chapter 18

ધોરણ 11 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
2. निम्नलिखित दिए गये विधानों की पूर्ति उचित विकल्प चुनकर कीजिए :

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
3. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: लेखक "उत्तम खेती, मध्यम बान, निकृष्ट चाकरी, भीख निदान" की कहावत कई बार सुन चुके थे।

સાચો જવાબ: सिनेमा द्वारा अत्यंत सुंदर, मनोरम और काल्पनिक खेती की शिक्षा मिलती है जहाँ हरियाली में हिरोइनें गाती-नाचती हैं और फसलें अपने-आप कटती हैं।

સાચો જવાબ: लेखक को देहात (गाँव) से निराशा इसलिए हुई क्योंकि वहाँ का यथार्थ जीवन उनके द्वारा किताबों और फ़िल्मों में सोची गई सुंदर दुनिया से बिल्कुल अलग, कठिन और व्यावहारिक था।

સાચો જવાબ: लेखक को कृषि-शास्त्र की किताबों और ग्रामीण जीवन की वास्तविक समस्याओं को समझने तथा शहर में नौकरी/व्यवसाय का माध्यम ढूँढने के लिए बार-बार शहर जाना पड़ा।

સાચો જવાબ: पहली चूक लेखक से हुई जब उन्होंने 'रामचरन' नाम के किसान को बाजरे का पौधा/पेड़ समझ लिया था।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: लेखक के चाचा ने उन्हें व्यावहारिक सलाह देते हुए समझाया कि खेती का काम इतना आसान नहीं है, यह तो जाहिलों के लिए है। उन्होंने कहा कि शहर जाकर कोई नौकरी या व्यवसाय ढूँढना ही बेहतर होगा, क्योंकि बिना व्यावहारिक अनुभव के खेती करना संभव नहीं है।

સાચો જવાબ: लेखक के चाचा का खेत गाँव के दक्खिन (दक्षिण) की ओर, रामेसर की बाग के आगे गलियारे से पश्चिम की तरफ फुटती राह पर स्थित है। जहाँ गन्ने के खेत के पास बाजरा खड़ा था और उसी के पास उनके चाचा के खेत थे।

સાચો જવાબ: कुआँ देखकर लेखक ने अपनी पवित्रता की भावना और किताबों से सीखी ज्ञान की बातें व्यक्त करना शुरू कर दिया। उन्होंने कुएँ के पानी की तुलना प्राकृतिक जल स्रोतों से करते हुए अपने विचार प्रकट किए, जिससे उनके चाचा भौंचक्के रह गए।

સાચો જવાબ: रामचरन जोर-जोर से इसलिए हँसने लगा क्योंकि लेखक ने उसे बाजरे का पेड़/पौधा समझ लिया था और पूछा था कि "ओह बाजरा कौन है?"। लेखक की इस घोर अज्ञानता और मूर्खतापूर्ण सवाल को सुनकर रामचरन तथा आसपास के किसान अपनी हँसी नहीं रोक पाए।
5. निम्नलिखित प्रश्नों के सविस्तार उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: लेखक ने अपने चाचा को खेती का महत्त्व समझाने के लिए महापुरुषों और प्रसिद्ध हस्तियों के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि टॉल्स्टॉय स्वयं किसान होकर हल चलाता था और ग्लैडस्टन लकड़ी काटा करता था। हमारे देश में भी गौतम जैसे ऋषि गेहूं बोते थे और उनकी रुचि हॉर्टीकल्चर (उद्यान-विज्ञान) में थी। वे फल और शकरकंद पैदा करते थे। इन सभी उदाहरणों के आधार पर लेखक ने तर्क दिया कि खेती सबसे उत्तम व्यवसाय है।

સાચો જવાબ: सिनेमा द्वारा खेती की वास्तविक नहीं, बल्कि अत्यधिक काल्पनिक और रोमांटिक शिक्षा मिलती है। फ़िल्मों में दिखाया जाता है कि बड़े-बड़े खेतों में किसान ट्रैक्टर चला रहे हैं और गा रहे हैं। सुंदर-सुंदर लड़कियाँ हाथ में टोकरी लेकर नाचती-गाती हुई फसलें काट रही हैं और चारों तरफ केवल मनमोहक दृश्य एवं हरियाली ही हरियाली है। सिनेमा की यह काल्पनिक खेती धरातल के कठोर परिश्रम और वास्तविक ग्रामीण कठिनाइयों से बिल्कुल परे होती है।

સાચો જવાબ: लेखक जब किताबों और फ़िल्मों में ग्रामीण जीवन का काल्पनिक स्वरूप देखकर देहात पहुँचे, तो उन्हें वहाँ का यथार्थ देखकर निराशा हुई। उन्होंने जैसा सोचा था कि खेत में हिरोइनें गाती-नाचती होंगी या जीवन बहुत सुखद और आनंददायक होगा, वैसा कुछ भी नहीं था। वहाँ धूल, कड़ी धूप, हाड़-तोड़ मेहनत और व्यावहारिक ज्ञान की कमी के कारण किसानों द्वारा हँसी का पात्र बनना पड़ा। उनकी किताबी पढ़ाई का गाँव की असल दुनिया से कोई तालमेल नहीं बैठ पाया, जिससे उन्हें देहात से निराशा हुई।

સાચો જવાબ: गाँव में अपनी पहली अज्ञानता (बाजरे को इंसान समझना) के कारण हँसी का पात्र बनने के बाद लेखक डर गए थे। वे कृषि का वैज्ञानिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए बार-बार शहर जाकर कृषि-शास्त्र की मोटी-मोटी किताबें लाते थे और उनका अध्ययन करते थे। इसके अलावा, जब उन्हें यह अहसास हुआ कि गाँव में व्यावहारिक खेती करना उनके बस की बात नहीं है, तो वे शहर में अपने लिए नौकरी या साधना का नया मार्ग तलाशने हेतु जाने लगे।

સાચો જવાબ: पहली चूक किताबी ज्ञान वाले शहरी लेखक से हुई। जब वे खेत में काम कर रहे रामचरन नाम के किसान के पास पहुँचे, तो उन्होंने उसके काँधे पर हाथ रखकर पूछा कि "तो भाई रामचरन, मुझे बताओ ओह बाजरा कौन है?"। लेखक बाजरा (अनाज/फसल) को कोई व्यक्ति या किसान समझ बैठे थे। किताबी ज्ञान और फ़िल्मी कल्पना के कारण फसल और मनुष्य का फर्क न समझ पाना ही लेखक की 'पहली चूक' थी।
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