ધોરણ 7 | విષય: Hindi
चिड़िया उड़ रही है। → चिड़ियाँ उड़ रही हैं।
कली नहीं खिली है। → कलियाँ नहीं खिली हैं।
बूँद गिरती है। → बूँदें गिरती हैं।
दरवाज़े खुले हैं। → दरवाज़ा खुला है।
लड़कियाँ खेल रही हैं। → लड़की खेल रही है।
(1) फूलों में रंग कौन भरता है?
(2) बादल में बिजली क्यों चमकती है? / जल ही जीवन है। (प्रदत्त शब्दों के अनुसार: "बादल में बिजली क्यों चमकती है?" तथा "जल ही जीवन है।")
कूक: कोयल की बोली / आवाज
इरादा: संकल्प / विचार / मंशा
तरुवर: बड़ा वृक्ष / पेड़
मुग्ध: मोहित / आसक्त
गुजारिश: प्रार्थना / निवेदन
(1) "कलियाँ दरवाजे खोल-खोल जब दुनिया पर मुसकाती हैं।"
भावार्थ: जब सुबह के समय बंद कलियाँ अपनी पंखुड़ियों रूपी दरवाज़े खोलकर खिल जाती हैं, तो ऐसा लगता है मानो वे पूरे संसार पर मुस्कुरा रही हों और अपनी सुगंध फैला रही हों।
(2) "जब छम-छम बूँदें गिरती हैं, बिजली चम चम कर जाती है।"
भावार्थ: वर्षा ऋतु में जब आकाश से छम-छम करती बारिश की बूँदें जमीन पर गिरती हैं और बादलों के बीच बिजली चम-चम चमकती है, तब प्रकृति की यह सुंदरता ईश्वर की याद दिलाती है।
(1) सुबह: प्रात:काल
वाक्य: प्रात:काल देवालय में पूजा होती है।
(2) खुशी: आनंद
वाक्य: सफलता मिलने पर मन में बहुत आनंद होता है।
(3) खुशबू: सुगंध
वाक्य: फूलों की सुगंध सबको अच्छी लगती है।
(4) बहुत: ज़्यादा
वाक्य: आज बाज़ार में ज़्यादा भीड़ है।
(5) मुसकाना: हँसना
वाक्य: बच्चों को हँसना बहुत भाता है।
सही क्रम:
उठकर
कलियाँ
चाँद
मैदान
मुस्कान