chapter 9

ધોરણ 11 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनकर लिखिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
2. निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए :

સાચો જવાબ: ब कवि पढ़ने बैठते हैं, उस समय चंपा उनके पास आ जाती है।

સાચો જવાબ: चंपा चौपायों (गाय-भैंसों) को लेकर चरवाही करने (चराने) जाती है।

સાચો જવાબ: चंपा कलकत्ता शहर पर वज्र (बजर) गिरने की बात करती है।
3. निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर दो-दो वाक्यों में दीजिए:

સાચો જવાબ: जब कवि ने चंपा को पढ़ने के लिए कहा, तो उसने साफ़ मना करते हुए कहा कि मैं तो नहीं पढ़ूँगी। उसने कवि से सवाल भी किया कि आप तो कहते थे कि गांधी बाबा अच्छे हैं, फिर वे पढ़ने-लिखने की बात कैसे कहेंगे।

સાચો જવાબ: कवि ने चंपा से कहा था कि शादी के बाद जब उसका पति कमाने कलकत्ता चला जाएगा, तो वह उसे चिट्ठी कैसे लिखेगी। इस बात पर चंपा कहती है कि वह अपने पति को कभी दूर जाने ही नहीं देगी, इसलिए कवि की यह बात उसे झूठी लगती है।

સાચો જવાબ: जब चंपा कवि से कहती है कि तुम दिन-भर कागज़ ही गोदा (लिखते) करते हो, क्या यह काम बहुत अच्छा है, तब कवि उसकी मासूमियत भरी बात सुनकर मुस्कुरा देते हैं और हँस देते हैं।
4. निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर पाँच से छः पंक्तियों में लिखिए:

સાચો જવાબ: चंपा स्वभाव से बहुत नटखट, चंचल और शरारती लड़की है। जब कवि पढ़ने-लिखने बैठते हैं, तो वह उनके पास आकर चुपचाप खड़ी हो जाती है। जब कवि का ध्यान भटकता है, तो वह चुपके से उनकी कलम छिपा देती है। जब कवि परेशान होकर जैसे-तैसे कलम ढूँढ़कर लाते हैं, तो देखती है कि कागज़ ही गायब हो चुका है। इस प्रकार कलम और कागज़ छिपाकर वह कवि को परेशान करती है और ऊधम मचाती है।

સાચો જવાબ: चंपा एक अनपढ़ गाँव की लड़की है जो अक्षरों को नहीं पहचानती। जब वह कवि को कागज़ पर लिखे काले-काले अक्षरों को पढ़ते हुए देखती है, तो उसे बड़ा आश्चर्य होता है। उसे यह समझ नहीं आता कि इन बेजान और निर्जीव काले निशानों/अक्षरों में से तरह-तरह की आवाज़ें और स्वर कैसे निकलते हैं। अक्षरों और बोली के इस संबंध को न समझ पाने के कारण ही उसे अचरज होता है।

સાચો જવાબ: गाँव के शादीशुदा पुरुष रोज़गार और अर्थोपार्जन (कमाने) के लिए अपनी पत्नियों को छोड़कर कलकत्ता जैसे दूर-दराज़ के शहरों में चले जाते हैं। इससे परिवारों में वियोग और पीड़ा फैलती है। चंपा का मानना है कि कलकत्ता ही वह शोषक शहर है जो परिवारों को तोड़ता है और पतियों को उनकी पत्नियों से अलग करता है। इसीलिए वह गुस्से और आक्रोश में आकर कहती है कि 'कलकत्ते पर बजर गिरे' ताकि कोई पति अपनी पत्नी से दूर न हो सके।

સાચો જવાબ: इस पंक्ति का भावार्थ यह है कि महात्मा गांधी देश के प्रत्येक नागरिक—चाहे वह अमीर हो या गरीब, स्त्री हो या पुरुष—को साक्षर बनाना चाहते थे। उनका मानना था कि शिक्षा ही मनुष्य को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है, शोषण से बचाती है और देश के विकास में योगदान देने योग्य बनाती है। कवि चंपा को इसी बात का हवाला देकर पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं कि साक्षरता से ही समाज का वास्तविक कल्याण संभव है।
```php
Warning: session_start(): Session cannot be started after headers have already been sent in /home/u367000040/domains/gyanistudent.in/public_html/footer.php on line 8
```