chapter 15

ધોરણ 12 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर दीजिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

સાચો જવાબ: कवि ने एक बैरंग और बेनाम (बिना पते और बिना डाक टिकट की) चिट्ठी छोड़ी है।

સાચો જવાબ: जिस चिट्ठी या लिफाफे पर आवश्यक डाक टिकट (Stamp) न लगा हो, उसे 'बैरंग चिट्ठी' कहते हैं।

સાચો જવાબ: कवि ने बैरंग लावारिस चिट्ठी की तुलना एक 'परकटे पंछी' (पंख कटे हुए पक्षी) से की है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-दो वाक्यों में लिखिए:

સાચો જવાબ: डाकिया बिना पते और बिना वारिस की बैरंग चिट्ठियाँ लेकर दर-दर और गली-गली घूम रहा है, ताकि वह किसी पीड़ित और अकेले व्यक्ति तक मानवीय संवेदना पहुँचा सके।

સાચો જવાબ: बंद लिफाफे के अंदर किसी व्यक्ति का अनकहा दर्द और उसकी दबाई हुई भावनाएँ पत्ते की तरह काँप रही हैं।

સાચો જવાબ: कवि को उम्मीद है कि किसी दिन कोई अजनबी कौतूहलवश इन लावारिस चिट्ठियों को पढ़ेगा और महसूस करेगा कि बहुत समय पहले किसी ने यह दर्द भरी चिट्ठी उसी के नाम लिखी थी।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः पंक्तियों में लिखिए:

સાચો જવાબ: बैरंग चिट्ठी केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि वह आधुनिक जीवन में एकाकीपन, उपेक्षा और मानसिक पीड़ा झेल रहे मनुष्य के अनकहे दर्द की प्रतीक है। उस बंद लिफाफे में पंक्तियों (सतरों) के ओठों के पीछे भावनाओं और दुखों को दबाकर रखा गया है। चिट्ठी भेजने वाले ने अपने मन के उस दर्द को व्यक्त किया है जिसे वह किसी से कह नहीं सका। यह बैरंग चिट्ठी लावारिस होकर भटक रही है, जो समाज के संपूर्ण पीड़ित और अकेलापन झेल रहे समुदाय की मानवीय संवेदनाओं और सहानुभूति की तड़प को दर्शाती है।

સાચો જવાબ: कवि बैरंग चिट्ठी को 'परकटा पंछी' इसलिए कहता है क्योंकि जिस प्रकार कटे हुए पंखों वाला पक्षी उड़ने में असमर्थ होकर लाचार पड़ा रहता है और तड़पता रहता है, ठीक उसी प्रकार बिना पते और बिना टिकट की बैरंग चिट्ठी भी अपने गंतव्य (प्राप्तकर्ता) तक पहुँचने में असमर्थ होती है। वह भी यहाँ-वहाँ लावारिस जगहों पर पड़ी रहती है और अपने अंदर छिपे अनकहे दर्द के साथ फड़फड़ाती रहती है। उसकी कोई निश्चित मंज़िल नहीं होती, वह केवल सहानुभूति पाने के लिए तड़पती रहती है।
5. आशय स्पष्ट कीजिए:

સાચો જવાબ: आशय: इन पंक्तियों के माध्यम से कवि रामदरश मिश्र मनुष्य की उन अनकही भावनाओं और संवेदनाओं को रेखांकित करते हैं जिन्हें वह अभिव्यक्त तो करना चाहता है, लेकिन सही माध्यम या सही इंसान न मिलने के कारण वे भावनाएँ अनकही रह जाती हैं। हमारी ये भावनाएँ और संवेदनाएँ बैरंग और लावारिस चिट्ठियों की तरह समाज के एकाकीपन में भटकती रहती हैं। जिस प्रकार पंख कटा पक्षी असहाय होकर ज़मीन पर फड़फड़ाता है, उसी प्रकार मनुष्य का दबा हुआ दर्द भी लावारिस स्थानों पर पड़ा रहकर अपनी पहचान और आत्मीयता पाने के लिए तड़पता रहता है।
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