chapter 21

ધોરણ 9 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ: शेखर के पास पहनने के लिए पर्याप्त देशी कपड़े नहीं थे, इसलिए उसने बाहर घूमने-मिलने जाना छोड़ दिया।

સાચો જવાબ: शेखर के मस्तिष्क में दूर से आती हुई लोगों की समवेत पुकार - "गांधी का बोलबाला! दुश्मन का मुँह हो काला!" पहुँचती थी।

સાચો જવાબ: शेखर ने घर के सब कमरों से विदेशी कपड़े इकट्ठा किए, उन पर मिट्टी का तेल उँडेला और माचिस से आग लगा दी।

સાચો જવાબ: शेखर गला खोलकर गाने लगा — "गांधी का बोलबाला! दुश्मन का मुँह हो काला!"

સાચો જવાબ: अंग्रेजी बालक ने थोड़ा और रोब में कहा — "My name is... Do you go to school?"
2. दो-तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ: जब घर के अन्य सदस्य बाहर गए थे और माँ कोठे पर बैठी थी, तब शेखर ने घर के सभी कमरों में से विदेशी कपड़े बटोरे। उसने उन्हें नीचे खुली जगह में ढेर लगाकर मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी तथा खुशी से नाचते-गाते हुए कपड़े जला दिए।

સાચો જવાબ: शेखर के नाटक का विषय स्वाधीन और बाधाहीन भारत का एक विराट स्वप्न था, जिसके राष्ट्रपिता महात्मा गांधी थे। नाटक में सफलता प्राप्त करने का साधन निरंतर कताई-बुनाई, विदेशी वस्तुओं का परित्याग और अहिंसा (दूसरा गाल आगे कर देना) था।

સાચો જવાબ: शेखर के मन में विदेशी भाषा और वेशभूषा के प्रति गहरी घृणा थी। साथ ही, लड़के के स्वर में अहंकार था जो शेखर को अपमानजनक लगा। इसके अलावा, पीछे पिता मौजूद थे जिनकी उपस्थिति में बात करने में शेखर झिझकता था।

સાચો જવાબ: पिता ने उस अंग्रेजी बोलने वाले लड़के को यह जताने के लिए कि उनका लड़का भी अंग्रेजी जानता है, क्रुद्ध स्वर में शेखर से कहा — "जवाब क्यों नहीं देते!" और बाद में वेटिंग रूम में कान पकड़कर पूछा — "जवाब क्यों नहीं दिया? मुँह टूट गया है?"

સાચો જવાબ: जब पिता वेटिंग रूम में शेखर पर क्रोधित हो रहे थे और उससे उत्तर न देने का कारण पूछ रहे थे, तभी स्टेशन पर ट्रेन आ गई। इस प्रकार ट्रेन आने के कारण शेखर उत्तर देने — या उत्तर न देने की गुस्ताखी करने से बच गया।

સાચો જવાબ: घर आकर पिता ने माँ से कहा — "हमारे लड़के सब बुद्धू हैं। किसी के सामने तो बोल निकलता नहीं।" उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि शेखर ने बाँकीपुर स्टेशन पर उस अंग्रेजी लड़के के प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दिया था और वह शांत खड़ा रहा था।
3. सविस्तार उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: असहयोग आंदोलन के प्रभाव से शेखर के मन में स्वदेशी प्रेम जागृत हो चुका था। जब उसने विदेशी कपड़े जलाए तो उसकी माँ ने उसे डाँटा-पीटा। उसने महसूस किया कि हमारे समाज और घर में विदेशी भाषा और संस्कृति का आतंक व्याप्त है। उसकी मातृभाषा हिन्दी होने के बावजूद बचपन से उसे अंग्रेजी बोलने पर मजबूर किया गया। उसके पहले गुरु और आया भी अंग्रेजी ही सिखाते थे। उसे लगा कि उसकी अपनी पहचान पर विदेशी प्रभाव थोपा जा रहा है। अपने आत्माभिमान पर लगे इस धक्के के कारण उसके मन में विदेशी मात्र के प्रति गहरी घृणा हो गई।

સાચો જવાબ: शेखर के घर में अंग्रेजी भाषा का अत्यधिक प्रभाव था। उसके पिता भाइयों को आपस में अंग्रेजी में बात करने के लिए कहते थे। शेखर को बचपन से ही अंग्रेजी सिखाई गई थी, जबकि हिन्दी वह बाद में सीख रहा था। उसकी पहली आया एक ईसाई थी जो अंग्रेजी बोलती थी और उसका पहला गुरु एक अमेरिकन मिशनरी था, जो दिन-भर उसे अंग्रेजी सिखाता था। यहाँ तक कि स्टेशन पर जब शेखर ने एक लड़के से अंग्रेजी में बात नहीं की, तो उसके पिता उस पर बहुत क्रोधित हुए। इन सभी बातों से स्पष्ट होता है कि घर में अंग्रेजी का गहरा प्रभाव था।

સાચો જવાબ: शेखर एक स्वाभिमानी, स्वतंत्र विचारक और क्रांतिकारी विचारों वाला बालक है। वह भीड़ या रूढ़ियों के पीछे (लीक पर) चलने वाला नहीं है। उसमें देशप्रेम की भावना कूट-कूटकर भरी है और वह महात्मा गांधी का परम भक्त है। वह अन्याय और अंग्रेजी सत्ता के प्रति विद्रोही मनोवृत्ति रखता है। उसने अपने आत्माभिमान की रक्षा के लिए विदेशी कपड़ों का त्याग किया और लगन से अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी सीखी। उसमें असाधारण प्रतिभा और लेखन-कला भी है, जिसे उसने अकेले एक राष्ट्रीय नाटक लिखकर सिद्ध किया।

સાચો જવાબ: जब शेखर को अहसास हुआ कि अंग्रेजी भाषा और संस्कृति उसके जीवन पर थोपी जा रही है, तब उसने अंग्रेजी का त्याग कर हिन्दी सीखने का संकल्प लिया। अपने हिन्दी-ज्ञान को प्रमाणित करने के लिए तथा महात्मा गांधी के प्रति अपने हार्दिक सम्मान और श्रद्धा को व्यक्त करने के लिए उसने एक राष्ट्रीय नाटक लिखना आरंभ किया, क्योंकि उसके पास गांधीजी के प्रति अपनी भक्ति प्रकट करने का और कोई साधन नहीं था।

સાચો જવાબ:


  • सहयोग × असहयोग




  • विदेशी × स्वदेशी




  • बाहर × भीतर / अंदर




  • दुश्मन × दोस्त / मित्र




  • अंकुश × निरंकुश




સાચો જવાબ:


  • अनुमति = सहमति / इजाजत




  • कष्ट = दुःख / पीड़ा




  • निरंतर = लगातार / अनवरत




  • आज़ाद = स्वतंत्र / स्वाधीन




સાચો જવાબ:

(1) मुँह काला होना





  • अर्थ: बेइज्जती होना / अपमानित होना




  • वाक्य प्रयोग: चोरी के झूठे आरोप में पकड़े जाने पर गाँव वालों के सामने रमेश का मुँह काला हो गया।




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