ધોરણ 9 | విષય: Hindi
'दाज्यू' कहानी बाल-श्रमिक मदन की कोमल भावनाओं और उसकी संवेदना पर आधारित है। घर-परिवार से दूर शहर में काम कर रहा मदन जगदीशबाबू में अपने बड़े भाई (दाज्यू) का रूप देखता है और उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है। परंतु जब जगदीशबाबू अपनी झूठी प्रतिष्ठा के कारण उसे डाँटते हैं, तो उसका बाल-मन टूट जाता है। वह अकेला सिसक-सिसककर रोता है और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए अंत में अपना नाम तक 'दाज्यू' का मदन न बताकर केवल 'बॉय' बताता है। कहानीकार ने बच्चे के भोलेपन, अपनत्व की लालसा और फिर उसके स्वाभिमान को बहुत ही मार्मिक ढंग से चित्रित किया है।