ધોરણ 6 | విષય: Hindi ds
12, शांति कुंज,
अहमदाबाद।
दिनांक : 22 सितंबर 2026
प्रिय मित्र रोहन,
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम वहाँ सकुशल होगे। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि आगामी 28 सितंबर को तुम्हारा जन्मदिन है। इस शुभ अवसर पर मेरी ओर से तुम्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएँ!
ईश्वर से मेरी यही प्रार्थना है कि वे तुम्हें उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और जीवन में अपार सफलता प्रदान करें। मैं इस अवसर पर तुम्हारे साथ होना चाहता था, परंतु परीक्षाओं के कारण नहीं आ पा रहा हूँ।
पुनः जन्मदिन की हार्दिक बधाई। अंकल और आंटी जी को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
करण
(1) उलटा चोर कोतवाल को डाँटे
अर्थ: अपना अपराध स्वीकार न करके उल्टा पूछने वाले या निर्दोष व्यक्ति पर ही दोष मढ़ना।
(2) आसमान से गिरा खजूर में अटका
अर्थ: एक विपत्ति या संकट से निकलकर दूसरी नई विपत्ति में फँस जाना।
(3) जैसी करनी वैसी भरनी
अर्थ: जो जैसा काम करता है, उसे वैसा ही फल या परिणाम मिलता है।
शीर्षक: एकता में बल / समझदार बत्तखें
कहानी:
एक सुंदर तालाब में कुछ बत्तखें खुशहाली से तैर रही थीं। एक दिन एक शिकारी ने उन्हें पकड़ने के लिए तालाब के किनारे बड़ा सा जाल बिछा दिया। बत्तखें दाने के लालच में जैसे ही किनारे आईं, जाल में फँस गईं।
जब शिकारी उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़ा, तो बत्तखों की मुखिया ने बुद्धिमत्ता दिखाई। उसने सभी बत्तखों से कहा कि घबराने की ज़रूरत नहीं है, यदि हम सब एक साथ मिलकर एक ही दिशा में उड़ें तो हम इस जाल को लेकर उड़ सकती हैं।
सभी बत्तखों ने एक साथ ज़ोर लगाया और जाल सहित हवा में उड़ गईं। शिकारी हैरान होकर देखता ही रह गया। दूर एक पहाड़ी पर जाकर बत्तखें उतरीं, जहाँ उनके मित्र चूहे ने अपने तेज दाँतों से जाल काटकर उन सभी को आज़ाद करा दिया।
शिक्षा: संकट के समय घबराना नहीं चाहिए, एकता और सूझ-बूझ से बड़ी से बड़ी मुसीबत से बचा जा सकता है।
उठना: मैं सुबह छह बजे उठता हूँ।
दंतधावन (ब्रश करना): मैं रोज़ सुबह और रात को दाँत साफ़ करता हूँ।
स्नान करना: मैं स्वच्छ पानी से स्नान करता हूँ।
प्रार्थना करना: मैं ईश्वर की प्रार्थना करता हूँ।
पढ़ाई करना: मैं सुबह दो घंटे मन लगाकर पढ़ाई करता हूँ।
नाश्ता करना: मैं पौष्टिक नाश्ता करता हूँ।
स्कूल जाना: मैं समय पर स्कूल जाता हूँ।
खेलना: मैं शाम को दोस्तों के साथ मैदान में खेलता हूँ।
अनुवाद:
થોડા દિવસો પછી અલી ખ્વાજા મક્કાની યાત્રાએથી પાછો આવ્યો. ઘરમાં પોતાનો સામાન મૂકીને તે સીધો વાજિદના ઘરે ગયો અને પોતાની યાત્રાની બધી વાતો કહી. પછી તેલનો ઘડો લઈને તે ઘરે આવી ગયો. જ્યારે તેણે ઘડામાંથી તેલ કાઢીને જોયું તો તેના પગ નીચેથી જમીન જ સરકી ગઈ. તે માથું પકડીને બેસી ગયો, કારણ કે ઘડામાં એક પણ સોનાની મહોર નહોતી. તે વિચારવા લાગ્યો, હવે શું કરવું?
वसुधा = पृथ्वी, धरा
पथ = रास्ता, मार्ग
मधुबन = उपवन, बगीचा
गगन = आकाश, नभ
बरकत = लाभ, वृद्धि
आनंद = खुशी, हर्ष
निशा = रात, रात्रि
शान = प्रतिष्ठा, शोभा
पुष्प = फूल, कुसुम
सूरज = सूर्य, दिनकर
पक्षी = खग, पंछी
आदमी = मनुष्य, मानव
आँख = नयन, नेत्र
ईश्वर = भगवान, प्रभु
पानी = जल, नीर
सेवक → सेविका
अभिनेता → अभिनेत्री
कवि → कवयित्री
लेखक → लेखिका
नाई → नाइन
प्रज्ञावान → प्रज्ञावती
मोर → मोरनी
इन्द्राणी → इन्द्र
आचार्य → आचार्या
नर → नारी
वर → वधू
भगवान → भगवती
पुजारी → पुजारिन
सेठानी → सेठ
मालिक → मालकिन
आदर × अनादर
जीवन × मरण / मृत्यु
अंधकार × प्रकाश
मान × अपमान
सुंदर × कुरूप
विश्वास × अविश्वास
सार्थक × निरर्थक
नूतन × पुरातन
पुस्तक → पुस्तकें
लता → लताएँ
गुरु → गुरुजन / गुरु
स्त्री → स्त्रियाँ
सड़क → सड़कें
बेटा → बेटे
आँख → आँखें
कपड़ा → कपड़े