સાચો જવાબ:
लेखक जब किताबों और फ़िल्मों में ग्रामीण जीवन का काल्पनिक स्वरूप देखकर देहात पहुँचे, तो उन्हें वहाँ का यथार्थ देखकर निराशा हुई। उन्होंने जैसा सोचा था कि खेत में हिरोइनें गाती-नाचती होंगी या जीवन बहुत सुखद और आनंददायक होगा, वैसा कुछ भी नहीं था। वहाँ धूल, कड़ी धूप, हाड़-तोड़ मेहनत और व्यावहारिक ज्ञान की कमी के कारण किसानों द्वारा हँसी का पात्र बनना पड़ा। उनकी किताबी पढ़ाई का गाँव की असल दुनिया से कोई तालमेल नहीं बैठ पाया, जिससे उन्हें देहात से निराशा हुई।