chapter 20

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: वे अत्यंत गरीब थे ।
B: बचे हुए पैसे किसी न किस तरह खर्च हो जाते थे ।
C: रुपये देने की उनकी दानत ही नहीं थी ।
D: पैसे देने जितनी रकम इकट्ठी ही नहीं होती थी ।

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
A: उनकी कोई ज्यादा रकम नहीं मिल सकती थी ।
B: उनके भाई की अमानत थी ।
C: उनके रोते हुए बच्चे उनमें के चित्रों को देखकर चुप हो जाते थे ।
D: पत्रिकाएँ उन्हें बहुत प्रिय थीं

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: बेच दिए
B: अलबम बनाया
C: बच्चों को बाँट दिये
D: दीवारों पर सजा दिये

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
A: एक हजार
B: दो सौ
C: दो हजार
D: एक सौ

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (D)
A: उन्हें अपने पैसे वापस मिल गए ।
B: पंडित शादीराम की उदारता और सज्जनता के कारण ।
C: परमात्मा ने उनकी बात स्वीकार कर ली ।
D: मारवाड़ी सेठ ने अलबम खरीद लिया था । (शादीराम को प्रसन्न देखकर और उनका स्वाभिमान बचाकर)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: पंडित शादीराम के बचाए हुए अस्सी रुपये उनके बेटे की चार महीने की लंबी बीमारी तथा दवा-दारू में खर्च हो गए।

સાચો જવાબ: पुरानी पत्रिकाओं में सुंदर और रंगीन चित्र थे, जिन्हें देखकर उनके रोते हुए बच्चे चुप हो जाते थे, इसलिए वे उन्हें नहीं बेचते थे।

સાચો જવાબ: सदानंद ने शादीराम को पत्रिकाओं से सुंदर चित्र छाँटकर एक अलबम बनाने और विज्ञापन देकर उसे बेचने की सलाह दी।

સાચો જવાબ: पंडित शादीराम लाला सदानंद के सिरहाने बैठकर अपनी पूरी आत्मा और मन से भगवद्गीता सुनाते थे और उनके स्वास्थ्य के लिए दिन-रात माला फेरकर दुआएँ करते थे।

સાચો જવાબ: सदानंद नहीं चाहते थे कि पंडित शादीराम को यह पता चले कि अलबम उन्होंने स्वयं खरीदा है, ताकि पंडितजी के मन में यह मलाल न रहे कि उनका ऋण उतरा नहीं है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: पंडित शादीराम एक ईमानदार और स्वाभिमानी इंसान थे। लाला सदानंद की अत्यधिक सज्जनता और भलमनसी के कारण उनसे नजरें मिलाना मुश्किल होता था, इसलिए वे जल्द से जल्द कर्ज चुकाकर अपने सिर का बोझ हल्का करना चाहते थे।

સાચો જવાબ: लाला सदानंद ने पंडितजी की पुरानी पत्रिकाओं के बढ़िया चित्रों को एकत्र करवाकर एक सुंदर अलबम तैयार करवाया और समाचार पत्र में उसका विज्ञापन दिलवा दिया ताकि उसे बेचकर कर्ज उतारा जा सके।

સાચો જવાબ: शादीराम को अलबम के बदले मारवाड़ी सेठ का पत्र और पाँच सौ रुपये का ड्राफ्ट (मनीऑर्डर) मिला। उन्होंने वही पाँच सौ रुपये ले जाकर लाला सदानंद को देकर अपना कर्ज चुका दिया।

સાચો જવાબ: पंडितजी समझ गए थे कि सदानंद ने उनका स्वाभिमान बचाने के लिए खुद गुप्त रूप से अलबम खरीदा था। यजमान का यह उपकार और महानता देखकर वे स्तब्ध रह गए और संकोचवश कुछ न कह सके।

સાચો જવાબ: पंडितजी सोच रहे थे कि अलबम बेचकर उन्होंने सदानंद का कर्ज चुका दिया है, पर जब उन्हें पता चला कि सदानंद ने ही स्वयं अलबम खरीदा था, तो उन्हें लगा कि पैसे तो नहीं उतरे बल्कि सदानंद का अहसान और भलमनसी का ऋण दुगुना हो गया है।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: पंडित शादीराम लाला सदानंद के पाँच सौ रुपये के कर्जदार थे। वे अत्यंत गरीब थे और जब भी थोड़ा-बहुत पैसा बचाते, कोई न कोई खर्च आ जाता था। लाला सदानंद इतने भले इंसान थे कि उन्होंने कभी पैसों का तगादा नहीं किया। शादीराम मानते थे कि अत्याचार का सामना सिर उठाकर किया जा सकता है, पर भलमनसी के आगे आँखें नहीं उठतीं। यजमान की इसी सज्जनता के दबाव के कारण उनके दिल में शांति नहीं थी।

સાચો જવાબ: घोर निराशा के बीच जब लाला सदानंद ने चित्रों का अलबम बनाकर विज्ञापन देने का सुझाव दिया, तो शादीराम को धन कमाने की एक नई किरण दिखाई दी। जब उन्होंने दिनभर बैठकर दो सौ बढ़िया और रंगीन चित्र छाँट लिए, तो सफलता की संभावना देखकर उनकी खुशी का ठिकाना न रहा और वे उम्मीद की किरण से झूम उठे।

સાચો જવાબ: लाला सदानंद एक सहृदय, दयालु और समझदार इंसान थे। वे जानते थे कि पंडित शादीराम अत्यंत गरीब और विवश हैं। वे पंडितजी का सम्मान करते थे और नहीं चाहते थे कि पैसों के कारण पंडितजी के स्वाभिमान को चोट पहुँचे या वे मानसिक तनाव में रहें। इसलिए वे पैसे लेने से कतराते थे।

સાચો જવાબ: लाला सदानंद एक उच्च आदर्शों वाले, परोपकारी, संवेदनशील और सज्जन व्यक्ति हैं। वे केवल पैसों से ही नहीं, बल्कि दिल से भी अमीर हैं। अपने पुरोहित पंडित शादीराम की गरीबी और विवशता को समझकर वे कभी पैसों का तगादा नहीं करते। पंडितजी का स्वाभिमान बचाए रखने के लिए वे गुप्त रूप से स्वयं अलबम खरीद लेते हैं। उनका चरित्र मानवीय मूल्यों और सच्चे संबंधों को बचाए रखने का अद्भुत प्रतीक है।
5. सूचनानुसार लिखिए :

સાચો જવાબ:


  • हाथ: कर, हस्त




  • आँख: नयन, नेत्र, चक्षु




  • ऋण: कर्ज, उधार




  • अंधकार: अंधेरा, तम, तिमिर




  • परमात्मा: ईश्वर, भगवान, प्रभु




સાચો જવાબ:


  • ठंडी × गर्म




  • परवाह × लापरवाही / बेपरवाही




  • सज्जन × दुर्जन




  • जीवित × मृत




  • निराशा × आशा




  • सफल × असफल




  • दया × निर्दयता




સાચો જવાબ:


  1. विवशता, भलमनसी




  2. आशा




  3. दया, सज्जनता




  4. झूठ




સાચો જવાબ:


  • 1. ठंडी आह भरना





    • अर्थ: दुःखी होना / निराश होना




    • वाक्य: फसल नष्ट हो जाने पर किसान ने ठंडी आह भरी।






  • 2. पेट काटकर बचाना





    • अर्थ: थोड़े खर्च में काम चलाकर बचत करना




    • वाक्य: माता-पिता अपना पेट काटकर बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ते हैं।






  • 3. भार उतारना





    • अर्थ: कर्ज या जिम्मेदारी से मुक्त होना




    • वाक्य: पंडित शादीराम जल्द से जल्द अपने सिर का ऋण रूपी भार उतारना चाहते थे।






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