1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनकर लिखिए:
સાચો જવાબ:
સાચો વિકલ્પ: (B)
સાચો જવાબ:
સાચો વિકલ્પ: (C)
સાચો જવાબ:
સાચો વિકલ્પ: (D)
સાચો જવાબ:
સાચો વિકલ્પ: (A)
સાચો જવાબ:
સાચો વિકલ્પ: (B)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:
સાચો જવાબ:
जोहनिसबर्ग पहुँचने के लिए रास्ते में एक रात 'स्टैण्डरस्टन' (स्टैण्डस्टन) नामक स्थान पर रुकना पड़ता था।
સાચો જવાબ:
अब्दुल्ला सेठ ने चार्ल्सटाउन में सिकरम (घोड़ागाड़ी) वाले कंपनी के नाम तार किया था।
સાચો જવાબ:
वैध टिकट होने के बावजूद गोरे यात्रियों से अलग करके उन्हें बाहर कोचवान की बगल में बैठाने को गांधीजी ने अन्याय और अपमान माना।
સાચો જવાબ:
गोरा अंगुली दिखाकर बड़बड़ाता था कि "याद रख, स्टैण्डरस्टन पहुँचने दे, फिर तुझे मजा चखाऊँगा।"
સાચો જવાબ:
स्टैण्डरस्टन पहुँचने पर अपने स्वागत में कई हिंदुस्तानी चेहरों (भारतीयों) को खड़ा देखकर गांधीजी को तसल्ली हुई।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-दो वाक्यों में लिखिए:
સાચો જવાબ:
उन दिनों चार्ल्सटाउन से जोहनिसबर्ग तक सीधे ट्रेन नहीं थी। वहाँ पहुँचने के लिए घोड़ों की सिकरम (बग्घी) से यात्रा करनी पड़ती थी और बीच में एक रात स्टैण्डरस्टन में रुकना पड़ता था।
સાચો જવાબ:
गोरा मुखिया सिकरम के बाहर कोचवान (गाड़ीवान) की बगल में बनी दायें-बायें सीटों में से एक पर बैठता था।
સાચો જવાબ:
सिकरम जब पारडीकोप पहुँची, तो गोरे मुखिया ने सिगरेट पीने के उद्देश्य से एक मैला बोरा पैर रखने के पटिये पर बिछाया और गांधीजी से कहा— "सामी, तू यहाँ बैठ, मुझे कोचवान के पास बैठना है।"
સાચો જવાબ:
सहयात्रियों ने गोरे से कहा— "अरे भाई, उस बेचारे को वहाँ बैठा रहने दो। उसे नाहक मारो मत। उसकी बात सच है। वहाँ नहीं, तो उसे हमारे पास अंदर बैठने दो।"
સાચો જવાબ:
हिन्दुस्तानी भाइयों ने गांधीजी से कहा— "हम आपको ईसा सेठ की दुकान पर ले जाने के लिए ही खड़े हैं। हमें दादा अब्दुल्ला का तार मिला है।"
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः पंक्तियों में उत्तर दीजिए:
સાચો જવાબ:
सिकरम कंपनी के एजेंट ने गांधीजी का टिकट रद्द होने का बहाना केवल इसलिए बनाया क्योंकि वे भारतीय थे, जिन्हें दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति के तहत 'कुली' समझा जाता था। एजेंट की वास्तविक नीयत यह थी कि गांधीजी को सिकरम के अंदर गोरे यात्रियों के साथ न बैठना पड़े। वास्तव में गांधीजी के एक दिन देर से पहुँचने से टिकट रद्द नहीं हुआ था और अब्दुल्ला सेठ ने पहले ही तार भेज दिया था। टिकट रद्द होने की बात कहकर उन्हें केवल बेवकूफ बनाकर बाहर बैठने पर मजबूर किया गया था।
સાચો જવાબ:
यात्रा के दौरान पारडीकोप पहुँचकर गोरे मुखिया को सिगरेट पीनी थी। इसलिए उसने गांधीजी को कोचवान के बगल वाली सीट से हटाकर अपने पैरों के पास गंदे बोरे पर बैठने को कहा। गांधीजी ने इस अपमान को सहने से इनकार कर दिया और कहा कि वे अंदर बैठने को तैयार हैं लेकिन उसके पैरों के पास नहीं। गांधीजी के इस विरोध और स्वाभिमान को देखकर गोरा मुखिया गुस्से में आ गया और उसने गांधीजी को मारना-पीटना तथा खींचना शुरू कर दिया, जिससे उनके बीच विवाद हो गया।
સાચો જવાબ:
गांधीजी ने एजेंट को पत्र इसलिए लिखा ताकि वे अपने साथ हुए अमानवीय व्यवहार की शिकायत कर सकें और गोरे द्वारा दी गई धमकी के खिलाफ सुरक्षा पा सकें। वे यह लिखित आश्वासन चाहते थे कि अगले दिन की यात्रा में उन्हें अंदर ही यात्रियों के साथ जगह मिले। उत्तर में एजेंट ने संदेश भेजा कि आगे की यात्रा में गाड़ी और कर्मचारी बदल जाएँगे तथा शिकायत वाला गोरा व्यक्ति साथ नहीं रहेगा। उसने आश्वासन दिया कि गांधीजी को दूसरे यात्रियों के साथ अंदर ही सीट मिलेगी।
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