chapter 13

ધોરણ 11 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित दिए गए विकल्पों में से सही चुनकर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ:

સાચો વિકલ્પ: (B)


2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: 'प्रलय की घोर घटाओं' का अर्थ जीवन में आने वाले भयंकर संकट, भीषण विपत्तियाँ और अंधकारमय परिस्थितियाँ हैं।

સાચો જવાબ:

સાચો જવાબ: 'क्षणिक जीत या दीर्घ हार' से कवि का तात्पर्य जीवन के थोड़े समय की सफलता या लंबे समय की असफलता से है, जिनसे प्रभावित हुए बिना हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए।

સાચો જવાબ: यात्री का ध्येय बिना रुकी या बिना भटके अपनी मंज़िल की ओर निरंतर आगे बढ़ते जाना है।

સાચો જવાબ: परोपकार और राष्ट्र-कल्याण के लिए हमें अपने जीवन को हर परिस्थिति (दुख-दर्द, आग और अंगारों) में गलाना और जलाना होगा।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: 'पाँवों के नीचे अंगारे' का अर्थ है जीवन के मार्ग में आने वाली अत्यंत कठिन, विषम और कष्टदायी परिस्थितियाँ। कवि कहते हैं कि मार्ग चाहे कितना भी कठोर और बाधाओं से भरा क्यों न हो, हमें घबराए बिना आगे बढ़ते रहना चाहिए।

સાચો જવાબ: कवि कहते हैं कि हमें अपने हृदय में पलने वाली अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं, आकांक्षाओं और अरमानों को न्योछावर करना होगा तथा समाज व देश के हित के लिए अपने सपनों की बलि देनी होगी।

સાચો જવાબ: कवि कहते हैं कि जीवन में प्रगति केवल अकेले आगे बढ़ने से नहीं होती। सच्ची प्रगति और विकास तभी संभव है जब हम समाज के हर वर्ग को साथ लेकर, कंधा से कंधा मिलाकर और एक साथ कदम बढ़ाकर आगे बढ़ें।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के पाँच-छः वाक्यों में उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी का मानना है कि देश की प्रगति, विकास और राष्ट्र-रक्षा का लक्ष्य अकेले हासिल नहीं किया जा सकता। जीवन के मार्ग में अनेक बाधाएँ, दुख, अपमान और कठिनाइयाँ आती हैं। यदि देशवासी आपस में बँटे रहेंगे, तो देश कमज़ोर होगा। इसलिए एकता, संगठन और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए कवि सभी देशवासियों से एक साथ, मिलकर और एक ही दिशा में 'कदम मिलाकर' चलने का आह्वान करते हैं।

સાચો જવાબ: 'अरमानों को ढालना होगा' का आशय यह है कि मनुष्य को अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं, स्वार्थों और महत्त्वाकांक्षाओं को त्यागकर देश और समाज के व्यापक हित के अनुकूल ढालना होगा। जीवन में सुख-दुख, मान-अपमान सब आते-जाते रहते हैं, परंतु एक सच्चे नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपनी निजी खुशियों से ऊपर उठकर देश के निर्माण और प्रगति के लिए अपने अरमानों को न्योछावर कर दे।

સાચો જવાબ: इस कविता में ओजस्वी राष्ट्र-प्रेम की भावना मुखरित हुई है। कवि देशवासियों को हर विषम परिस्थिति—चाहे पाँवों के नीचे अंगारे हों, सिर पर ज्वालाएँ बरस रही हों, या चारों ओर अंधकार और तूफ़ान हो—में एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। देश की आन-बान-शान के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने, त्याग करने और बिना किसी स्वार्थ के निरंतर आगे बढ़ते रहने का संदेश ही इस काव्य का मूल राष्ट्र-प्रेम है।

સાચો જવાબ:

कदम मिलाकर चलने के मार्ग में अनेक चुनौतियाँ आती हैं। इसमें जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियाँ, आपदाएँ (तूफ़ान), अपमान, पीड़ा, घोर निराशा और त्याग शामिल हैं। कभी अंगारों पर चलना पड़ता है, तो कभी सिर पर बरसती ज्वालाओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही अपनी निजी इच्छाओं (अरमानों) का बलिदान देना पड़ता है और समाज के हर वर्ग के दुख-दर्द को सहते हुए धैर्यपूर्वक आगे बढ़ना पड़ता है।



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