ધોરણ 7 | విષય: Hindi
प्रथम पँखुड़ी समूह:
क्रमबद्ध वाक्य: हम भारत देश के निवासी हैं।
द्वितीय पँखुड़ी समूह:
क्रमबद्ध वाक्य: फूलों की तरह हँसते रहना चाहिए।
तृतीय पँखुड़ी समूह:
क्रमबद्ध वाक्य: कोयल की आवाज मधुर होती है।
रीनल पढ़ रही है।
रीनल खेल रही है।
मेघा पढ़ रही है।
मेघा खेल रही है।
हरेश पढ़ रहा है।
हरेश खेल रहा है।
सोहन खेल रहा है।
"हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं, रंग, रूप, वेश, भाषा चाहे अनेक हैं।"
भावार्थ: इस भारत देश में रहने वाले सभी नागरिक मूल रूप से एक हैं। चाहे उनका रंग-रूप अलग हो, उनका पहनावा (वेशभूषा) अलग हो या वे अलग-अलग भाषाएँ बोलते हों, फिर भी वे सब भारतीय हैं और भारत माता की संतान हैं।
परिवर्तित परिच्छेद:
एक मोटा आदमी जा रहा था। पीछे-पीछे एक लड़का चल रहा था। लड़का छोटा और पतला था। आदमी को पता चला तो घूरकर बोला, – “ए लड़के! मेरे पीछे-पीछे क्यों चल रहा है?" लड़का भोलेपन से बोला, “मैं तो केवल छाँव के नीचे चल रहा था।"
पंथ: राह, रास्ता ➔ [पैर] पर घेरा ⚪ लगाएँ।
कुसुम: पुष्प, फूल ➔ [काँटा] पर घेरा ⚪ लगाएँ।
आम: निराला, अनोखा ➔ [आम] पर घेरा ⚪ लगाएँ।
जन: मनुष्य, मानव ➔ [स्त्री] पर घेरा ⚪ लगाएँ।
1. पंथ = राह / रास्ता
वाक्य प्रयोग: हमें हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए।
2. कुसुम = पुष्प / फूल
वाक्य प्रयोग: बगीचे में सुंदर फूल खिले हैं।
3. निराला = अनोखा
वाक्य प्रयोग: ताजमहल की वास्तुकला बहुत अनोखी है।
4. जन = मनुष्य / मानव
वाक्य प्रयोग: ईश्वर ने मनुष्य को सोचने-समझने की उत्तम बुद्धि दी है।