chapter 17

ધોરણ 12 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (D)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

સાચો જવાબ: हारिल एक ऐसा पक्षी है जो कभी कहीं घोंसला नहीं बनाता, बसता नहीं है और दूर पहाड़ों-जंगलों से आता-जाता रहता है।

સાચો જવાબ: दोपहर में ठण्डी छाँह का अनुभव कवि अपने घर के पिछवाड़े लगे पीपल के पेड़ (दीदी रूपी पीपल) के नीचे करता है।

સાચો જવાબ: दीदी के किस्सों और उजली साँस के स्पर्श से कवि जीवन के शुरुआती अक्षर, ज्ञान और अनुभव प्राप्त करता था।

સાચો જવાબ: सीपी बनकर कवि नदी रूपी दीदी के किनारों पर बूँदें समेटकर चमकना चाहता था।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए:

સાચો જવાબ: जिस प्रकार ढिबरी (मिट्टी का दीया) अचार के तलछट तेल को सोखकर स्वयं जलती है और दूसरों को रोशनी देती है, उसी प्रकार दीदी भी त्याग और कष्ट सहकर अपने भाइयों को ज्ञान और संस्कारों की रोशनी देती हैं।

સાચો જવાબ: कवि दीदी को चट्टान की उपमा इसलिए देता है क्योंकि वे वर्षों पुरानी चट्टान की भाँति स्थिर, मजबूत और सहने वाली थीं, जिनके भीतर के सन्नाटे में बच्चे खुलकर खेलते थे, पतंगें उड़ाते थे और हलचल मचाते थे।

સાચો જવાબ: दीदी विवाह के बाद अपने नए ससुराल (दूसरे घर) में जाकर चुपचाप संपूर्ण जिम्मेदारी और त्याग के साथ नए परिवार को संभालती हैं। वे अदृश्य रहकर उस नए घर के निर्माण और संस्कार रूपी ढाँचे की मजबूत नींव बनती हैं।

સાચો જવાબ: कवि को अपने जीवन की सार्थकता हारिल पक्षी की तरह निर्लिप्त, घुमक्कड़ और निस्वार्थ रहने में लगती है—जहाँ वे दीदी की बनाई नई दुनिया में मेहमान की तरह आकर भी उनके साथ प्रेम और आत्मीयता का भाव साझा कर सकें।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः पंक्तियों में लिखिए:

સાચો જવાબ:

कवि ने दीदी के लिए अनेक सुंदर रूपकों का प्रयोग किया है:





  1. पीपल: शीतल छाँह और आश्रय देने वाली वात्सल्यमयी दीदी।




  2. ढिबरी: स्वयं कष्ट सहकर (धुआँ सोखकर) बच्चों के जीवन में शिक्षा और संस्कारों का प्रकाश फैलाने वाली त्यागी दीदी।




  3. नदी: प्यार, उछाह और जीवन रूपी आनंद की लहरें देने वाली सहृदय दीदी।




  4. चट्टान: बच्चों के बचपन और उनकी क्रीड़ाओं को अपने भीतर समेटने वाली स्थिर और मजबूत दीदी।




  5. नींव की ईंट: नए घर और परिवार का चुपचाप आधार बनकर उसे सँभालने वाली समर्पित दीदी।




સાચો જવાબ: प्रस्तुत कविता में एक भाई का अपनी दीदी के प्रति अगाध प्रेम, कृतज्ञता और आत्मीयता का भाव व्यक्त हुआ है। दीदी बच्चे के जीवन निर्माण में नींव की ईंट की तरह होती हैं जो स्वयं कष्ट उठाकर, त्याग करके और निस्वार्थ सेवाभाव से बच्चों को शिक्षित व संस्कारित करती हैं। विवाह के पश्चात जब वे अपने ससुराल चली जाती हैं, तब भी भाई के मन में उनके प्रति वही आदर रहता है। कविता यह संदेश देती है कि पारिवारिक संबंधों में दीदी/बड़ी बहन का त्याग और योगदान अतुलनीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

સાચો જવાબ: "घोंसले नहीं बनाये हमने, बसे नहीं आज तक, कठिन है, हमारा जीवन भी, तुम्हारी तरह ही।" उत्तर: आशय: इन पंक्तियों में कवि अपने और दीदी के जीवन के बीच की कठिन समानता को रेखांकित करते हैं। जिस प्रकार दीदी का जीवन त्याग, सहने और अपना सब कुछ दूसरों के लिए समर्पित कर देने में बीता और विवाह के बाद उन्हें अपना मायका छोड़कर नए घर की नींव बनना पड़ा, उसी प्रकार भाइयों (हारिल पक्षी रूपी) का जीवन भी एक जगह स्थिर नहीं रहा। उन्होंने कहीं अपना पक्का आशियाना या मोह का घोंसला नहीं बनाया। दोनों का जीवन संघर्ष और अनिश्चितताओं से भरा तथा कठिन है।
```php
Warning: session_start(): Session cannot be started after headers have already been sent in /home/u367000040/domains/gyanistudent.in/public_html/footer.php on line 8
```