chapter 4

ધોરણ 7 | విષય: Hindi

अभ्यास
1. सोचकर बताइए :

સાચો જવાબ: ईश्वर ने मनुष्य को सोचने, समझने और सही-गलत का निर्णय लेने के लिए विचारशक्ति, बुद्धि और अन्य विशिष्ट शक्तियाँ प्रदान की हैं। साथ ही उसे अनेक गुणों से सँवारा है, जिससे वह संसार में बहुत अच्छे ढंग से जीवन-यापन कर सकता है। इसलिए ईश्वर ने मनुष्य को अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ बनाया है।

સાચો જવાબ:


  • "धूम्रपान वर्जित है" बसों, ट्रेनों, अस्पतालों, सिनेमाघरों, पेट्रोल पंपों, हवाई अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लिखा होता है।




  • कारण: यह इसलिए लिखा होता है क्योंकि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और सार्वजनिक स्थानों पर दूसरों को धुएँ से परेशानी होती है तथा दुर्घटना/आग लगने का ख़तरा रहता है।




સાચો જવાબ: फूल सुंदर, कोमल, रंग-बिरंगे होते हैं और उनमें से मनमोहक सुंगध आती है। वे वातावरण को खुशनुमा और आकर्षक बनाते हैं, इसलिए फूल सबको अच्छे लगते हैं।

સાચો જવાબ:

लोग निम्नलिखित स्थानों पर कतार (लाइन) में खड़े रहते हैं:





  • बिजली, पानी या टेलीफोन के बिल जमा कराने के लिए।




  • बस, ट्रेन या हवाई जहाज़ की टिकट लेने के लिए।




  • राशन की दुकान या बैंक/एटीएम (ATM) में पैसे निकालने के लिए।




  • सिनेमाघर में टिकट खरीदने और प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने के लिए।




સાચો જવાબ:







































क्र. विरामचिह्न विरामचिह्न का नाम
(1) ? (4) प्रश्नसूचक चिह्न
(2) ! (1) उद्गार चिह्न / विस्मय चिह्न
(3) , (6) अल्पविराम
(4) “ ” (2) अवतरण चिह्न
(5) । (5) पूर्णविराम
(6) - (3) योजक चिह्न

સાચો જવાબ:

(1) फूल तोड़ना मना है





  • उत्तर: फूल तोड़ना मना है। (पूर्णविराम)





(2) वाह कितना सुन्दर दृश्य है





  • उत्तर: वाह! कितना सुन्दर दृश्य है। (विस्मयसूचक चिह्न और पूर्णविराम)





(3) बसों में लिखा होता है धूम्रपान वर्जित है





  • उत्तर: बसों में लिखा होता है, "धूम्रपान वर्जित है।" (अल्पविराम, अवतरण चिह्न और पूर्णविराम)





(4) धारा रात दिन पढ़ती रहती है





  • उत्तर: धारा रात-दिन पढ़ती रहती है। (योजक चिह्न और पूर्णविराम)





(5) पौधे बारिश में ही क्यों लगाए जाते हैं





  • उत्तर: पौधे बारिश में ही क्यों लगाए जाते हैं? (प्रश्नसूचक चिह्न)




સાચો જવાબ:


  1. मनुष्य अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ है।





    • जातिवाचक संज्ञा: मनुष्य, प्राणियों






  2. शिल्पा ने चार पौधे लगाए।





    • जातिवाचक संज्ञा: पौधे






  3. शहर के लोग सुबह-शाम टहलने जाते हैं।





    • जातिवाचक संज्ञा: शहर, लोग






  4. फूल सबको अच्छे लगते हैं।





    • जातिवाचक संज्ञा: फूल






સાચો જવાબ: कथनी और करनी में समानता रखने में निश्चित रूप से मुश्किलें आती हैं। मनुष्य अक्सर दूसरों को उपदेश देना और आदर्श की बातें करना आसान समझता है, लेकिन जब खुद उन नियमों का पालन करने की बारी आती है, तो आलस्य, स्वार्थ या सुविधा के कारण वह अपने ही बनाए नियमों को तोड़ देता है। अपनी कथनी और करनी को एक समान रखने के लिए आत्म-नियंत्रण, सच्चाई और कड़े अनुशासन की आवश्यकता होती है।
5. परिच्छेद पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ: हम पर तीन चीज़ों का ऋण है—हमारी माता (जननी), हमारी मातृभूमि और हमारी मातृभाषा।

સાચો જવાબ: क्योंकि माता हमें जन्म देती है और अपनी ममता की गोद में पाल-पोसकर हमें बड़ा और पुष्ट बनाती है, इसलिए उनका हम पर भारी उपकार है जिसे अदा करना हमारा परम कर्तव्य है।

સાચો જવાબ: अपनी मातृभाषा की सेवा करने के व्रत का पालन करना अत्यंत कठिन है (यह तलवार की धार पर चलने के समान है)।

સાચો જવાબ: जो व्यक्ति अपनी मातृभाषा का तिरस्कार (अनादर) करता है, उसे कभी देशभक्त नहीं कहा जा सकता।

સાચો જવાબ: उपयुक्त शीर्षक: 'मातृभाषा और हमारा कर्तव्य' या 'मातृभूमि और मातृभाषा का ऋण'।
स्वाध्याय

સાચો જવાબ: "कथनी और करनी में अन्तर" समाज की एक बहुत बड़ी बुराई है। बहुत से लोग बातें तो बड़ी-बड़ी आदर्शवादी करते हैं, जैसे— "सत्य बोलो", "कचरा मत फैलाओ", "नियमों का पालन करो", लेकिन खुद के जीवन में वे इन बातों को बिल्कुल लागू नहीं करते। जब व्यक्ति कहता कुछ है और करता कुछ और है, तो वह समाज में अपनी विश्वसनीयता खो देता है और हँसी का पात्र बनता है। यदि हम चाहते हैं कि लोग हमारा सम्मान करें, तो हमारी कथनी (बात) और करनी (काम) में अंतर नहीं होना चाहिए।

સાચો જવાબ:


  • उदाहरण: फूल तोड़ना मना है ।







  1. वाक्य 1: मैं हर रोज खेलने जाता हूँ।




  2. वाक्य 2: सब से कथनी और करनी में समानता रखनी चाहिए।




  3. वाक्य 3: वे कहीं से नए पौधे लाए।




  4. वाक्य 4: सबको फूल अच्छे लगते हैं।




  5. वाक्य 5: मुझे हर रोज पढ़ना चाहिए।




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