chapter 3

ધોરણ 10 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (D)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: मनुष्य के रूप में रसखान गोकुल गाँव के ग्वालों के बीच बसना चाहते हैं।

સાચો જવાબ: पशु के रूप में कवि नंद बाबा की गायों के बीच रहकर ब्रज में निवास करना चाहते हैं।

સાચો જવાબ: रसखान गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं, जिसे कृष्ण ने अपनी उंगली पर उठाया था।

સાચો જવાબ: पशुयोनि में जन्म मिलने पर कवि हर रोज़ नंद जी की गायों के बीच चरना चाहते हैं।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: लकुटी (लाठी) और कमरिया (कमल) लेकर रसखान ग्वालों के संग वन-वन गायें चराना चाहते हैं। वे ऐसा इसलिए करना चाहते हैं ताकि उन्हें श्रीकृष्ण के पास होने का सुख और उनकी लीला-भूमि का सामीप्य मिल सके।

સાચો જવાબ: गोपी श्रीकृष्ण को रिझाने के लिए उनके जैसा रूप धारण करना चाहती है। वह अपने सिर पर मोरपंख का मुकुट लगाएगी, गले में गुंज की माला पहनेगी, पीले वस्त्र (पितंबर) ओढ़ेगी और हाथ में लाठी लेकर ग्वालिनों के साथ वनों में घूमेगी।

સાચો જવાબ: गोपी कृष्ण की मुरली को अपनी सौत (सहेली रूपी दुश्मन) मानती है, क्योंकि जब कृष्ण मुरली बजाते हैं तो वे गोपियों को भूल जाते हैं। इसलिए गोपी कृष्ण के होठों पर सजी उस मुरली को अपने होठों (अधरों) पर कभी नहीं रखना चाहती।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: रसखान हर योनि में कृष्ण की जन्मभूमि ब्रज में ही रहना चाहते हैं। वे कहते हैं कि यदि उन्हें मनुष्य का जन्म मिले तो वे गोकुल के ग्वालों के बीच रहें। यदि वे पशु बनें तो नंद की गायों के बीच चरें। यदि वे पत्थर बनें तो उसी गोवर्धन पर्वत का हिस्सा बनें जिसे कृष्ण ने छत्र की तरह उठाया था। और यदि वे पक्षी बनें तो यमुना किनारे कदंब के पेड़ों की डालियों पर अपना बसेरा बनाएँ। इस प्रकार वे हर रूप में कृष्ण के पास रहना चाहते हैं।

સાચો જવાબ: कवि श्रीकृष्ण की लाठी (लकुटी) और कंबल (कामरिया) पाने की अभिलाषा करते हैं। इसके लिए वे तीनों लोकों का राज्य भी छोड़ने को तैयार हैं। वे नंद की गायों को चराने के बदले आकाश और पाताल की आठों सिद्धियों और नौ निधियों का सुख भूलने को तैयार हैं। साथ ही, ब्रज के वन, बाग और कँटीली झाड़ियों (करील के कुंजों) के दर्शन के लिए वे सोने के करोड़ों महलों (कलधौत के धाम) को न्योछावर करने की इच्छा रखते हैं।

સાચો જવાબ: जब से कृष्ण ने ब्रज के वनों में गायें चराते हुए अपनी जादुई मुरली बजाई है, तब से ब्रज की स्त्रियाँ उस मोहिनी तान से सम्मोहित हो गई हैं। ऐसा लगता है जैसे कृष्ण ने कोई टोना (जादू) कर दिया हो और वे सबके दिलों में समा गए हों। इस मुरली के प्रभाव से ब्रज की गोपियाँ अपनी लोक-लाज और बड़ों की मर्यादा भूल गई हैं। अब कोई किसी की परवाह नहीं करता और पूरा ब्रज जैसे कृष्ण के हाथों बिक गया है।

સાચો જવાબ: रसखान कृष्ण के प्रति अपनी अनन्य भक्ति दिखाने के लिए संसार का सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हैं। वे कृष्ण की लाठी और कंबल पर तीनों लोकों का राज-पाट छोड़ सकते हैं। नंद की गायें चराने के सुख के आगे वे आठों सिद्धियों और नौ निधियों के परम सुख को त्यागने को तैयार हैं। ब्रज की कँटीली झाड़ियों और वनों के सामीप्य के लिए वे सोने से बने करोड़ों राजमहलों के वैभव को भी खुशी-खुशी न्योछावर कर सकते हैं।

સાચો જવાબ:

यहाँ 'अ' और 'ब' के सही मिलान (जोड़े) दिए गए हैं:




























'अ' 'ब' (सही उत्तर)
मनुष्य गोकुल गाँव
पशु नंद की गाय
पक्षी यमुना के किनारे कदंब की डाल
पत्थर गोवर्धन पर्वत













 
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