ધોરણ 9 | విષય: Hindi
(1) 'रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।'
आशय: इस पंक्ति का अर्थ है कि बड़े या शक्तिशाली लोगों को देखकर छोटे या साधारण लोगों की उपेक्षा (तिरस्कार) नहीं करनी चाहिए। समाज में हर वस्तु और व्यक्ति का अपना महत्त्व होता है; जहाँ सुई की आवश्यकता होती है, वहाँ तलवार कोई काम नहीं आ सकती।
(2) 'चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग।'
आशय: इस पंक्ति का अर्थ है कि जो लोग उत्तम और दृढ़ चरित्र वाले होते हैं, उन पर दुष्ट या बुरे लोगों की संगति का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। जिस प्रकार चंदन के पेड़ से विषैले साँप लिपटे रहने पर भी चंदन अपनी शीतलता और सुगंध नहीं छोड़ता तथा उसमें विष नहीं फैलता।