chapter 2

ધોરણ 12 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनकर लिखिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

સાચો જવાબ: वंशीधर नमक विभाग के दारोगा थे।

સાચો જવાબ: वंशीधर ने पुल पर गाड़ियों की एक लंबी कतार नदी के पार जाते देखी।

સાચો જવાબ: पण्डित अलोपीदीन को नमक के दारोगा मुंशी वंशीधर ने (जमादार बदलू सिंह के माध्यम से) हिरासत में लिया।

સાચો જવાબ: मुकद्दमे में धन और छल-बल के कारण पण्डित अलोपीदीन की जीत हुई।

સાચો જવાબ: वंशीधर की माता की जगन्नाथ और रामेश्वरम यात्रा करने की कामनाएँ मिट्टी में मिल गईं।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए:

સાચો જવાબ: वृद्ध मुंशीजी को जब यह शुभ समाचार मिला कि उनके बेटे वंशीधर को नमक विभाग में दारोगा का पद मिल गया है, जहाँ वेतन अच्छा होने के साथ-साथ ऊपरी आय की भी बहुत संभावनाएँ थीं, तब वे खुशी से फूले न समाये।

સાચો જવાબ: सोए हुए वंशीधर की आँख अचानक गाड़ियों की गड़गड़ाहट और मल्लाहों के कोलाहल से खुली। इतनी रात गए गाड़ियों के नदी पार जाने पर उन्हें कुछ गड़बड़ी की शंका हुई, इसलिए सच्चाई का पता लगाने वे जमुना नदी के पुल पर गए।

સાચો જવાબ: पण्डित अलोपीदीन गैर-कानूनी तरीके से गाड़ियों में नमक भरवाकर कानपुर भिजवा रहे थे। उन्होंने दारोगा वंशीधर को रिश्वत देने की कोशिश भी की, जिसे वंशीधर ने ठुकरा दिया और नियम विरुद्ध व्यापार करने के अपराध में अलोपीदीन को हिरासत में ले लिया।

સાચો જવાબ: अदालत के अधिकारी, कर्मचारी और वकील सभी अलोपीदीन के धन और प्रभाव के गुलाम थे। वंशीधर के पास केवल सत्य का बल था, जबकि अलोपीदीन के झूठे साक्ष्यों और वकीलों की सेना के आगे वंशीधर की ईमानदारी टिक न सकी, जिसके कारण अदालत में वंशीधर की हार हुई।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छह पंक्तियों में दीजिए:

સાચો જવાબ: पण्डित अलोपीदीन दातागंज के सबसे समृद्ध, प्रतिष्ठित और प्रभावशाली जमींदार थे। वे अत्यधिक चतुर और व्यावहारिक व्यक्ति थे। उनका मानना था कि इस संसार में और यहाँ तक कि स्वर्ग में भी लक्ष्मी (धन) का ही राज्य है। वे धन के बल पर अधिकारियों, वकीलों और समाज को अपनी मुट्ठी में रखते थे। यद्यपि वे भ्रष्ट साधनों से व्यापार करते थे, लेकिन कहानी के अंत में वे मुंशी वंशीधर की निष्पक्ष ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता से प्रभावित होकर उनके सामने नतमस्तक हो जाते हैं, जो उनके अंदर छिपे एक पारखी और उदार स्वभाव को भी दर्शाता है।

સાચો જવાબ: पण्डित अलोपीदीन ने अपनी पूरी ज़िंदगी में केवल धन के बल पर झुकने वाले लोग देखे थे। वंशीधर पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने लाखों रुपयों की रिश्वत को ठुकरा कर अपने धर्म और कर्तव्य का पालन किया। वंशीधर की इस अडिग ईमानदारी, निर्भीकता और सत्यनिष्ठा से अलोपीदीन का हृदय परिवर्तित हो गया। वे समझ गए कि अपनी विशाल जायदाद की देखभाल के लिए वंशीधर से अधिक योग्य, सच्चा और वफादार इंसान कोई दूसरा नहीं हो सकता। इसलिए उन्होंने वंशीधर को अपनी संपत्ति का स्थायी मैनेजर नियुक्त किया।
5. आशय स्पष्ट कीजिए:

સાચો જવાબ: इस पंक्ति का आशय यह है कि समाज में धनबल इतना हावी हो चुका है कि अदालत का न्याय और नैतिकता की बातें भी अमीर लोगों की संपत्ति के आगे बौनी साबित होती हैं। पण्डित अलोपीदीन जैसे पैसे वाले लोग धन के जोर पर वकीलों और न्यायाधीशों को खरीदकर न्याय और नीति को अपनी इच्छा अनुसार तोड़-मरोड़ लेते हैं।

સાચો જવાબ: इस पंक्ति का आशय यह है कि जब पण्डित अलोपीदीन ने दारोगा वंशीधर को अपने पक्ष में करने के लिए रिश्वत की राशि एक हजार से बढ़ाकर चालीस हजार तक पहुँचा दी, तब भी वंशीधर का ईमान नहीं डोला। वंशीधर के सत्य और धर्म-निष्ठा के आगे अलोपीदीन का अपार धन पराजित हो गया और वंशीधर ने उन्हें गिरफ्तार करवा दिया।
6. निम्नलिखित कथनों की पूर्ति के लिए दिए गये विकल्पों में से उचित विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
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