ધોરણ 6 | విષય: Hindi ds
(1) राधा पढ़ने में तेज़ है लेकिन खेल में नहीं।
(2) रोहित बहुत तेज़ भागा क्योंकि वह गाड़ी पकड़ना चाहता था।
(3) सुरेश को बुखार था, फिर भी वह स्कूल आया।
(4) मैं समझता हूँ कि वह क्या कहना चाहता है।
(5) आप चाय पसंद करेंगे या कॉफी?
(6) मैंने सुबह ही पढ़ाई कर ली ताकि शाम को खेल सकूँ।
(7) अध्यापक रुक गए और लड़के के बोलने की प्रतीक्षा करने लगे।
उदाहरण : कुछ — कुछ कपड़े गंदे हैं।
(1) सुंदर
उत्तर: बगीचे में सुंदर फूल खिले हैं।
(2) चार
उत्तर: मेज पर चार पुस्तकें रखी हैं।
(3) उसका
उत्तर: उसका भाई कक्षा में प्रथम आया है।
(4) थोड़ा
उत्तर: मुझे थोड़ा पानी दीजिए।
(5) लाल
उत्तर: उसने लाल गुलाब का फूल तोड़ा।
(6) तीसरा
उत्तर: तीसरा लड़का दौड़ प्रतियोगिता में जीत गया।
(7) पंद्रह
उत्तर: कक्षा में पंद्रह छात्र उपस्थित हैं।
उदाहरण : क् + क = क्क → धक्का : उसने मुझे धक्का मारा ।
(1) च् + च = च्च → कच्चा
उत्तर: यह आम अभी कच्चा है।
(2) त् + त = त्त → पत्ता
उत्तर: पेड़ से एक सूखा पत्ता गिरा।
(3) न् + न = न्न → अन्न
उत्तर: हमें अन्न का अपमान नहीं करना चाहिए।
(4) द् + ध = द्ध → शुद्ध
उत्तर: हमें हमेशा शुद्ध जल पीना चाहिए।
(5) द् + व = द्व → द्वार
उत्तर: घर के द्वार पर अतिथि खड़े हैं।
(6) श् + व = श्व → ईश्वर
उत्तर: हमें ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए।
(7) ह् + य = ह्य → बाह्य
उत्तर: हमें बाह्य आडंबरों से दूर रहना चाहिए।
(8) द् + म = द्म → पद्म
उत्तर: तालाब में सुंदर पद्म (कमल) खिला है।
उदाहरण : लड़ाई - उतराई, कमाई, बुनाई, धुलाई, पढ़ाई, सिलाई...
(1) लताएँ — कथाएँ, व्यथाएँ, दिशाएँ, कविताएँ, सभाएँ
(2) सुंदरता — मानवता, महानता, सज्जनता, कठोरता, चंचलता
(3) ग्वालिन — मालिन, धोबिन, नातिन, पड़ोसिन
(4) लिखावट — बनावट, सजावट, थकावट, रुकावट
(5) सुनकर — देखकर, पढ़कर, समझकर, हंसकर
(6) चिड़ियाँ — गुड़िया, पुड़िया, नदियाँ, बेटियाँ
(चित्र का वर्णन)
उत्तर: प्रस्तुत चित्र में एक सुंदर प्राकृतिक दृश्य दिखाई दे रहा है। चित्र में सूर्योदय हो रहा है और पहाड़ों के पीछे से सूरज निकल रहा है। आकाश में पक्षी उड़ रहे हैं। रास्ते पर एक चरवाहा अपनी भेड़ों/बकरियों को चराने ले जा रहा है। पास ही सुंदर पेड़-पौधे और हरियाली छाई हुई है। वातावरण बहुत ही शांत, मनोरम और स्फूर्तिदायक लग रहा है।
(मातृभाषा: गुजराती)
एक चिड़िया पेड़ पर रहती थी । उसका घोंसला पेड़ पर था । घोंसले में उसके तीन बच्चे थे । वह अपने बच्चों के साथ रहती थी । एक दिन एक शिकारी वहाँ आया। वह चिड़िया को मारना चाहता था। चिड़िया ने बच्चों को घोंसले में सिर नीचा कर बैठने को कहा । वह खुद वहाँ से उड़ गई और पत्तों में छिपकर बैठ गई । शिकारी चिड़िया को न देखकर वहाँ से चला गया ।
गुजराती अनुवाद:
એક ચકલી ઝાડ પર રહેતી હતી. તેનો માળો ઝાડ પર હતો. માળામાં તેના ત્રણ બચ્ચાં હતાં. તે પોતાના બચ્ચાં સાથે રહેતી હતી. એક દિવસ એક શિકારી ત્યાં આવ્યો. તે ચકલીને મારવા માંગતો હતો. ચકલીએ બચ્ચાંને માળામાં માથું નીચું કરીને બેસવા કહ્યું. તે પોતે ત્યાંથી ઊડી ગઈ અને પાંદડાંમાં છુપાઈને બેસી ગઈ. શિકારી ચકલીને ન જોઈને ત્યાંથી જતો રહ્યો.
(1) बैर हो ना किसी का किसी से
भावना मन में बदले की हो ना... ।
भावार्थ: कवि ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दुनिया में किसी भी इंसान का किसी दूसरे इंसान के साथ दुश्मनी या बैर न हो। यदि कभी किसी से कोई भूल हो भी जाए, तो हमारे मन में उससे बदला लेने की भावना उत्पन्न न हो, बल्कि क्षमा की भावना रहे।
(2) अपनी करुणा का जल तू बहा के
कर दे पावन हर एक मन का कोना...
भावार्थ: कवि ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभु! आप अपनी दया और करुणा रूपी पवित्र जल की धारा हमारे हृदयों में बहा दीजिए, जिससे हमारे मन में व्याप्त बुराइयाँ, पाप और घृणा समाप्त हो जाएँ और हर मनुष्य के मन का कोना-कोना पवित्र बन जाए।