chapter 18

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
A: निमेष
B: नरेश
C: अविनाश
D: रमेश

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
A: रमेश
B: निमेष
C: नरेश
D: गोपी
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: : गोपी उत्तर देती है कि "कविता तो आत्मा की कला है, संवेदना का सौंदर्य है।"

સાચો જવાબ: ग्राम पंचायत के सदस्य भ्रष्टाचार में लिप्त थे और युवाओं की माँगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे थे, इसलिए रमेश और नरेश उनका विरोध करते थे।

સાચો જવાબ: अविनाश पढ़े-लिखे युवाओं का प्रतिनिधि है और उसका मानना है कि पढ़े-लिखे होने के नाते उनकी जिम्मेदारी बड़ी है, इसलिए किसी का तिरस्कार नहीं करना चाहिए।

સાચો જવાબ: अधिकारियों के अनदेखा करने के बावजूद अविनाश को विश्वास था कि आज नहीं तो कल वे उनकी बात ज़रूर मानेंगे, इसलिए रमेश ने उसे आशावादी कहा।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए

સાચો જવાબ: गाँव के युवक पंचायत के पदाधिकारियों के भ्रष्टाचार, घाटे के कारणों, उर्वरकों के असमान वितरण तथा गरीबों के राशन को काला बाज़ार में बेचने की धांधली से बेहद नाराज़ थे।

સાચો જવાબ: उन्होंने पहले प्रार्थना-पत्र दिए, फिर उपवास पर बैठे, संस्कृत-प्रचुर शिष्ट भाषा में आवेदन पत्र भेजा और अंत में उपेक्षा से तंग आकर पथराव (तोड़-फोड़) का सहारा लिया।

સાચો જવાબ: : नरेश और उसके साथी अधिकारियों की अनदेखी से आक्रोशित होकर अपने हाथों से हिंसा और पथराव करके पंचायत भवन तथा अधिकारियों पर अपना गुस्सा निकालना चाहते थे।

સાચો જવાબ: पंचायत के सदस्य युवाओं का आवेदन पत्र लेकर पीछे के दरवाजे से भाग गए थे। इस उपेक्षा से रमेश का गुस्सा भड़क गया और उसने विरोध प्रकट करने के लिए पथराव करने का निर्णय लिया।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के पाँच-छः वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: अविनाश अहिंसक और रचनात्मक दृष्टिकोण का समर्थक है। उसका मानना है कि पंचायत भवन गाँव की ही संपत्ति है और जब इसकी नींव रखी जा रही थी, तब उसने स्वयं निर्माण में हाथ बँटाया था। जिस चीज़ को हमने खुद बनाया है या जो हमारी अपनी है, उसे नुकसान पहुँचाना गलत है। वह जानता है कि तोड़-फोड़ से समस्याओं का समाधान नहीं होता। इसलिए वह अपनी जान जोखिम में डालकर भी पथराव का विरोध करता है।

સાચો જવાબ: : 'रचना' एकांकी से हमें सीख मिलती है कि विरोध या क्रांति का मार्ग हिंसक और विनाशकारी नहीं होना चाहिए। नवनिर्माण और सुधार के लिए धैर्य, अहिंसा और रचनात्मक सोच की आवश्यकता होती है। जो वस्तु या समाज हमने खुद नहीं बनाया, उसे नष्ट करने का अधिकार हमें नहीं है। सच्चा विरोध वही है जो सत्य के मार्ग पर टिका रहे और विनाश के बजाय सृजन को बढ़ावा दे।
5. निम्नलिखित वाक्य किसने कहे हैं, लिखिए :

સાચો જવાબ:

(1) "ये सुशिक्षित हैं, समझदार भी हैं परंतु अभी इन्होंने अपने हाथ से कुछ रचा नहीं है ।"



उत्तर: यह वाक्य अविनाश ने कहा है।



(2) "कविता समझने से कोई फायदा नहीं होगा ।"



उत्तर: यह वाक्य रमेश ने कहा है।



(3) "अपशब्दों के उपयोग पर अविनाश का प्रतिबंध है ।"



उत्तर: यह वाक्य रमेश ने कहा है।



(4) "हो सकता है, किसी नए प्रसाद की रचना इस विद्रोह और प्रतीक्षा के बीच जन्म ले ।"



उत्तर: यह वाक्य गोपी ने कहा है।




 

સાચો જવાબ:

(1) 'कविता आत्मा की कला है, संवेदना का सौंदर्य है ।'



आशय: इस पंक्ति का अर्थ है कि कविता केवल शब्दों का समूह या कोरी बुद्धि की उपज नहीं है। यह मनुष्य की आत्मा की गहराई और उसकी मानवीय भावनाओं (संवेदनाओं) की सुंदर अभिव्यक्ति है। कविता व्यक्ति के भीतर संवेदनशीलता और आत्मीयता जगाती है।


સાચો જવાબ:


  • फायदा × नुकसान / घाटा




  • शिक्षित × अशिक्षित




  • कोमल × कठोर




  • भ्रष्टाचार × सदाचार




  • सहयोग × असहयोग




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