સાચો જવાબ:
वज़ीर अली का एकमात्र लक्ष्य भारत से अंग्रेज़ों को बाहर निकालना था। वह अत्यधिक साहसी, निडर और चतुर था। उसने नवाब बनते ही पाँच महीनों में अवध को अंग्रेज़ी प्रभाव से लगभग मुक्त कर दिया था। उसने बनारस में कंपनी के वकील को उसके ही घर में मार गिराया और सालों तक अंग्रेज़ी सेना को जंगलों में नचाता रहा। सबसे बड़ा जाँबाज़ी का प्रमाण यह था कि वह अकेला अंग्रेज़ों के सैन्य खेमे में निडर होकर घुसा, कर्नल से दस कारतूस हासिल किए, अपना असली नाम बताया और कर्नल को भौंचक्का छोड़कर सुरक्षित निकल गया। ये सभी घटनाएँ साबित करती हैं कि वज़ीर अली एक सच्चा और जाँबाज़ सिपाही था।