સાચો જવાબ:
कवि के साथ यात्रा कर रहे सहयात्री (देश की जनता) आलस्य, निराशा और उपेक्षा में डूबे हुए हैं, वे परिस्थितियों से हताश होकर ऊँघ रहे हैं। कवि उनकी इस निष्क्रियता और उदासीनता को दूर करना चाहता है। इसलिए वह ऐसी तीव्र, ओजस्वी और चेतना जगाने वाली ('तड़पती-सी') ग़ज़ल सुनाना चाहता है, जिससे सोए हुए लोगों में जागृति, स्फूर्ति और क्रांति का नया संचार हो सके और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकें।