સાચો જવાબ:
रेडियम कहता है कि मनुष्यों ने उसके नाम का उपयोग करके एक कृत्रिम रेडियम (रेडियम पेंट/रेडियम तत्व) का निर्माण कर लिया है। इस कृत्रिम रूप का प्रयोग घड़ियों के काँटों और डायलों पर किया जाता है, जिससे वे रात के अँधेरे में भी खुद-ब-खुद चमकते हैं। रेडियम चुटकी लेते हुए कहता है कि वह संपूर्ण ब्रह्मांड, विभिन्न ग्रहों और पृथ्वी की गहराइयों की लंबी यात्राएँ करने के बाद अब मनुष्य की कलाई पर बँधी घड़ी में मौजूद है। हालाँकि, वह स्पष्ट करता है कि उसकी यात्रा यहाँ समाप्त नहीं हुई है, वह आगे भी यात्रा जारी रखेगा।