ધોરણ 7 | విષય: Hindi
(1) समाधि: "वहाँ एक तालाब है, जिसके तट पर एक कुत्ते की समाधि है।"
(2) बनजारा: "एक बनजारा था।" / "लाखों का व्यापार था उसका। इसीलिए लोग उसे लाखा बनजारा कहते थे।"
(3) वफ़ादार: "कुत्ता बड़ा वफ़ादार था।"
(4) शव: "वह कुत्ते के शव को अपनी गोदी में लेकर फूट-फूटकर रोने लगा..."
(5) लुटेरा: "अगर चोर-लुटेरे पड़ाव की तरफ आते दिखाई देते थे तो कुत्ता भौंक-भौंक कर उन्हें दूर भगा देता था।"
(6) जमानत: "तो तुम इसे ही जमानत के रूप में दे दो।"
(7) सूद: "मैं आपकी पूरी रकम सूद समेत एक साल में ही चुका दूँगा।"
(8) गोद: "वह कुत्ते के शव को अपनी गोदी में लेकर फूट-फूटकर रोने लगा..."
स्वामीभक्त कुत्ता
जल्दबाजी का परिणाम
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताए
लाखा बनजारा और उसका वफ़ादार कुत्ता
सही क्रम:
आश्चर्य
इसीलिए
लुटेरा
वफ़ादार
वापस
सुंदर
(1) सेठ की जगह आप होते तो... यदि मैं सेठ की जगह होता, तो बनजारे की सच्चाई और दुख को देखकर बिना कुत्ता गिरवी रखे भी उसकी ईमानदारी पर भरोसा करके उसे पैसे उधार दे देता।
(2) लाखा की जगह आप होते तो... यदि मैं लाखा की जगह होता, तो अपने कुत्ते को आते देखकर उस पर गुस्सा करने के बजाय प्यार से उसके पास जाता और उसके गले में बँधी चिट्ठी देखने की कोशिश करता।
राजा → रानी
ग्वाला → ग्वालिन
अभिनेता → अभिनेत्री
शेर → शेरनी
राणा → रानी (या राणी)
सुनार → सुनारिन
ऊँट → ऊँटनी
लुटेरा → लुटेरिन
बनजारा → बनजारिन
सेठ → सेठानी
शीर्षक: बुद्धिमान सेठ और चतुर युक्ति
एक अमीर सेठ के घर में कई नौकर काम करते थे। एक दिन सेठ का कीमती सोने का हार चोरी हो गया। सेठ को संदेह था कि चोरी घर के ही किसी नौकर ने की है। उन्होंने सभी नौकरों से बारी-बारी पूछा, लेकिन किसी ने भी चोरी स्वीकार नहीं की।
तब सेठ ने चोर को पकड़ने के लिए एक चतुर युक्ति निकाली। उन्होंने सभी नौकरों को बुलाया और प्रत्येक को सात-सात इंच की एक-एक लकड़ी दी। सेठ ने कहा, "ये कोई साधारण लकड़ियाँ नहीं हैं, ये जादू की छड़ियाँ हैं। आप सभी इन्हें अपने पास रखें। जिसने भी हार चुराया होगा, उसकी लकड़ी कल सुबह तक एक इंच लंबी हो जाएगी। कल सुबह सब अपनी-अपनी लकड़ी मुझे दिखाएँ।"
सभी नौकर लकड़ियाँ लेकर अपने घर चले गए। जिस नौकर ने हार चुराया था, वह घबरा गया। उसने सोचा कि यदि रात में मेरी लकड़ी एक इंच बढ़ गई, तो मैं पकड़ा जाऊँगा। इसलिए उसने समझदारी दिखाते हुए अपनी लकड़ी को एक इंच काटकर छोटा कर दिया।
दूसरे दिन सुबह जब सेठ ने सभी नौकरों की लकड़ियाँ नापीं, तो उस चोर नौकर की लकड़ी एक इंच छोटी निकली। सेठ तुरंत समझ गए कि असली चोर वही है। नौकर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और हार वापस मिल गया।
शिक्षा: चोरी कभी छुपती नहीं है और अपराधी अपनी ही चालाकी में फँस जाता है।
(1) सेठानी ने कहा, रुपये तो मैं दे दूँगी।
(2) बनजारिन को बहुत दुःख हुआ।
(3) ऊँटनी की पीठ पर सामान लदा है।
(4) मैदान में लड़की खेल रही है।
(1) शिष्य - शिष्या
वाक्य (शिष्य): शिष्य अपने गुरु की आज्ञा मानता है।
वाक्य (शिष्या): शिष्या ने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
(2) शिक्षक - शिक्षिका
वाक्य (शिक्षक): शिक्षक हमें अच्छी बातें सिखाते हैं।
वाक्य (शिक्षिका): शिक्षिका कक्षा में हिन्दी पढ़ा रही हैं।
(3) घोड़ा - घोड़ी
वाक्य (घोड़ा): घोड़ा मैदान में तेज़ दौड़ता है।
वाक्य (घोड़ी): घोड़ी सवारी के काम आती है।
(4) देव - देवी
वाक्य (देव): देवों की पूजा की जाती है।
वाक्य (देवी): माँ दुर्गा एक शक्ति रूपी देवी हैं।
(5) नाग - नागिन
वाक्य (नाग): नाग बिल में रहता है।
वाक्य (नागिन): नागिन अपने फन से सचेत करती है।
(6) गाय - बैल (उदाहरण स्वरूप दिए गए हैं)
वाक्य (गाय): गाय का दूध सेहत के लिए अच्छा है।
वाक्य (बैल): बैल किसान का दोस्त है।
(1) सैनिक हमारे देश की रक्षा करते हैं।
संज्ञा शब्द: सैनिक (जातिवाचक), देश (जातिवाचक)
(2) हमें देश की प्रगति के बारे में सोचना चाहिए।
संज्ञा शब्द: देश (जातिवाचक), प्रगति (भाववाचक)
(3) गंगा भारत की पवित्र नदी है।
संज्ञा शब्द: गंगा (व्यक्तिवाचक), भारत (व्यक्तिवाचक), नदी (जातिवाचक)