chapter 6

ધોરણ 7 | విષય: Hindi

अभ्यास
1. निम्नलिखित प्रश्नों की मौखिक चर्चा कीजिए:

સાચો જવાબ: विक्रम साराभाई जब 5-6 साल के थे, तब अपने परिवार के साथ शिमला गए थे। वहाँ उनके पिता श्री अम्बालाल के नाम प्रतिदिन ढेरों चिट्ठियाँ आती थीं। यह देखकर बालक विक्रम के मन में भी इच्छा हुई कि उनके नाम भी बहुत सारे पत्र आएँ। इसलिए उन्होंने कई लिफाफों पर अपना नाम और पता लिखकर डाकघर में डाल दिया।

સાચો જવાબ: (छात्र अपनी रुचि के अनुसार उत्तर दे सकते हैं) मुझे विक्रम साराभाई की तरह साहसिक खेल खेलना और विज्ञान के नए-नए प्रयोग (मॉडल) बनाना बहुत पसंद है। इसके अलावा मुझे बैडमिंटन खेलना और चित्रकारी करना भी पसंद है।

સાચો જવાબ: जब विक्रम साराभाई 5-6 वर्ष के थे, तब वे अपने परिवार के साथ शिमला गए। वहाँ उनके पिता के नाम रोज़ ढेरों पत्र आते थे। यह देखकर बालक विक्रम के मन में भी ढेर सारी चिट्ठियाँ पाने की तीव्र इच्छा जागी। उन्होंने खुद ही कई लिफाफों पर अपना नाम और पता लिखा तथा डाकघर की पेटी में डाल दिया। जब डाकिया उनके नाम के ढेरों पत्र लेकर आया, तो उनके पिता को यह जानकर बहुत हँसी आई और बालक विक्रम की सफलता पाने की इस इच्छा से वे काफी प्रभावित भी हुए।

સાચો જવાબ:


  • गाथा: कथा, कहानी या इतिहास।




  • प्रतीक: चिह्न, निशान या संकेत।




  • विक्रम: पराक्रम, वीरता या साहस।




  • तत्पश्चात: उसके बाद।




  • कैंब्रिज: इंग्लैंड का एक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय/शहर।




  • भौतिक: पदार्थ या प्रकृति से संबंधित (भौतिक विज्ञान/Physics)।




  • अंतरिक्ष: आकाश, ब्रह्मांड या खगोल।




  • प्रयोगशाला: जहाँ वैज्ञानिक प्रयोग और परीक्षण किए जाते हैं (Lab)।




  • इंटरनेशनल: अंतर्राष्ट्रीय (जो अनेक राष्ट्रों से संबंधित हो)।




  • मृत्यु: निधन, मौत।




  • ऊर्जा: शक्ति, क्षमता।




  • युवा: जवान, तरुण।




  • उत्कृष्ट: श्रेष्ठ, उत्तम, सबसे अच्छा।




  • स्मारक: किसी की याद में बनाई गई इमारत या स्तंभ।




  • पुरस्कार: इनाम, सम्मान।




  • हवाई: हवा से संबंधित या वायुमार्ग का।




સાચો જવાબ:


  1. इरादा (विचार, संकल्प):





    • वाक्य प्रयोग: मेरा इरादा एक महान वैज्ञानिक बनने का है।






  2. लिफाफा (कागज़ की चौकोर थैली):





    • वाक्य प्रयोग: विक्रम ने लिफाफे पर अपना नाम और पता लिखा।






  3. ढेरों (बहुत ज्यादा, अधिक):





    • वाक्य प्रयोग: दिवाली पर बच्चों को ढेरों उपहार मिले।






  4. लैस (सुसज्जित):





    • वाक्य प्रयोग: यह प्रयोगशाला आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से लैस है।






  5. अनुसंधान (आविष्कार, खोज):





    • वाक्य प्रयोग: डॉ. साराभाई ने कॉस्मिक किरणों पर गहरा अनुसंधान किया।






  6. उपाधि (प्रतिष्ठा सूचक पद, खिताब):





    • वाक्य प्रयोग: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने उन्हें पीएच. डी. की उपाधि दी।






સાચો જવાબ:


  • लाभदायी पहलू: दूरदर्शन देखना सीमित समय और सही कार्यक्रमों के चयन के साथ लाभदायी है। इससे हमें देश-विदेश की खबरें, शैक्षणिक जानकारी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी के नए आविष्कार और ज्ञानवर्धक वृत्तचित्र (Documentaries) देखने को मिलते हैं।




  • हानिकारक पहलू: यदि दूरदर्शन बहुत अधिक समय तक या बहुत पास से देखा जाए, तो यह हानिकारक है। इससे समय की बर्बादी होती है, आँखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।




  • निष्कर्ष: दूरदर्शन स्वयं में बुरा नहीं है, इसका सही और संतुलित उपयोग इसे लाभदायी बनाता है।




स्वाध्याय

સાચો જવાબ:


  • दाहरण: भारतीय अनुसंधान केन्द्र का गठन किया ।







  1. वाक्य 1: बालक बड़ा होकर यशस्वी बना।




  2. वाक्य 2: अहमदाबाद में लोकविज्ञान केन्द्र की स्थापना की।




  3. वाक्य 3: विकास के लिए उत्कृष्ट योगदान दिया।




  4. वाक्य 4: वे साइकिल पर कलाबाजियाँ करते थे।




સાચો જવાબ:

(1) लड़का ➔ लड़के





  • एकवचन वाक्य: लड़का मैदान में खेल रहा है।




  • बहुवचन वाक्य: लड़के मैदान में खेल रहे हैं।





(2) किताब ➔ किताबें





  • एकवचन वाक्य: यह किताब बहुत उपयोगी है।




  • बहुवचन वाक्य: ये किताबें बहुत उपयोगी हैं।





(3) नदी ➔ नदियाँ





  • एकवचन वाक्य: नदी कल-कल करके बहती है।




  • बहुवचन वाक्य: नदियाँ सागर में जाकर मिलती हैं।





(4) नारी ➔ नारियाँ





  • एकवचन वाक्य: नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।




  • बहुवचन वाक्य: नारियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।





(5) माली ➔ माली (माली शब्द का एकवचन और बहुवचन रूप समान रहता है, वाक्य में क्रिया बदलती है)





  • एकवचन वाक्य: माली पौधे में पानी दे रहा है।




  • बहुवचन वाक्य: सभी माली पौधों में पानी दे रहे हैं।




સાચો જવાબ:

गुजराती अनुवाद (मातृभाषा):




તેઓ માત્ર ઉચ્ચ કક્ષાના વૈજ્ઞાનિક જ નહોતા, પરંતુ પોતાની વ્યસ્તતાઓ છતાં કળા, શિક્ષણ અને સમાજ માટે પૂરતો સમય ફાળવી લેતા હતા. તેમના જ પ્રયત્નોથી અમદાવાદમાં લોકવિજ્ઞાન કેન્દ્ર અને નેહરુ વિકાસ સંસ્થાનની સ્થાપના થઈ, અહીં તેઓ સામાન્ય જનતાની વિજ્ઞાન પ્રત્યે રુચિ જાગૃત કરવા માટે કાર્ય કરતા રહ્યા.



```php
Warning: session_start(): Session cannot be started after headers have already been sent in /home/u367000040/domains/gyanistudent.in/public_html/footer.php on line 8
```