chapter 20

ધોરણ 9 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

સાચો જવાબ: कवि की दृष्टि में सर्वाधिक महान मनुष्य है।

સાચો જવાબ: हम अपनी शक्ति और बुद्धि से पर्वतों को फोड़ सकते हैं, नदियों के बहने की दिशा बदल सकते हैं और धरती को आकाश से जोड़ सकते हैं।

સાચો જવાબ: मनुष्य के पास सोचने-समझने के लिए विशेष बुद्धि, निर्णय लेने की क्षमता और अपने कर्मों से असम्भव को सम्भव बनाने की शक्ति है, इसलिए वह अन्य जीवों से महान है।

સાચો જવાબ: धरती-सा धीर मनुष्य को कहा गया है।

સાચો જવાબ: धरती की शान कविता के रचयिता पंडित भरत व्यास हैं।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सविस्तार लिखिए:

સાચો જવાબ: कविता में कवि ने पर्वत-पहाड़ों, नदियों के प्रवाह, माटी, धरती और अम्बर जैसे विशाल प्राकृतिक दृश्यों का चित्रण किया है। कवि ने बताया है कि मनुष्य अपनी इच्छाशक्ति से कठोर पर्वतों को चीर सकता है, नदियों की धारा को मोड़ सकता है और मिट्टी से अमृत (उपज) निचोड़कर धरती और आकाश को एक कर सकता है।

સાચો જવાબ: प्रस्तुत कविता में मनुष्य की अपार शक्ति, आत्म-विश्वास और उसकी महत्ता के भाव की अभिव्यक्ति हुई है। इससे हमें यह प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य को स्वयं को कमजोर या असहाय नहीं समझना चाहिए। यदि वह हिम्मत और बुद्धि से काम ले तो किसी भी कठिनाई या असंभव कार्य पर विजय प्राप्त कर सकता है।

સાચો જવાબ: 'धरती की शान' से कवि का तात्पर्य मनुष्य की गौरवशाली उपस्थिति और उसकी महानता से है। इस धरती पर मनुष्य ही सबसे बुद्धिमान और शक्तिशाली प्राणी है। उसने अपने ज्ञान और परिश्रम से प्रकृति को अपने अनुकूल बनाया है और प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं, जिससे इस धरती की शोभा और गौरव बढ़ा है।

સાચો જવાબ: काव्य के अनुसार मनुष्य के नयनों में अग्नि की ज्वाला, उसकी गति में भूचाल और उसकी छाती में महाकाल समाया हुआ है। वह अपनी बुद्धि से गुरु जैसा ज्ञानी और गति में पवन जैसा तेज़ है। मनुष्य ने जल, थल और नभ तीनों में अपनी शक्ति का परचम लहराया है। इसलिए यदि मनुष्य दृढ़ संकल्प और हिम्मत से काम ले, तो उसके लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं है।

સાચો જવાબ: 'धरती की शान' कविता का केंद्रीय भाव मनुष्य की असीम शक्तियों और उसकी श्रेष्ठता का गुणगान करना है। कवि यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत की संतान रूपी मनुष्य के भीतर अपार सामर्थ्य और स्वयं भगवान का अंश छिपा है। वह अपने साहस, पुरुषार्थ और विवेक से दुनिया में किसी भी बड़े बदलाव को अंजाम दे सकता है।

સાચો જવાબ:

भावार्थ: कवि मनुष्य की प्रशंसा करते हुए कहते हैं कि हे मनुष्य! तुम्हारे पास बृहद् गुरु जैसी कुशाग्र बुद्धि है और तुम्हारी चाल में पवन जैसी तीव्रता है। तुम्हारी सोच, विचार और उपलब्धियों की उड़ान आकाश से भी अधिक ऊँची है।



(2) धरती की शान, तू भारत की संतान, तेरी मुट्ठियों में बंद तूफान है रे।



भावार्थ: कवि कहते हैं कि हे भारत के वीर पुत्र! तुम इस संपूर्ण धरती का गौरव हो। तुम्हारी मुट्ठियों में तूफानों को भी वश में करने की असीम शक्ति छिपी हुई है, अर्थात् तुम किसी भी बड़ी चुनौती को परास्त कर सकते हो।


સાચો જવાબ:


  • भूचाल = भूकंप / चालन




  • हिमगिरि = हिमालय / पर्वतराज




  • वाणी = बोली / वचन




  • तूफान = अंधड़ / चक्रवात




  • अमृत = सुधा / सोम




  • धीर = धैर्यवान / गंभीर




  • हिम्मत = साहस / वीरता




  • नभ = आकाश / गगन




  • निज = अपना / स्वयं




સાચો જવાબ:


  • अमृत × विष




  • अम्बर × धारा / अवनि / धरती




  • अमर × मर्त्य




  • धीर × अधीर




  • वीर × कायर




  • पाप × पुण्य




  • जीवन × मरण / मृत्यु




6. सही विकल्प चुनकर लिखिए:

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: मोड़ दे
B: फोड़ दे
C: तोड़ दे
D: जोड़ दे

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (B)
A: हाल
B: भाल
C: काल
D: मिसाल

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (A)
A: निज
B: स्वयं
C: खुद
D: स्व

સાચો જવાબ: સાચો વિકલ્પ: (C)
A: ठान
B: जान
C: काम
D: पहचान

સાચો જવાબ:

(1)



धरती की शान तू भारत की संतान,



तेरी मुट्ठियों में बंद तूफान है रे,



मनुष्य तू बड़ा महान है ।



(2)



तू जो चाहे माटी से अमृत निचोड़ दे,



तू जो चाहे धरती को अम्बर से जोड़ दे,



अमर तेरे प्राण, मिला तुझको वरदान



तेरी आत्मा में स्वयं भगवान है रे ॥



नयनों में ज्वाल, तेरी गति में भूचाल,



तेरी छाती में छिपा महाकाल है,



पृथ्वी के लाल तेरा हिमगिरि-सा भाल,



तेरी भृकुटी में तांडव का ताल है,



निज को तू जान जरा शक्ति पहचान



तेरी वाणी में युग का आह्वान है रे ॥



धरती-सा धीर, तू है अग्नि-सा वीर,



तू जो चाहे तो काल को भी थाम ले,



पापों का प्रलय रुके, पशुता का शीश झुके,



तू जो अगर हिम्मत से काम ले,



गुरु-सा मतिमान, पवन-सा तू गतिमान,



तेरी नभ से भी ऊँची उड़ान है रे ।










 
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