chapter 4

ધોરણ 8 | విષય: Hindi

अभ्यास

સાચો જવાબ:

"युग-युग के मुरझे सुमनों में नयी-नयी मुस्कान भरो। उठो धरा के अमर सपूतों, पुनः नया निर्माण करो ॥"






  • आशय: इस पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं कि सदियों से अज्ञानता, ग़रीबी, लाचारी और निराशा के कारण जिन देशवासियों (सुमन रूपी मनुष्यों) का जीवन मुरझा गया है, उनके जीवन में नई आशा, उत्साह और खुशियाँ भरनी हैं। हे देश के अमर सपूतों! उठो और अपने देश का एक नया और सुंदर निर्माण करो।




સાચો જવાબ: कवि ने देश के सपूतों को यह संदेश दिया है कि वे पुरानी निराशा और अज्ञानता को छोड़कर देश में नया ज्ञान फैलाएँ। प्रकृति के तत्वों से प्रेरणा लेकर देशवासियों के जीवन में नई स्फूर्ति, उमंग और प्राण भरें तथा देश का नवनिर्माण करें।

સાચો જવાબ:


  • राष्ट्रीय संपत्ति: सार्वजनिक इमारतें, ऐतिहासिक स्मारक, रेलवे, बसें, नदियाँ, बाग-बगीचे, सरकारी पुस्तकालय और विद्यालय हमारी राष्ट्रीय संपत्ति हैं।




  • सुरक्षा के लिए हम क्या कर सकते हैं:





    1. हम सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचाएँगे और न ही किसी को ऐसा करने देंगे।




    2. दीवारों और ऐतिहासिक स्मारकों पर कचरा या गंदगी नहीं फैलाएँगे।




    3. बिजली और पानी का अपव्यय रोकेंगे तथा पर्यावरण (पेड़-पौधों) की रक्षा करेंगे।






स्वाध्याय
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

સાચો જવાબ: कवि चाहते हैं कि धरा के अमर सपूत देश के नागरिकों के जीवन में नया उत्साह भरें और स्वतंत्रता के बाद देश का नया और उन्नत निर्माण करें।

સાચો જવાબ: कवि युग-युग से अज्ञान और दुखों के कारण मुरझाए हुए फूलों (मनुष्यों) के चेहरों पर नई मुस्कान देखना चाहते हैं।

સાચો જવાબ: देश के नवनिर्माण के लिए हम मन लगाकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे, देश के नियमों का पालन करेंगे, स्वच्छता बनाए रखेंगे और समाज की भलाई के कार्यों में अपना योगदान देंगे।

સાચો જવાબ: हम हमेशा सकारात्मक सोच रखना, हर परिस्थिति में देशहित के लिए आगे आना, आलस्य छोड़कर परिश्रम करना और समाज के कमजोर वर्ग की मदद करना जैसी बातें अपने जीवन में उतारना चाहेंगे।
2. दिए गए काव्य को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

સાચો જવાબ: हिमालय हमें संदेश देता है कि कितनी भी बड़ी आंधी या कठिनाई क्यों न आए, हमें कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए और अपने पथ पर डटे रहना चाहिए।

સાચો જવાબ: मुसीबत आने पर हमें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि डटकर उसका मुकाबला करना चाहिए।

સાચો જવાબ: क्योंकि हिमालय अपने रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं और मुसीबतों से डटकर लड़ा है और कभी अपने मार्ग से डिगा नहीं है, इसलिए वह दुनिया में सबसे बड़ा (महान) बना है।

સાચો જવાબ: कवि कहते हैं कि हिमालय की तरह हमें भी जीवन की कठिनाइयों और तूफानों से नहीं डरना चाहिए। जो व्यक्ति हर मुसीबत का सामना करते हुए अपने लक्ष्य पर अटल रहता है, वह संसार में हर सफलता और महानता को प्राप्त कर सकता है।

સાચો જવાબ: 'अटल हिमालय' या 'हिम्मत और सफलता'।

સાચો જવાબ: नीले बादल छाए हैं, सुंदर वर्षा की ऋतु आई है। हरा-भरा एक वृक्ष खड़ा है, जिस पर हर डाली पर आनंद छाया है। रंग-बिरंगी तितली उड़ती है, देख फूलों को वह हस्ती है। रिमझिम-रिमझिम बारिश जब होती, देख धरा की छटा मन मोहती।

સાચો જવાબ: माँ खादी की चद्दर दे दो, मैं गाँधी बन जाऊँगा। सत्य और अहिंसा के पथ पर, देश को आगे ले अऊँगा। चरखा कातकर घर-घर में, खुशहाली मैं लाऊँगा, हे भारत माता तेरे चरणों में, शीश हमेशा झुकाऊँगा।
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