ધોરણ 10 | విષય: Hindi
कहते हैं सब शास्त्र कमाओ, रोटी जान बचाकर, पर संकट में प्राण बचाओ, सारी शक्ति लगाकर ।
भावार्थ: इन पंक्तियों के माध्यम से कवि दिनकर जी जीवन का एक कड़वा और सच्चा नियम समझाते हैं। वे कहते हैं कि हमारे सभी पवित्र ग्रंथ और शास्त्र हमें यह शिक्षा देते हैं कि जीवन यापन करने के लिए, पैसे या रोटी कमाने के लिए कभी भी अपने प्राणों को संकट में नहीं डालना चाहिए (यानी ईमानदारी से सुरक्षित रहकर कमाना चाहिए)। लेकिन, यदि कभी अचानक जीवन पर कोई संकट आ ही जाए या मौत सामने खड़ी हो, तो इंसान को अपनी लाज, धन या काम छोड़कर, अपनी शरीर की पूरी की पूरी ताकत (एड़ी-चोटी का ज़ोर) सिर्फ और सिर्फ अपने प्राणों की रक्षा करने में लगा देनी चाहिए, क्योंकि जीवन रहेगा तभी सब कुछ रहेगा।
खरहा: खरगोश, शशक
झुरमुट: झाड़ी, कुंज
शिकारी: बहेलिया, आखेटक
कंटीली: काँटोंदार, कंटकमय
बीहड़: भयानक, घना / ऊबड़-खाबड़
देह: शरीर, तन
दीवानी: पगली, विक्षिप्त
शक्ति: ताकत, बल
दूर × पास / निकट
आखिर × शुरू / आरंभ
पीछे × आगे
निराश × आशावान / आशान्वित
मोटी × पतली
कमाना × खर्च करना / गंवाना