chapter 9

ધોરણ 8 | విષય: Hindi

अभ्यास
1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ: प्रसादजी ने काशी के उत्तर में स्थित 'धर्मचक्र विहार' के खंडहरों को ईंटों के ढेर में बिखरी हुई भारतीय शिल्प की विभूति कहा है, जो मौर्य और गुप्त सम्राटों की कीर्ति का प्रतीक थे।

સાચો જવાબ:

शहंशाह हुमायूँ ने अपनी जान बचाने वाली ब्राह्मणी (ममता) का घर बनवाने का आदेश दिया था। हुमायूँ के पुत्र अकबर ने उस स्थान पर एक विशाल गगनचुंबी अष्टकोण मंदिर बनवाया और उस पर शिलालेख लगाया।





  • विचार: यह तरीका गलत था, क्योंकि जिस शिलालेख पर सातों देश के नरेश हुमायूँ और अकबर का नाम तो था, लेकिन जिस ममता ने अपना अतिथि धर्म निभाकर हुमायूँ के प्राणों की रक्षा की थी, उसका नाम तक उस पर नहीं लिखा गया। यह ममता के त्याग और निःस्वार्थ भाव का अनादर था।




સાચો જવાબ: ममता रोहतास दुर्ग के मंत्री चूड़ामणि की एकमात्र विधवा पुत्री थी। वह एक स्वाभिमानी, धर्मपरायण, ईश्वर पर अटूट विश्वास रखने वाली और अतिथि धर्म का कठोरता से पालन करने वाली ब्राह्मणी थी। पिता द्वारा दिए गए धन-दौलत को उसने ईश्वर की इच्छा के विरुद्ध मानकर अस्वीकार कर दिया था। जीवन भर दुख झेलने के बावजूद उसने शत्रु (हुमायूँ) को भी अपनी झोंपड़ी में आश्रय दिया और आजीवन गाँव के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनी रही।

સાચો જવાબ:

(अंतिम वाक्य: "पर उसमें ममता का कहीं नाम न था।")





  • नया अंत: अकबर ने अपनी पिता की स्मृति में अष्टकोण मंदिर तो बनवाया, लेकिन साथ ही उसने शिलालेख पर सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में यह अंकित करवाया— "यह विशाल मंदिर उस महान, त्याग मूर्ति ब्राह्मणी 'ममता' की पवित्र स्मृति में निर्मित है, जिसने विपत्ति के समय शहंशाह हुमायूँ को आश्रय देकर उनके प्राणों की रक्षा की थी।" इस प्रकार ममता का नाम इतिहास के पन्नों में अमर हो गया।




स्वाध्याय
1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: क्योंकि रोहतास दुर्ग पर अधिकार करने आए पठान सैनिकों के साथ हुए युद्ध में ममता के पिता मंत्री चूड़ामणि मारे गए थे। क्रूर सैनिकों के कारण ही उसका घर-बार छीन गया था, इसीलिए उसे प्रत्येक लड़ने वाले सैनिक से नफरत थी।

સાચો જવાબ: चौसा युद्ध में शेरशाह से पराजित होकर अपनी जान बचाकर भागा हुआ मुगल सम्राट हुमायूँ ममता की झोंपड़ी में आश्रय माँगने आया।

સાચો જવાબ: अकबर ने काशी के उत्तर में स्थित उसी स्थान (धर्मचक्र विहार के पास) पर अष्टकोण मंदिर बनवाया जहाँ ममता की झोंपड़ी थी और जहाँ उसके पिता हुमायूँ ने एक रात विश्राम किया था।

સાચો જવાબ: पथिक (हुमायूँ) ने जाते समय अपने सैनिक मिरज़ा से कहा— "मिरज़ा! उस स्त्री को मैं कुछ दे न सका। उसका घर बनवा देना, क्योंकि मैंने विपत्ति में यहाँ विश्राम पाया था। इस स्थान को भूलना मत।"

સાચો જવાબ: जब ममता सत्तर वर्ष की वृद्धा होकर अपनी झोंपड़ी में बीमार पड़ी थी, तब गाँव की दो-तीन स्त्रियाँ उसे घेरकर बैठी थीं और उसकी सेवा कर रही थीं। इससे पता चलता है कि ममता आजीवन गाँव के सभी लोगों के सुख-दुख में सहभागी रही थी।

સાચો જવાબ:

(1) तेनालीरामन के बारे में अनेक कहानियाँ प्रचलित हैं। (भूतकाल)





  • उत्तर: तेनालीरामन के बारे में अनेक कहानियाँ प्रचलित थीं।





(2) सुबह होने पर हिना अपने बेटे को साथ लेकर उद्यान में गई। (भविष्यकाल)





  • उत्तर: सुबह होने पर हिना अपने बेटे को साथ लेकर उद्यान में जाएगी।





(3) प्रिया का गृहकार्य जल्दी समाप्त हो गया। (भविष्यकाल)





  • उत्तर: प्रिया का गृहकार्य जल्दी समाप्त हो जाएगा।





(4) हर्ष आज उपवास करेगा। (भूतकाल)





  • उत्तर: हर्ष ने आज उपवास किया था। / हर्ष ने आज उपवास किया।





(5) मनोज अक्सर जागता रहता था। (वर्तमानकाल)





  • उत्तर: मनोज अक्सर जागता रहता है।




સાચો જવાબ:

(1) दुहिता = पुत्री / कन्या





  • वाक्य: ममता रोहतास दुर्ग के मंत्री चूड़ामणि की दुहिता थी।





(2) वेदना = पीड़ा / दुख





  • वाक्य: दुर्घटना में घायल व्यक्ति वेदना से कराह रहा था।





(3) उत्कोच = घूस / रिश्वत





  • वाक्य: ईमानदार अधिकारी कभी उत्कोच स्वीकार नहीं करते।





(4) जीर्ण = टूटा-फूटा / जर्जर





  • वाक्य: तेज़ बारिश के कारण गाँव का जीर्ण मकान गिर पड़ा।





(5) आततायी = अन्यायी / अत्याचार करने वाला





  • वाक्य: राजा ने अपनी प्रजा को आततायी शत्रुओं से बचाया।




સાચો જવાબ: अनेक चिड़ियाँ पेड़ों पर रहती थीं। उनके घोंसले जंगल के पास थे। घोंसलों में उनके तीन-तीन बच्चे थे। वे अपने बच्चों के साथ रहती थीं। एक दिन कई शिकारी वहाँ आए। वे चिड़ियों को मारना चाहते थे। चिड़ियों ने बच्चों को घोंसलों में सिर नीचा कर बैठने को कहा। वे खुद वहाँ से उड़ गईं और पत्तों में छिपकर बैठ गईं, शिकारी चिड़ियों को न देख वहाँ से चले गए।

સાચો જવાબ:

(क) आँख (Eye)





  1. आँखों का तारा होना ➔ बहुत प्यारा होना





    • वाक्य: रोहन अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।






  2. आँखें दिखाना ➔ क्रोध करना / गुस्सा होना





    • वाक्य: गलती करने पर पिताजी ने मुझे आँखें दिखाईं।






  3. आँखों में धूल झोंकना ➔ धोखा देना





    • वाक्य: चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया।







(ख) कान (Ear)





  1. कान भरना ➔ चुगली करना





    • वाक्य: रीना हमेशा दूसरों के खिलाफ़ अध्यापिका के कान भरती है।






  2. कान पर जूँ न रेंगना ➔ कोई असर न होना





    • वाक्य: बार-बार समझाने पर भी रोहन के कान पर जूँ नहीं रेंगती।






  3. कान खड़े होना ➔ चौकन्ना होना / सचेत होना





    • वाक्य: आहट सुनते ही चोर के कान खड़े हो गए।







(ग) हाथ (Hand)





  1. हाथ बटाना ➔ मदद करना





    • वाक्य: हमें घर के कामों में माता-पिता का हाथ बटाना चाहिए।






  2. हाथ मलना ➔ पछताना





    • वाक्य: समय बीत जाने के बाद आलसी लोग हाथ मलते रह जाते हैं।






  3. हाथ फैलाना ➔ माँगना / सहायता की भीख माँगना





    • वाक्य: स्वाभिमानी व्यक्ति किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता।






સાચો જવાબ:

शीर्षक: दया का फल (निर्दयी राजा और शेर)



कहानी:



एक राज्य में एक बहुत ही क्रूर और निर्दयी राजा राज करता था। उसके दरबार में एक निष्पाप गुलाम काम करता था। राजा के अत्याचारों से तंग आकर एक दिन वह गुलाम चुपके से राजमहल से भाग गया और घने जंगल में चला गया।



जंगल में भटकते हुए उसकी नज़र एक लँगड़ाते हुए शेर पर पड़ी। गुलाम डर गया, लेकिन उसने देखा कि शेर दर्द से कराह रहा है। साहस करके गुलाम शेर के पास गया। उसने देखा कि शेर के पैर में एक बड़ा काँटा चुभा हुआ है। गुलाम ने दया दिखाकर धीरे से शेर के पैर से काँटा निकाल दिया। शेर का दर्द दूर हो गया और उसने गुलाम को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया। दोनों में गहरी मित्रता हो गई।



कुछ दिनों बाद राजा के सैनिकों ने जंगल में गुलाम को ढूँढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर राजमहल ले आए। राजा ने उसे मृत्युदंड सुनाया और आदेश दिया कि उसे भूखे शेर के पिंजरे में फेंक दिया जाए।



नियत दिन पर गुलाम को मैदान में एक भूखे शेर के सामने छोड़ दिया गया। लोग यह देखने के लिए एकत्र थे कि शेर गुलाम को मार डालेगा। जैसे ही भूखा शेर दहाड़ता हुआ आया, उसने गुलाम को पहचान लिया। यह वही शेर था जिसके पैर से उसने काँटा निकाला था। शेर ने हमला करने के बजाय गुलाम के पैर चाटने शुरू कर दिए। यह देखकर राजा और सभी प्रजा हैरान रह गए।



जब राजा ने गुलाम से इस चमत्कार का कारण पूछा, तो उसने जंगल की पूरी घटना बताई। राजा का हृदय परिवर्तित हो गया। उसे अपनी क्रूरता पर पछतावा हुआ। उसने गुलाम और शेर दोनों को रिहा कर दिया और गुलाम को आज़ाद कर दिया।




सीखा / शिक्षा: दया और करुणा का फल हमेशा मीठा होता है। किया गया उपकार कभी व्यर्थ नहीं जाता।



સાચો જવાબ:

शीर्षक: घमंडी का सिर नीचा



(चित्र श्रृंखला के अनुसार: कौआ और हंस की उड़ने की प्रतियोगिता)



कहानी:



एक पेड़ पर एक कौआ रहता था। उसे अपनी उड़ान पर बहुत घमंड था। वह अक्सर अन्य पक्षियों का मज़ाक उड़ाया करता था। एक दिन वहाँ एक सुंदर हंस आया। कौए ने हंस से कहा, "तुम केवल तैरना जानते हो, उड़ना नहीं! क्या तुम मेरे साथ उड़ने की प्रतियोगिता लगाओगे?" हंस ने पहले तो मना किया, लेकिन कौए के बार-बार उकसाने पर वह तैयार हो गया।



दोनों ने समुद्र के ऊपर उड़ना शुरू किया। शुरुआत में कौआ तेज़ी से उड़ा और तरह-तरह के करतब दिखाने लगा। लेकिन जैसे-जैसे वे समुद्र के बीच पहुँचे, कौआ थकने लगा। उसके पंख भारी होने लगे और नीचे केवल गहरा पानी था, जहाँ बैठने की कोई जगह नहीं थी। कौआ पानी में गिरने ही वाला था।



हंस ने देखा कि कौआ डूब रहा है। हंस ने दया दिखाकर कौए को अपनी पीठ पर बैठा लिया और सुरक्षित किनारे तक ले आया। कौए का घमंड पूरी तरह टूट गया। उसने अपनी भूल स्वीकार की और हंस से माफ़ी माँगी।




शिक्षा: हमें कभी भी अपनी कला या शक्ति पर घमंड नहीं करना चाहिए।



સાચો જવાબ:

(क) संज्ञा (Noun):





  1. हिमालय ➔ हिमालय भारत का सबसे ऊँचा पर्वत है।




  2. बड़ौदा ➔ बड़ौदा गुजरात का एक सुंदर शहर है।




  3. सपना ➔ सपना कक्षा में प्रथम आई है।




  4. साबरमती ➔ साबरमती नदी के तट पर सत्याग्रह आश्रम स्थित है।




  5. गुजरात ➔ गुजरात एक समृद्ध राज्य है।





(ख) सर्वनाम (Pronoun):





  1. मुझे ➔ मुझे पढ़ना बहुत पसंद है।




  2. तुम्हें ➔ तुम्हें समय पर स्कूल जाना चाहिए।




  3. हमारा ➔ भारत हमारा देश है।





(ग) विशेषण (Adjective):





  1. खट्टा ➔ यह नींबू बहुत खट्टा है।




  2. सुंदर ➔ बगीचे में सुंदर फूल खिले हैं।




  3. छोटा ➔ रोहन का घर छोटा पर साफ़-सुथरा है।




  4. होशियार ➔ यह लड़का बहुत होशियार है।














 
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