chapter 22

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
A: द्रव्य-भक्ति
B: तरल-भक्ति
C: धन-भक्ति
D: प्रभु-भक्ति

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: चाँदी
B: सोना
C: मोती
D: हीरा

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (D)
A: विज्ञान की खोज नहीं हुई थी तब तक
B: टी.वी. की खोज नहीं हुई थी तब तक
C: ) टेलिफोन की खोज नहीं हुई थी तब तक
D: पैसों की खोज नहीं हुई थी तब तक

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
A: विवेकानंद
B: दयानंद
C: डंकन
D: श्री अरविंद
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए

સાચો જવાબ: जब लोग अमीर बनने के कृत्रिम चाव (दिखावे) में फँस जाते हैं, तब वे अंतःकरण की अमीरी की सुगंध खो देते हैं।

સાચો જવાબ: 'धन' सुख का जादूगर भी है और शांति का डकैत भी है।

સાચો જવાબ: आज जीवन का नियंत्रक परिबल 'धन' बन गया है।

સાચો જવાબ: अमीर दूसरों को उल्लू बनाकर (धोखा देकर या षड्यंत्र से) धन कमाता है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: तृष्णा (लालच) डाकू की तरह मनुष्य के मन की शांति, नैतिकता और नेकी को चुरा लेती है। जैसे ही तृष्णा बढ़ती है, मनुष्य के मानवीय मूल्य और भलाई समाप्त हो जाते हैं, इसलिए इसे परंपरागत डाकूरानी कहा गया है।

સાચો જવાબ:

સાચો જવાબ: आज वास्तविक धन सहृदयता, आत्मीयता, आशा, उल्लास तथा प्रेम जैसे गुणों में समाया है। ये गुण मनुष्य को भीतर से समृद्ध और शांत बनाते हैं, जिन्हें भौतिक धन-दौलत से नहीं खरीदा जा सकता।

સાચો જવાબ: आज धन ही जीवन का मुख्य नियंत्रक परिबल बन गया है। हर कोई अधिक से अधिक धन कमाने की अंधी दौड़ में शामिल है, जिसके कारण नैतिकता पीछे छूट गई है और मनुष्य की वृत्ति तथा प्रवृत्ति दोनों ही भ्रष्ट हो गई हैं।

સાચો જવાબ: जॉन डंकन के जीवन से संदेश मिलता है कि गरीबी और शारीरिक अपंगता सफलता में बाधक नहीं बनतीं। यदि मन में दृढ़ संकल्प, लगन और निःस्वार्थ भाव हो, तो मनुष्य हर कठिनाई पार करके महानता प्राप्त कर सकता है और दूसरों का कल्याण कर सकता है।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: पोम्पीनगर के खंडहरों की खुदाई में मिले नर कंकाल की मुट्ठी में 'सोना' था, जबकि एक व्यापारी के हाथ में अंतिम साँस तक 'पैसों से भरी थैली' थी। दोनों ने मरते दम तक धन-दौलत को मजबूती से पकड़े रखा था। ऐसा इसलिए था क्योंकि वे अत्यंत तृष्णातुर और धनलोभी थे। उनका मानना था कि भौतिक संपत्ति ही सब कुछ है और इसी मोह के कारण वे मृत्यु के समय भी धन को नहीं छोड़ पाए।

સાચો જવાબ: जॉन डंकन एक गरीब, अशक्त और अनपढ़ बुनकर का पुत्र था। बचपन में ढोर चराते समय और कठिन परिस्थितियों में भी उसने हिम्मत नहीं हारी। 16 वर्ष की उम्र में उसने एक छोटी लड़की की मदद से अक्षर ज्ञान सीखा। जंगल में भटकने के कारण उसे वनस्पतियों की जानकारी थी। उसने जी-तोड़ मेहनत करके पाँच शिलिंग जुटाए और वनस्पतिशास्त्र की किताब खरीदकर उसका गहरा अध्ययन किया। उसकी निष्ठा, अध्ययनशीलता और कठिन परिश्रम ने ही उसे इस विषय का महापंडित बनाया।

સાચો જવાબ: वाल्मीकि, स्वामी रामतीर्थ, विवेकानंद, दयानंद और अरविंद जैसे भारत के महापुरुष अत्यंत गरीबी, अभावों और कठिनाइयों के माहौल में पले-बढ़े थे। इतने विपरीत वातावरण में रहने के बावजूद उन्होंने कभी धन-लोभ में अपना धर्म या कर्तव्य नहीं छोड़ा और न ही अपनी नीयत खराब होने दी। जैसे कमल कीचड़ में उगकर भी निर्मल और सुंदर रहता है, वैसे ही इन महापुरुषों ने अभावों में रहकर भी अपने चरित्र, विचारों और कार्यों से समाज को आलोकित किया।

સાચો જવાબ: केवल भौतिक रूप से समृद्ध होना, बड़े घर बनाना और गहने पहनना असली अमीरी नहीं है। धन आने पर यदि व्यक्ति में अहंकार, लालच और पतन आ जाता है, तो वह धन को पचा नहीं पाता। असली धन 'भीतरी समृद्धि' यानी उदारता, प्रेम, त्याग और संतोष में है। जब मनुष्य अंदर से अमीर बनता है, तभी वह प्राप्त धन का सही और कल्याणकारी उपयोग कर पाता है। यही पैसा पचाने की सच्ची कला है।
5. निम्नलिखित कथनों को समझाइए :

સાચો જવાબ: स्पष्टीकरण: धन मनुष्य को भौतिक साधन, ऐश-आराम और सुविधाएँ प्रदान करके तात्कालिक सुख देता है, इसलिए यह सुख का जादूगर है। परंतु, धन प्राप्त करने और उसे सहेजने की अंधी दौड़ में मनुष्य के मन की शांति, संतोष और मानवीय मूल्य छीन जाते हैं, इसलिए यह शांति का डकैत भी है।

સાચો જવાબ: स्पष्टीकरण: प्राचीन भारतीय संस्कृति में त्याग, समर्पण और संयम से सच्चा आनंद प्राप्त होता था। लोग दूसरों के लिए त्याग करने में खुशी महसूस करते थे। परंतु आज के उपभोक्तावादी युग में लोग केवल अपनी इच्छाओं की पूर्ति (भोग) करना चाहते हैं और काम निकल जाने के बाद रिश्तों व वस्तुओं को फेंक देते हैं।

સાચો જવાબ: स्पष्टीकरण: आज के समाज में व्यक्ति का मूल्य उसकी नैतिकता, संस्कारों या गुणों से नहीं, बल्कि उसके पास मौजूद धन-दौलत से मापा जाता है। धन ही मनुष्य की सोच, व्यवहार, निर्णय और सामाजिक स्थिति को नियंत्रित कर रहा है, इसलिए धन ही जीवन का मुख्य नियंत्रक परिबल बन चुका है।
6. सूचनानुसार लिखिए :

સાચો જવાબ:


  • चैन की साँस लेना





    • अर्थ: राहत पाना / शांति मिलना




    • वाक्य: परीक्षा खत्म होने के बाद विद्यार्थियों ने चैन की साँस ली।






  • खून-पसीना एक करना





    • अर्थ: बहुत कठोर परिश्रम करना




    • वाक्य: किसान खेतों में दिन-रात खून-पसीना एक करके अनाज उगाता है।






સાચો જવાબ:


  • अमीर: अमीराना




  • परिवार: पारिवारिक




  • अभिमान: अभिमानी




  • परिश्रम: परिश्रमी




  • दिन: दैनिक




  • दर्शन: दर्शनीय




સાચો જવાબ:


  • मनुष्य: मनुष्यता / मनुष्यत्व




  • डाकू: डकैती




  • व्यक्ति: व्यक्तित्व




  • दुर्बल: दुर्बलता




  • लज्जा: लज्जित होना / लज्जालुता (अथवा लज्जा स्वयं भाववाचक संज्ञा है)




```php
Warning: session_start(): Session cannot be started after headers have already been sent in /home/u367000040/domains/gyanistudent.in/public_html/footer.php on line 8
```