chapter 20

ધોરણ 12 | విષય: Hindi sl

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर दीजिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (D)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (D)

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

સાચો જવાબ: मनोहरपुरी सुवर्णपुर से लगभग दस कोस दूर है।

સાચો જવાબ: मनोहरपुरी का सीवान सुवर्णपुर, रत्ननगरी और अंग्रेजी राज्य—इन तीनों राज्यों के सीवान (सीमाओं) से मिलता था।

સાચો જવાબ: : तीन सवारों के नाम अब्दुल्ला, फतेहसंग और हरभमजी थे।

સાચો જવાબ: बैलगाड़ीवाले ने तिराहे के बीच स्थित बरगद के वृक्ष के नीचे बैलों को खोला।

સાચો જવાબ: भूपसिंह की गद्दी सुरसंग हचमचा रहा था।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए:

સાચો જવાબ:

मनोहरपुरी में प्राकृतिक सुंदरता विद्यमान थी। यह सुवर्णपुर, रत्ननगरी और अंग्रेजी राज्य का केंद्रबिंदु था, जहाँ शीतल समुद्री हवाएँ चलती थीं तथा पर्वत और हरे-भरे वनों से आच्छादित होने के कारण यह स्थल लोगों को प्रिय था।


સાચો જવાબ: मनोहरपुरी के पूर्व में आम का विस्तृत वन, बरगद के विशाल वृक्षों की घटाएँ और गन्ने के लहलहाते खेत थे, जिनके कारण इस छोटे से गाँव की दृष्टिसीमा रूँध (ढक) गई थी।

સાચો જવાબ: सुवर्णपुर से निकलने वाला रास्ता किसी नदी की तरह आम्रवन और ताड़वन को अलग करते हुए दोनों के बीच से गुज़रता था और आगे जाकर मनोहरपुरी की ओर मुड़ता था।

સાચો જવાબ: सुरसंग ने कहा कि राणा खाचर की उन पर बड़ी कृपा है। सरकार से वे चाहे जो कहें या कागज़ में जो भी लिखें, लेकिन वे सुरसंग का बाल भी बाँका नहीं होने देंगे।

સાચો જવાબ: जब चिलम में आग जलती थी, तब उसका प्रकाश ऊपर बरगद की डालियों पर इस तरह पड़ता था जैसे अंधकार में जुगनू के पंखों की हल्की चमक स्पष्ट दिखाई दे रही हो।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः पंक्तियों में उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ:

मनोहरपुरी प्राचीन काल में एक महान और प्रतापी राजाओं की राजधानी थी। इतिहासप्रेमी बुद्धि वाले विद्याचतुर का जन्म इसी गाँव में हुआ था। इसके अतिरिक्त, विद्याचतुर का मौसी का घर (मौसियान) और उनकी पत्नी गुणसुंदरी का मायका इसी गाँव में था। इस दंपति ने अपने बाल्यावस्था और शुरुआती युवावस्था का सुंदर समय इसी गाँव में व्यतीत किया था। इन्हीं सब भावनात्मक कारणों और अपनी जन्मभूमि के प्रति विशेष लगाव के कारण विद्याचतुर ने मनोहरपुरी गाँव की देखभाल की और इसका जीर्णोद्धार कराया।


સાચો જવાબ: भद्रानदी की 'सुभद्रा' नामक शाखा पूर्व दिशा से दक्षिण की ओर बहती हुई आती है। वह टेढ़ी-मेढ़ी गति से चलती हुई सारे वनों के पत्तों तथा फल-फूलों को अपनी छाती पर बहाती है। वह मंद-मधुर और स्थिर स्वर गुंजायमान करती हुई ताड़ के वनों के बीच से होकर बहती है और अंत में अपने मूल स्थान के पास पहुँचकर समुद्र में विलीन हो (मिल) जाती है।

સાચો જવાબ: बैलगाड़ी आम और ताड़ के वनों के बीच बने खाई जैसे रास्ते से गुज़रते हुए संध्या के शीतल वातावरण में आगे बढ़ रही थी। आगे चलकर जहाँ पूर्व-पश्चिम का मार्ग और दक्षिण का बंद मार्ग आकर मिलते थे, वहाँ तिराहा बनता था। तिराहे के बीच में एक विशाल बरगद का पेड़ था। वहाँ अंधकार छा जाने तथा दंडी संन्यासी (सुरसंग) की इच्छा के कारण बैलगाड़ीवाले ने बैलों को आराम देने और खुलकर बात करने के लिए गाड़ी को तिराहे पर रोका।
5. आशय स्पष्ट कीजिए:

સાચો જવાબ: आशय: यह कथन बैलगाड़ीवाले ने दंडी संन्यासी (सुरसंग) से तब कहा जब वे तिराहे पर रुके थे। बैलगाड़ीवाला जानता था कि वह स्थान तीन राज्यों की सीमाओं का मिलन-स्थल है और वहाँ विद्रोहियों (बागियों) या पुलिस का भारी खतरा है। संन्यासी तो गृहत्यागी है, उसका कोई परिवार या संपत्ति नहीं है, इसलिए वह भयमुक्त है। परंतु बैलगाड़ीवाला एक सामान्य गृहस्थ इंसान है; यदि वह किसी मुसीबत या बागी गतिविधियों में फँस गया तो सरकार या बागी उसे दंडित करेंगे, जिससे उसका पूरा घर-बार तबाह हो जाएगा।
```php
Warning: session_start(): Session cannot be started after headers have already been sent in /home/u367000040/domains/gyanistudent.in/public_html/footer.php on line 8
```