chapter 23

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: कवि ने प्राणियों में सौंदर्य तब देखा है जब वे अपनी भूख मिटाने और जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए सक्रिय होकर संघर्ष करते हैं। भूख से लड़ने की यही जीवंतता और संघर्षशीलता उन्हें सुंदर बनाती है।

સાચો જવાબ: कवि के अनुसार जब बकरी अपनी भूख मिटाने के लिए पिछले दो पैरों पर खड़ी होकर काँटों के बीच से नन्हीं-नन्हीं पत्तियाँ खाती है, तब उसमें अद्भुत सुंदरता और जिजीविषा (जीने की इच्छा) प्रकट होती है।

સાચો જવાબ: कवि ने भूख की दशा को सुंदर इसलिए कहा है क्योंकि भूख निष्क्रियता को समाप्त करके प्राणी को संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। भूख से लड़ने की स्थिति में जीव अपना सर्वस्व झोंक देता है और यही संघर्षशीलता एवं जीवंतता प्राकृतिक सौंदर्य का असली रूप है।

સાચો જવાબ:

पंक्तियाँ:




जब भी



भूख से लड़ने



कोई खड़ा हो जाता है



सुन्दर दीखने लगता है




भावार्थ:



इन पंक्तियों के माध्यम से कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना सौंदर्य की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हैं। कवि कहते हैं कि सौंदर्य केवल शारीरिक बनावट या बाहरी रूप-रंग में नहीं होता, बल्कि जीवन के अस्तित्व की रक्षा और भूख मिटाने के संघर्ष में होता है।



चाहे कोई पशु हो, पक्षी हो या फिर मनुष्य—जब भी वह अपनी भूख और अभावों से मुकाबला करने के लिए सीना तानकर खड़ा होता है, तो उसकी यही संघर्षशीलता और जिजीविषा उसे बेहद सुंदर, प्रभावशाली और गरिमामय बना देती है।


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