chapter 7

ધોરણ 8 | విષય: Hindi

अभ्यास एवं चित्र आधारित प्रश्न
1. चित्रों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर:

સાચો જવાબ:

पहला चित्र एक गाँव का है, जहाँ मिट्टी और छप्पर के घर हैं, चारों तरफ हरियाली, खेत, कच्चे रास्ते और शांतिपूर्ण प्राकृतिक वातावरण है। लोग सादगी भरा जीवन जी रहे हैं।



दूसरा चित्र एक नगर (शहर) का है, जहाँ पक्की और बहुमंजिला इमारतें, चौड़ी सड़कें, गाड़ियाँ, ट्रैफ़िक और शोर-शराबा (गतिशीलता) दिखाई दे रहा है।


સાચો જવાબ:


  • अंतर: गाँव का जीवन शांत, प्रदूषण-मुक्त, प्रकृति के करीब और सादगीपूर्ण होता है, लेकिन वहाँ आधुनिक सुविधाओं की कमी होती है। नगर का जीवन सुविधाओं (शिक्षा, अस्पताल, रोज़गार) से भरपूर और तेज़ होता है, लेकिन वहाँ प्रदूषण, शोर और भीड़-भाड़ अधिक होती है।




  • रुचिकर (पसंद): मुझे गाँव का जीवन (या नगर का जीवन) अधिक रुचिकर लगता है क्योंकि वहाँ की ताज़ा हवा, हरियाली और शांति मन को सुकून देती है तथा लोग एक-दूसरे से आत्मीयता से जुड़े रहते हैं।




સાચો જવાબ: नहीं, तालाब का जल सीधे पीने योग्य नहीं होता। क्योंकि तालाब के पानी में कपड़े धोना, पशुओं को नहलाना, गाँव का कचरा गिरना आदि कारणों से अनेक प्रकार के जीवाणु, गंदगी और बीमारियाँ फैलाने वाले सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं। इसे उबालकर या फ़िल्टर करके ही पीना चाहिए।

સાચો જવાબ:


  • पक्ष (विज्ञान एक वरदान है):




    आज का युग विज्ञान का युग है और विज्ञान मनुष्य के लिए एक बहुत बड़ा वरदान सिद्ध हुआ है। विज्ञान ने बिजली का आविष्कार करके हमारी दुनिया को जगमग कर दिया है। यातायात के साधनों (बस, ट्रेन, हवाई जहाज) ने लंबी दूरियों को घंटों में समेट दिया है। दूरभाष (फ़ोन) और कंप्यूटर/इंटरनेट के माध्यम से हम पल भर में दुनिया के किसी भी कोने में संदेश भेज सकते हैं। चिकित्सीय सुविधाओं (डॉक्टरी तकनीक और दवाओं) ने असाध्य बीमारियों का इलाज संभव बनाकर मनुष्य को नया जीवन दिया है। अंतरिक्ष की खोज से लेकर कृषि और उद्योगों तक, विज्ञान ने मानव जीवन को सरल, सुखद और समृद्ध बनाया है। यदि इसका सही और विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए, तो विज्ञान केवल और केवल मानव कल्याण का वरदान है।





સાચો જવાબ:


  • विचार: मेरे विचार से 'कलम' तलवार से कहीं अधिक शक्तिशाली है।




  • कारण:





    1. स्थायी प्रभाव: तलवार केवल हिंसा फैला सकती है और शरीर को नष्ट कर सकती है, लेकिन कलम विचारों को जन्म देती है जो सदियों तक जीवित रहते हैं।




    2. क्रांति और परिवर्तन: इतिहास गवाह है कि बड़े-बड़े राजाओं का साम्राज्य तलवार से खत्म हो गया, लेकिन कवियों और लेखकों की कलम ने समाज में क्रांति लाकर बड़े-बड़े बदलाव किए हैं।




    3. रचनात्मक शक्ति: तलवार का काम विनाश करना है, जबकि कलम का काम निर्माण करना, न्याय दिलाना और ज्ञान का प्रसार करना है। इसीलिए कहा गया है— 'अहिंसा और ज्ञान की शक्ति, हिंसा से सदैव श्रेष्ठ होती है।'






समाचार सामग्री पर आधारित प्रश्न (नासा की खोज)

સાચો જવાબ: वैज्ञानिक इस बात से उत्साहित हैं कि हमारी पृथ्वी से 424 प्रकाश वर्ष दूर अंतरिक्ष में धूल-गुबार के बीच पृथ्वी जैसा ही एक नया ग्रह आकार ग्रहण कर रहा है।

સાચો જવાબ: पृथ्वी जैसा ग्रह बनने के लिए तारे के चारों ओर सौरमंडल के 'बसने योग्य' क्षेत्र में धूल की पट्टियों (रिंग्स) का होना और बाहर की ओर बर्फीली बेल्ट का होना आवश्यक है, जिससे वहाँ पानी, मिट्टी-पत्थर और क्रस्ट/कोर का निर्माण हो सके।

સાચો જવાબ:




























कॉलम A उत्तर (कॉलम B से मिलान)
४२४ प्रकाश वर्ष ➔ पृथ्वी से नए ग्रह की दूरी
१.६ करोड़ वर्ष ➔ नए ग्रह की उम्र
१० करोड़ वर्ष ➔ पूर्ण ग्रह बनने में लगनेवाला समय
स्पिट्जर स्पेस ➔ नासा का टेलिस्कोप
कैरी सिस्से ➔ वैज्ञानिक

स्वाध्याय

સાચો જવાબ:


  • भिन्न ➔ विभिन्न




  • देश ➔ विदेश / प्रदेश




  • पका ➔ अधपका




  • गम ➔ दुर्गम




  • योग ➔ प्रयोग / वियोग




  • जीव ➔ निर्जीव




  • बल ➔ दुर्बल / प्रबल




  • समझ ➔ गैरसमझ




  • सुविधा ➔ असुविधा




  • वांछित ➔ अवांछित




સાચો જવાબ:

(प्रत्यय: ई, ता, इत, इक) (उदाहरण: नियम + इत = नियमित)





  • विदेश + ई = विदेशी




  • चंचल + ता = चंचलता




  • प्रकृति + इक = प्राकृतिक




  • पुत्र + ई = पुत्री




  • लापरवाही + ई = लापरवाही




  • यंत्र + इक = यांत्रिक




  • मानव + ता = मानवता




  • हँस + ई = हँसी




સાચો જવાબ: घड़ी लगी दीवार पर, टिक-टिक कर तू चलती है। रात हो चाहे दिन हो, कभी न तू थकती है। समय का मूल्य सिखाती हमको, आगे बढ़ना बतलाती है। जो चलता तेरे संग-संग, वही मंज़िल को पाता है।

સાચો જવાબ:

पता: 12, आनंद नगर,



अहमदाबाद।



दिनांक: 24 जुलाई 2026



प्रिय मित्र राहुल,



नमस्ते।



मैं यहाँ सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी सपरिवार कुशल होगे।



आज मैं यह पत्र तुम्हें अपने मन की एक बात बताने के लिए लिख रहा हूँ। हम सभी अक्सर सोचते हैं कि बड़े होकर देश के लिए क्या करेंगे। देश की उन्नति और रक्षा के लिए मैंने निर्णय लिया है कि मैं बड़ा होकर एक 'सैनिक' बनना चाहता हूँ।



सैनिक बनकर देश की सीमाओं की रक्षा करना बहुत ही गर्व की बात है। जब देश की सीमाएँ सुरक्षित रहती हैं, तभी देशवासी शांति से विकास और उन्नति कर पाते हैं। विषम परिस्थितियों में भी सीमाओं पर डटकर खड़े रहना और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाज़ी लगा देना ही एक सच्चे सैनिक का धर्म होता है। सैनिक का जीवन अनुशासन, साहस और देशभक्ति की प्रेरणा देता है।



तुम भी बड़े होकर देश के लिए क्या बनना चाहते हो, मुझे पत्र लिखकर ज़रूर बताना। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।



तुम्हारा प्रिय मित्र,



अमन


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