સાચો જવાબ:
बैरंग चिट्ठी केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि वह आधुनिक जीवन में एकाकीपन, उपेक्षा और मानसिक पीड़ा झेल रहे मनुष्य के अनकहे दर्द की प्रतीक है। उस बंद लिफाफे में पंक्तियों (सतरों) के ओठों के पीछे भावनाओं और दुखों को दबाकर रखा गया है। चिट्ठी भेजने वाले ने अपने मन के उस दर्द को व्यक्त किया है जिसे वह किसी से कह नहीं सका। यह बैरंग चिट्ठी लावारिस होकर भटक रही है, जो समाज के संपूर्ण पीड़ित और अकेलापन झेल रहे समुदाय की मानवीय संवेदनाओं और सहानुभूति की तड़प को दर्शाती है।