chapter 10

ધોરણ 12 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर दीजिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

સાચો જવાબ: कर्नल कालिंज ने वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से गोरखपुर के जंगल में खेमा लगाया था।

સાચો જવાબ: महीनों से जंगल में डेरा डालने के बावजूद वज़ीर अली अंग्रेज़ों के हाथ नहीं आ रहा था, इसलिए सिपाही तंग आ गए थे।

સાચો જવાબ: सवार सीधा अंग्रेज़ों के खेमे की तरफ़ ही बड़ी तेज़ी से सरपट घोड़ा दौड़ाए चला आ रहा था, इसलिए कर्नल ने उस पर नज़र रखने को कहा।

સાચો જવાબ: कंपनी का यह हुक्म था कि किसी भी तरह वज़ीर अली को गिरफ्तार किया जाए।

સાચો જવાબ: सवार (जो स्वयं वज़ीर अली था) ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह एक निडर और जाँबाज़ सिपाही था, जिसे पकड़ना आसान नहीं था।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-दो वाक्यों में लिखिए:

સાચો જવાબ: जिस तरह रॉबिनहुड साहसी था और अंग्रेज़ों से नफ़रत करता था, उसी तरह वज़ीर अली भी निडर था और अंग्रेज़ों को भारत से उखाड़ फेंकना चाहता था। उसके कारनामे रॉबिनहुड जैसे ही साहसी थे।

સાચો જવાબ: सआदत अली, नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई और वज़ीर अली का चाचा था। वह अवध की सत्ता हथियाना चाहता था, लेकिन वज़ीर अली के जन्म लेते ही नवाब बनने का उसका सपना टूट गया, इसलिए वह उसकी पैदाइश को अपनी मौत समझता था।

સાચો જવાબ: सआदत अली अंग्रेज़ों का चापलूस और ऐश-पसंद इंसान था। अंग्रेज़ों ने उसे अवध के तख्त पर इसलिए बिठाया ताकि वे उसकी आधी जायदाद और दस लाख रुपये नकद हासिल करके मज़े कर सकें।

સાચો જવાબ: वकील की हत्या करने के बाद वज़ीर अली अपने जाँबाज़ साथियों (जानिसारों) के साथ आजमगढ़ भाग गया। वहाँ के शासक की मदद से सुरक्षित घाघरा नदी पार करके वह जंगलों में छिप गया।

સાચો જવાબ: कर्नल हक्का-बक्का इसलिए रह गया क्योंकि जिस सवार को उसने साधारण व्यक्ति समझकर कारतूस दिए थे, उसने अंत में मुस्कुराते हुए अपना नाम 'वज़ीर अली' बताया और उसकी जान बख्शकर सरपट भाग निकला।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः पंक्तियों में उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ: देश में ईस्ट इंडिया कंपनी के अत्याचारों और कुनीतियों के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा था। दक्षिण भारत में टीपू सुल्तान, अवध में वज़ीर अली और बंगाल में शमसुद्दौला जैसे शक्तिशाली शासक अंग्रेज़ों के खिलाफ एकजुट हो रहे थे। इतना ही नहीं, ये सभी अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को भारत पर आक्रमण करने का आमंत्रण दे रहे थे ताकि सब मिलकर अंग्रेज़ों को उखाड़ फेंकें। चारों तरफ़ फैल रही स्वतंत्रता की इस आग को देखकर ही लेफ्टिनेंट को लगा कि कंपनी के खिलाफ पूरे भारत में एक लहर दौड़ गई है।

સાચો જવાબ: अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली को अवध के नवाब पद से हटाकर बनारस भेज दिया था और तीन लाख रुपये सालाना वज़ीफ़ा तय किया था। कुछ समय बाद गवर्नर जनरल ने उसे अकारण कलकत्ता तलब किया। जब वज़ीर अली इसकी शिकायत लेकर बनारस में रहने वाले कंपनी के वकील के पास गया, तो वकील ने उसकी समस्या को गंभीरता से न लेकर उसे बुरा-भला सुना दिया। वज़ीर अली के मन में अंग्रेज़ों के प्रति पहले से नफ़रत कूट-कूटकर भरी थी, वकील के इस अपमानजनक व्यवहार से क्रोधित होकर उसने ख़ंजर से वकील की हत्या कर दी।

સાચો જવાબ: वज़ीर अली अकेले ही सवार का वेश धारण कर बड़ी निडरता से कर्नल के खेमे में दाखिल हुआ। उसने कर्नल से एकांत (तन्हाई) में बात करने की मांग की। कर्नल ने जब कमरे से सबको बाहर भेज दिया, तो सवार ने कहा कि वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए कारतूस चाहिए। कर्नल ने उसे अपना मददगार (वज़ीर अली को पकड़वाने वाला) समझा और उसे दस कारतूस दे दिए। इस प्रकार वज़ीर अली ने अपनी चतुराई और साहस से दुश्मन के खेमे में घुसकर कर्नल से कारतूस हासिल कर लिए।

સાચો જવાબ: वज़ीर अली का एकमात्र लक्ष्य भारत से अंग्रेज़ों को बाहर निकालना था। वह अत्यधिक साहसी, निडर और चतुर था। उसने नवाब बनते ही पाँच महीनों में अवध को अंग्रेज़ी प्रभाव से लगभग मुक्त कर दिया था। उसने बनारस में कंपनी के वकील को उसके ही घर में मार गिराया और सालों तक अंग्रेज़ी सेना को जंगलों में नचाता रहा। सबसे बड़ा जाँबाज़ी का प्रमाण यह था कि वह अकेला अंग्रेज़ों के सैन्य खेमे में निडर होकर घुसा, कर्नल से दस कारतूस हासिल किए, अपना असली नाम बताया और कर्नल को भौंचक्का छोड़कर सुरक्षित निकल गया। ये सभी घटनाएँ साबित करती हैं कि वज़ीर अली एक सच्चा और जाँबाज़ सिपाही था।
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