ધોરણ 9 | విષય: Hindi
(1) देहमंदिर चित्तमंदिर एक ही है प्रार्थना ।
सत्य - सुंदर मांगल्य की नित्य हो आराधना ॥
दुखियारों का दुःख जाए, है यही मनकामना ।
वेदना को परख पाने जगाएँ संवेदना ॥
दुर्बलों के रक्षणार्थ पौरुष की साधना ॥
(2) जीवन में नवतेज हो, अंतरंग में भावना ।
सुंदरता की आस हो मानवता की हो उपासना ॥
शौर्य पावें, धैर्य पावें, यही है अभ्यर्थना ॥
भेद सभी अस्त होवें, वैर और वासना ॥
मानवों की एकता की पूर्ण हो कल्पना ।
मुक्त हम, चाहें एक ही बंधुता की कामना ॥
(1) दुःख सुख
(2) जीवन ×मरण / मृत्यु
(3) सत्य× असत्य
(4) सुंदर ×कुरूप
(5) अस्त × उदय