સાચો જવાબ:
महतो टोली के सरदार गाँव के एक पारंपरिक, जाति-भिमानी और ज़िम्मेदार मुखिया हैं। वे अपनी टोली की इज़्ज़त और प्रतिष्ठा को लेकर बहुत संवेदनशील हैं, इसलिए वे दूसरी पंचायत की मदद लेकर अपनी जाति का अपमान नहीं होने देना चाहते। वे थोड़े दिखावे वाले स्वभाव के भी हैं, जैसा कि पंचलाइट खरीदने की अपनी झूठी शान की कहानी सुनाने में दिखता है। हालांकि, संकट के समय वे व्यावहारिक और लचीला दृष्टिकोण अपनाते हैं। जब जाति की इज़्ज़त का सवाल आता है, तो वे पुरानी कड़वाहट और जातिगत बंदिशों को भूलकर गोधन का हुक्का-पानी बहाल कर देते हैं।