ધોરણ 8 | విષય: Hindi
(1) दुष्यंत: दयालुता, बच्चों के प्रति असीम वात्सल्य प्रेम, न्यायप्रियता, संयम और अपने पुत्र एवं पत्नी के प्रति गहरा लगाव।
(2) सर्वदमन: निडरता, अदम्य साहस, बड़ों के प्रति आदर भाव, चंचलता और तेजस्वी स्वभाव।
(1) एक अच्छा जंगल क्या कहलाता है ?
उत्तर: एक अच्छा जंगल "जैविक भंडार घर" कहलाता है।
(2) जंगल को ज्यादा छाँटने या खत्म करने से क्या नुकसान होता है ?
उत्तर: जंगल को ज़्यादा छाँटने या ख़त्म करने से बहुमूल्य पौधे, औषधियाँ, खाने की उपयोगी वस्तुएं और दुर्लभ प्रजातियाँ हमेशा के लिए नष्ट हो जाती हैं।
(3) इस परिच्छेद का उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर: 'जंगल का महत्त्व' या 'जैविक भंडार: जंगल'।
जंगल: वन, कानन, विपिन।
घर: गृह, मकान, निवास।
बहुत: अत्यधिक, प्रचुर, ढेर सारा।
प्रश्न 1: कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जंगल का क्या महत्त्व है?
प्रश्न 2: जंगलों में कौन-कौन सी बहुमूल्य चीजें पाई जाती हैं?
(1) आपको कौन-सा टी.वी. प्रोग्राम अच्छा लगता है ? क्यों ?
उत्तर: मुझे टी.वी. पर 'डिस्कवरी चैनल' (Discovery Channel) देखना बहुत पसंद है। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के जंगली जानवरों, जंगलों, समुद्र की गहराइयों और विज्ञान के अनोखे रहस्यों के बारे में जानकारी दी जाती है। इससे मेरा मनोरंजन होने के साथ-साथ सामान्य ज्ञान भी बढ़ता है। इसमें जानवरों की दिनचर्या और उनके प्राकृतिक आवास को देखकर प्रकृति के प्रति प्रेम और आश्चर्य की भावना जगती है।
(2) कक्षा में पढ़ाई कर रहे हों और भूकंप आ जाए तो आप क्या करेंगे?
उत्तर: यदि कक्षा में पढ़ाई के दौरान भूकंप आ जाए, तो हम घबराकर भागमभाग या भगदड़ नहीं मचाएँगे। हम तुरंत अपनी-अपनी बेंच या मजबूत मेज के नीचे सिर ढँककर बैठ जाएँगे। यदि खिड़कियों के पास हों तो काँच टूटकर गिरने के डर से उनसे दूर हो जाएँगे। शिक्षक के निर्देशानुसार शांतिपूर्वक और एक-एक करके कक्षा से बाहर खुले मैदान में चले जाएँगे।
युवावस्था में महलों में रहकर पृथ्वी की रक्षा और प्रजा का पालन-पोषण करना।
वृद्धावस्था आने पर जितेंद्रिय तपस्वियों के आश्रम में कुटी बनाकर तपस्या करना।
शीर्षक: एकता में बल (या समझदार कौआ और शिकारी)
कहानी: किसी जंगल में एक विशाल बरगद का पेड़ था, जिस पर बहुत से पक्षी रहते थे। एक दिन वहाँ एक शिकारी आया। उसने पेड़ के नीचे अनाज के दाने बिखेर दिए और उन पर जाल बिछा दिया।
कबूतरों का एक दल भोजन की तलाश में उड़ रहा था। अनाज देखकर वे ज़मीन पर उतरे और जाल में फँस गए। जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, तो कबूतरों का मुखिया बोला, "यदि हम अलग-अलग भागने की कोशिश करेंगे, तो मारे जाएँगे। यदि हम सब एक साथ ज़ोर लगाकर उड़ें, तो जाल सहित उड़ सकते हैं।"
सभी कबूतरों ने एक साथ अपनी पूरी शक्ति लगाई और जाल को लेकर हवा में उड़ गए। शिकारी नीचे खड़ा होकर आश्चर्य से देखता रह गया। कबूतर अपने मित्र चूहे के पास गए, जिसने अपने तेज दाँतों से जाल काटकर सभी को आज़ाद करा दिया।
सीख: एकता में बहुत शक्ति होती है। संगठन से बड़ी से बड़ी मुसीबत पर विजय पाई जा सकती है।