें पड़ी हुई दिखीं।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: नंदन ने बिन्दू पर गुस्सा करने या डांटने के बजाय उसे प्यार और आत्मीयता से समझाया। उसने बिन्दू से कहा कि वह उससे कुछ नहीं कहेगा और उसे सच बताने के लिए प्रेरित किया।

સાચો જવાબ: बिन्दू को अपनी गलती का गहरा अहसास हुआ। वह बिना किसी को बताए चुपचाप नदीवाली कोठरी में जाकर पड़ा रहा और सुबह से शाम तक भूखा-प्यासा रहा।

સાચો જવાબ: मालती को चिंता हुई कि बालक ही तो है, भूखा-प्यासा न जाने कहाँ भटक रहा होगा। उसे अपनी कड़ाई पर पछतावा हुआ और वह उसे ढूँढने लगी।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के पाँच-छः वाक्यों में उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: मालती नौकरों को शंका की दृष्टि से देखती थी और मानती थी कि कड़ाई और पुलिस के डर के बिना नौकर सही नहीं रहते। इसके विपरीत, नंदन नौकरों को परिवार का अंग मानता था। उसका मानना था कि जब तक घर में खाई जाने वाली चीजें सबको नहीं मिलतीं, तब तक चोरी की भावना जन्म लेती है। वह आत्मीयता और प्यार से काम लेने में विश्वास रखता था।

સાચો જવાબ: चोरी का पता लगने पर नंदन ने बिन्दू को डांटने के बजाय कनस्तर से एक मुट्ठी मेवा निकालकर खाने को दिया। नंदन का मानना था कि बिन्दू चोर नहीं है, बल्कि परिस्थिति ऐसी है। नंदन के अनुसार, जब घर के मालिक रोज़ मेवा खाते हैं और नौकर को नहीं मिलती, तो उसका मन ललचा जाना स्वाभाविक है।

સાચો જવાબ: जब मालती को पता चला कि बिन्दू नदीवाली कोठरी में है, तो वह तुरंत चप्पल पहनकर वहाँ गई और बिन्दू को घर वापस ले आई। उसने बिन्दू से भूखे रहने का कारण पूछा और फिर खुद रसोई में ले जाकर प्यार से उसे भरपेट खाना परोसकर खिलाया।

સાચો જવાબ:


  • 'बिन्दू ! ओ बिन्दू ! ठहर, कहाँ जाता है?' → मालती




  • 'सच बाबूजी, मेरे हाथ में झाड़ू थी और कूड़ा था।' → बिन्दू




  • 'असली बात जानने का यह तरीका नहीं है।' → नंदन




  • 'अरे, बोलता क्यों नहीं ? मुँह में जबान नहीं है ?' → नंदन




  • 'अरे, वह तो नदीवाली कोठरी में पड़ा है।' → कुन्दन




સાચો જવાબ:


  • बेइमान × ईमानदार




  • मालिक × नौकर / दास




  • असली × नकली




  • झूठ × सच




સાચો જવાબ:


  • बच्चा → बचपन




  • मुस्कुराना → मुस्कुराहट




  • लड़का → लड़कपन




  • प्रसन्न → प्रसन्नता




  • बूढ़ा → बुढ़ापा




  • पागल → पागलपन




  • चोर → चोरी




સાચો જવાબ:

(1) 'लातों के देव बातों से नहीं मानते हैं।'



आशय: इस कहावत का अर्थ है कि दुष्ट या हठी स्वभाव के लोग प्यार या समझाने से नहीं मानते, वे केवल कड़ाई या दंड की भाषा ही समझते हैं। मालती ने बिन्दू पर गुस्सा करते हुए यह बात कही थी।



(2) 'हम क्यों ऐसी चीजें खायें जो सबको नहीं मिलती, इसीसे तो चोरी की भावना को जन्म मिलता है।'



आशय: नंदन का मानना है कि समाज या घर में गैर-बराबरी ही अपराध का मुख्य कारण है। जब हम दूसरों के सामने ऐसी चीजें खाते हैं जो उन्हें नहीं मिलतीं, तो उनके मन में लालच आता है और वे चोरी करने पर मजबूर होते हैं। समानता और सौहार्द से चोरी की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है।



योग्यता-विस्तार:



'मालती की ममता'



'चोरी' कहानी में मालती का चरित्र एक गृहिणी का है जो शुरुआत में कड़क और शक्की दिखाई देती है। बिन्दू द्वारा मेवा चुराए जाने पर वह बहुत गुस्सा होती है और उसे पुलिस में देने तक की बात करती है। लेकिन जब बिन्दू घर छोड़कर चला जाता है और शाम तक वापस नहीं लौटता, तब मालती के भीतर छिपी माँ की ममता जाग उठती है। वह बिन्दू के लिए चिंतित हो जाती है और खुद को कोसने लगती है। जब उसे पता चलता है कि बिन्दू नदीवाली कोठरी में भूखा-प्यासा पड़ा है, तो वह खुद जाकर उसे लाती है और बड़े प्यार से भोजन कराती है। इससे स्पष्ट होता है कि मालती का हृदय ऊपर से भले ही कठोर लगे, लेकिन अंदर से वह ममता और वात्सल्य से भरा हुआ है।










 
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