ધોરણ 6 | విષય: Hindi
उत्तर: यह वाक्य बिच्छू ने नन्ही से कहा। नन्ही की बार-बार की भलाई और निस्वार्थ भाव को देखकर बिच्छू को अपनी गलती पर बेहद पछतावा हुआ और उसका हृदय बदल गया।
उत्तर: यदि मैं नन्ही की जगह होता, तो पहली बार बिच्छू को दलदल से जरूर बचाता क्योंकि जीव रक्षा हमारा कर्तव्य है। लेकिन जब वह मुझे डंक मार देता, तो मैं दुबारा उसे बचाने के लिए खुद आगे नहीं बढ़ता, बल्कि किसी लकड़ी या सुरक्षित साधन की मदद से उसे पानी से बाहर निकालता ताकि उसका स्वभाव भी बदल जाए और मुझे नुकसान भी न पहुँचे।
उत्तर: नन्ही एक छोटी और समझदार बतख थी।
उत्तर: बिच्छू एक दलदल में फँस गया था।
उत्तर: बिच्छू को पछतावा इसलिए हुआ क्योंकि उसने नन्ही के साथ बार-बार विश्वासघात किया और डंक मारा, फिर भी नन्ही ने मुसीबत में पड़ने पर हर बार उसकी जान बचाई और उसके साथ भलाई की।
उत्तर: नन्ही ने यह निश्चय किया कि वह बिच्छू की डंक मारने की गंदी आदत को छुड़ाकर ही रहेगी।
उत्तर: नन्ही का स्वभाव भलाई करना और दूसरों की जान बचाना था। बिच्छू की करुण पुकार सुनकर नन्ही को उस पर दया आ गई, इसलिए उसने बिच्छू को बचाया।
उत्तर: माँ ने नन्ही से कहा कि बिच्छू अपनी गंदी आदत का गुलाम है। तुम उसे चाहे कितनी बार भी बचाओ, वह अपनी आदत के अनुसार बार-बार डंक मारता रहेगा।
उत्तर: नन्ही ने कहा कि भलाई करना मेरा स्वभाव है। मैं मुसीबत में पड़े व्यक्ति को बार-बार बचाती रहूँगी। दूसरों की बुरी आदत के कारण मैं अपनी अच्छी आदत क्यों छोड़ूँ?
(पाठ के अनुसार सही क्रम इस प्रकार है)
(ड) नन्ही ने बिच्छू को दलदल में फँसा हुआ देखा।
(क) नन्ही ने बिच्छू को दलदल से निकालकर सूखे स्थान पर रख दिया।
(इ) बिच्छू ने नन्ही को डंक मार दिया।
(ब) नन्ही अपनी माँ के पास चली गई।
(अ) नन्ही बिच्छू की आवाज सुनकर दौड़ती आ गई।
नदी → वाक्य: गंगा भारत की एक पवित्र नदी है।
माँ → वाक्य: माँ अपने बच्चों से बहुत प्यार करती है।
पानी → वाक्य: हमें पानी बर्बाद नहीं करना चाहिए।
तट → वाक्य: नदी का तट बहुत सुंदर था।
बच्चा → वाक्य: बच्चा खिलौने से खेल रहा है।
शर्म से पानी-पानी होना (बहुत लज्जित होना)
वाक्य: चोरी पकड़े जाने पर नौकर शर्म से पानी-पानी हो गया।
जीवनदान देना (नया जीवन देना)
वाक्य: डॉक्टर ने गंभीर रूप से बीमार मरीज को जीवनदान दिया।
वचन देना (वादा करना)
वाक्य: राजा दशरथ ने कैकेयी को तीन वचन दिए थे।
स्थान − जगह
वाक्य: यह घूमने के लिए बहुत अच्छी जगह है।
स्वभाव − प्रकृति / आदत
वाक्य: अच्छे लोगों का स्वभाव हमेशा नम्र होता है।
मुसीबत − संकट / कठिनाई
वाक्य: हमें मुसीबत के समय कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
प्रसन्न − खुश
वाक्य: परीक्षा का परिणाम देखकर पिताजी बहुत प्रसन्न हुए।
थिरकना − नाचना
वाक्य: बादलों को देखकर मोर थिरकने लगा।
क्रम: (4) डंक → (2) नदी → (1) बिच्छू → (5) मुसीबत → (3) शैतानी
दो-दो वाक्य और कहानी:
एक बार एक कौए को एक रोटी मिली और वह पेड़ की डाल पर बैठ गया।
एक भूखी लोमड़ी ने कौए के मुँह में रोटी देखी तो उसके मुँह में पानी आ गया।
लोमड़ी ने चालाकी से कौए के गाने की झूठी तारीफ की।
जैसे ही कौए ने गाने के लिए मुँह खोला, रोटी नीचे गिर गई और लोमड़ी उसे लेकर भाग गई।
सीख: चापलूस और झूठी तारीफ करने वाले लोगों से हमेशा सावधान रहना चाहिए।
उत्तर: चित्र को देखकर पता चलता है कि साइकिल चलाते समय अचानक सामने कोई रुकावट आने से लड़का गिर गया है। इसके बाद:
पास से गुजरने वाले दयालु लोग तुरंत उस लड़के को उठाने के लिए दौड़ेंगे।
उसे सड़क के किनारे बिठाकर पीने के लिए पानी देंगे।
यदि उसे मामूली चोट आई होगी, तो पास की दुकान से दवा लाकर प्राथमिक उपचार करेंगे। यदि चोट ज्यादा होगी, तो उसे डॉक्टर के पास ले जाएँगे।
(1) बिच्छू बोला नन्ही बहन आज तुम जीत गई
उत्तर: बिच्छू बोला, "नन्ही बहन! आज तुम जीत गई।"
(2) क्यों भाई तुमने मुझे डंक क्यों मारा
उत्तर: "क्यों भाई! तुमने मुझे डंक क्यों मारा?"
(3) बिच्छूभाई ठिठक क्यों गए डंक मारो
उत्तर: "बिच्छू भाई! ठिठक क्यों गए? डंक मारो।"
(4) भलाई करना मेरा स्वभाव है
उत्तर: "भलाई करना मेरा स्वभाव है।"
(5) बहन मुझे बचा लो
उत्तर: "बहन! मुझे बचा लो।"
(1) असुरों के बारे में इन्द्र ने क्या कहा?
उत्तर: इन्द्र ने कहा कि असुर न केवल देवताओं से अधिक बलवान हैं, अपितु चतुर भी अधिक हैं। हम एक शस्त्र बनाते हैं तो वे चार बना लेते हैं और उनसे पार पाना कठिन है।
(2) देवता ब्रह्माजी के पास क्यों गये?
उत्तर: देवता वृत्रासुर के आतंक से त्रस्त थे और अपनी प्राण रक्षा के लिए तथा वृत्रासुर के विनाश का उपाय जानने के लिए ब्रह्माजी के पास गए थे।
भ : भालू, भोजन, भवन, भाई, भगत
व : वन, विकास, विद्यालय, वायु, वर्षा
र : राजा, रात, रथ, रस्सी, रंग
न : नदी, नल, नया, नमक, नगर
ग : गाय, गमला, गीत, गुरु, गगन