chapter 3

ધોરણ 8 | విષય: Hindi

अभ्यास
1. प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: सुनीता विलियम्स का जन्म भले ही अमेरिका में हुआ हो और उनके पिता भारतीय (गुजरात के) हों, लेकिन जब वे अंतरिक्ष यात्रा पर गईं, तो वे पूरी पृथ्वी का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। अंतरिक्ष से पूरी पृथ्वी एक समान दिखती है, वहाँ कोई सरहद या देश की सीमा नहीं होती। उनकी सफलता से पूरे संसार का सिर ऊँचा हुआ, इसलिए उन्हें किसी एक देश की नहीं बल्कि 'पूरे विश्व की बेटी' कहा गया है।

સાચો જવાબ: हमारा मत यह है कि आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी है। परंपराओं की बेड़ियों को तोड़कर महिलाएँ राजनीति, विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल, सेना और व्यापार जैसे सभी उच्च पदों पर आसीन हैं। कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, इंदिरा गांधी और किरण बेदी जैसी महिलाओं ने यह साबित किया है कि वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।

સાચો જવાબ: यह कथन पूरी तरह सत्य है। सुनीता विलियम्स के जीवन से हमें यही सीख मिलती है। बचपन में नील आर्मस्ट्रांग को चाँद पर उतरते देख उन्होंने जो संकल्प लिया, उसे पूरा करने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया। नासा के बेहद कड़े और मुश्किल प्रशिक्षण को उन्होंने दृढ़ निश्चय के बल पर पूरा किया। यदि इंसान ठान ले और पूरी ईमानदारी से मेहनत करे, तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

સાચો જવાબ: (छात्र यहाँ अपनी इच्छा के अनुसार उत्तर बदल सकते हैं) मैं बड़ा होकर एक वैज्ञानिक (साइंटिस्ट) बनना चाहता हूँ। क्योंकि मैं नई-नई तकनीकों और खोजों के माध्यम से अपने देश की सेवा करना चाहता हूँ और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना चाहता हूँ।
स्वाध्याय
1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: सुनीता विलियम्स कुल 194 दिन, 18 घंटे और 58 मिनट अंतरिक्ष में बिताकर सकुशल धरती पर लौटीं।

સાચો જવાબ:

सुनीता ने अंतरिक्ष में निम्नलिखित रिकॉर्ड बनाए:





  • उन्होंने 29 घंटे 17 मिनट तक 'स्पेसवॉक' (अंतरिक्ष में चहलकदमी) करने का रिकॉर्ड बनाया।




  • अंतरिक्ष के बोस्टन मैराथन में साढ़े चार घंटे में 42 किलोमीटर का सफर काटने वाली वे पहली अंतरिक्ष यात्री बनीं।




  • उन्होंने अंतरिक्ष में 188 दिन और चार घंटे रहने के शैनोन ल्यूसिक के रिकॉर्ड को तोड़कर सबसे लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड बनाया।




સાચો જવાબ: अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स के अलावा हमारे देश के अन्य प्रमुख अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा (प्रथम भारतीय अंतरिक्ष यात्री) और कल्पना चावला (प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री) हैं।

સાચો જવાબ: सुनीता विलियम्स का मूल रूप (उनके पिता दीपकभाई पंड्या) गुजरात, भारत से जुड़ा हुआ है। एक भारतीय मूल की महिला ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और साहस के बल पर पूरे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा को गौरवान्वित किया, हमें इसी बात का गर्व है।

સાચો જવાબ: सुनीता ने बचपन में ही अंतरिक्ष में जाने का संकल्प ले लिया था। उन्होंने नेवल अकादमी से भौतिक विज्ञान में स्नातक और फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट से अनुस्नातक किया। इसके बाद वे नेवी में पायलट और हेलिकॉप्टर प्रशिक्षण प्राप्त कर ऑफिसर इंचार्ज बनीं। कड़ी मेहनत और अटूट साहस के बल पर उनका चयन नासा (NASA) में हुआ, जहाँ उन्होंने 8 साल का कड़ा प्रशिक्षण लेकर और पानी के भीतर रहकर अपने अंतरिक्ष यात्रा के सपने को साकार किया।

સાચો જવાબ:

अंतरिक्ष यात्रा और स्पेस स्टेशन में ज़िंदगी बहुत कठिन होती है। वहाँ निम्नलिखित मुश्किलें आती हैं:





  • वहाँ खाने से लेकर नहाने तक की सभी दैनिक क्रियाएँ बहुत कठिन होती हैं।




  • भारहीनता (शून्य गुरुत्वाकर्षण) के कारण हवा में तैरना पड़ता है और सोने में बड़ी मुश्किल होती है।




  • शरीर का लचीलापन तेज़ी से खत्म होने लगता है तथा मांसपेशियों और हड्डियों को भारी क्षति पहुँचती है, जिससे वे कमज़ोर हो जाती हैं।




  • पृथ्वी पर लौटने के बाद शुरुआती दिनों में चलने-फिरने में भारी दिक्कत होती है और दिमाग को सामान्य होने में समय लगता है।




2. अंदाज अपना-अपना... (कारण स्पष्ट कीजिए)

સાચો જવાબ: क्योंकि 20 सितंबर, 2007 को अमेरिका से एक हवाई जहाज अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आ पहुँचा था, जिसमें गुजरात का गौरव और भारत की शान अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स भारत आई थीं। लोगों में उन्हें देखने और उनका स्वागत करने का भारी उत्साह था।

સાચો જવાબ: क्योंकि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। वह उच्च से उच्च पदों पर आसीन होकर परंपराओं की बेड़ियों को तोड़ रही है और समाज, देश तथा पूरे विश्व के कल्याण में अपना उत्कृष्ट योगदान दे रही है।

સાચો જવાબ: क्योंकि सुनीता पंड्या ने अपने खास मित्र और सहाध्यायी (साथ पढ़ने वाले) माइकल विलियम्स से शादी की, जिसके बाद उनका नाम सुनीता पंड्या से बदलकर सुनीता विलियम्स हो गया।

સાચો જવાબ: .क्योंकि पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला अपने अंतरिक्ष अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जब कोलंबिया स्पेस शटल से धरती पर लौट रही थीं, तब उनका यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उनकी मृत्यु हो गई। इस प्रकार वे शारीरिक रूप से हमसे दूर होकर केवल हमारी यादों (कल्पना) में ही रह गईं।

સાચો જવાબ:


  • इंदिरा गांधी: ये हमारे देश भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री थीं। इन्हें अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक फैसलों के कारण 'आयरन लेडी' (लोह महिला) के नाम से जाना जाता है। उन्होंने देश के विकास और प्रगति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




  • सानिया मिर्जा: ये भारत की एक बेहद प्रसिद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने कई ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर भारत का नाम खेल जगत में ऊँचा किया और देश की लाखों लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।




  • किरण बेदी: ये भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल होने वाली भारत की प्रथम महिला अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस विभाग और जेल सुधारों (विशेषकर तिहाड़ जेल) में क्रांतिकारी कार्य किए। वे अपनी ईमानदारी और जांबाजी के लिए जानी जाती हैं।




  • मल्लिका साराभाई: ये भारत की एक प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना (भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी) तथा अभिनेत्री हैं। वे प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई और नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई की बेटी हैं। उन्होंने नृत्य के माध्यम से सामाजिक समस्याओं को उजागर करने का कार्य किया है।




  • कल्पना चावला: ये भारतीय मूल की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। हरियाणा के करनाल में जन्मी कल्पना ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपार सफलता प्राप्त की। वर्ष 2003 में अंतरिक्ष से लौटते समय हुए हादसे में वे शहीद हो गईं, लेकिन वे आज भी युवाओं की प्रेरणास्रोत हैं।




  • पी. टी. ऊषा: इन्हें भारत की 'उड़न परी' (पय्योली एक्सप्रेस) कहा जाता है। ये भारत की महान महिला धाविका (एथलीट) हैं, जिन्होंने एशियाई खेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए ढेरों स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया।




સાચો જવાબ:

(पाठ्यपुस्तक में दिए गए फूल/प्रकृति के सुंदर चित्र को ध्यान में रखते हुए काव्य रचना)





  • उत्तर:




    कितना सुंदर प्यारा फूल, हवा में खाए सुंदर झूल। खुशबू अपनी यह फैलाता, तितली को पास बुलाता। काँटों में भी मुस्काता है, जीने की राह दिखाता है। हे प्रभु! हमको ऐसा ज्ञान दो, फूलों जैसा सुंदर जीवन दो।





સાચો જવાબ:

(दिए गए परिच्छेद को बिना किसी गलती के सुंदर और शुद्ध लिखावट में लिखना ही अनुलेखन है)





  • उत्तर (अनुलेखन): कुछ नया करने की लगन और उत्साह हो तो लक्ष्य तक पहुँचने से कोई रोक नहीं सकता। बचपन से ही सितारों की सैर का सपना देखनेवाली कल्पना अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के बाद चाँद पर उतरना चाहती थी। बचपन से ही उसके मन में अंतरिक्ष यात्री बनने की धुन सवार थी । एक बातचीत में कल्पना ने कहा था, “मैं बचपन से जिस क्षेत्र में जाना चाहती थी, वहाँ पहुँचने के लिए मैंने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया । "




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