સાચો જવાબ:
हिंसा समाज में केवल विनाश, डर, असुरक्षा और अश्रांति फैलाती है, जबकि एक सादा और सरल जीवन मनुष्य को मानसिक शांति, आपसी प्रेम और सुकून देता है। हिंसा करने वाले लोग भले ही संगठित होकर ज्यादा शोर मचाते हों, लेकिन जीवन की वास्तविक सुंदरता और निरंतरता सरलता में ही निहित है। साधारण जीवन में मानवीय मूल्य जीवित रहते हैं और यह लोगों के कल्याण में अधिक उपयोगी सिद्ध होता है। इसीलिए तमाम बहस और विवादों के बावजूद लोग हिंसा की अपेक्षा सादा और सरल जीवन जीना पसंद करते हैं।