chapter 22

ધોરણ 9 | విષય: Hindi

1. एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए:

સાચો જવાબ: बार-बार समुद्र (उदधि) गरजता है।

સાચો જવાબ: प्रकृति के सभी तत्त्व (चारों दिशाएँ, आकाश और धरती) यह पूछ रहे हैं कि 'वीरों का वसन्त कैसा होना चाहिए?'

સાચો જવાબ: वसंत के आगमन से वधु रूपी पृथ्वी का अंग-अंग पुलकित और प्रसन्न हो उठा है।

સાચો જવાબ: कवयित्री कुरुक्षेत्र से अपने मौन को त्याग कर जागने और महाभारत के युद्ध के अनगिनत अनुभवों को बताने के लिए कहती हैं।

સાચો જવાબ: कवयित्री की कलम पराधीनता (गुलामी) के कारण बँधी हुई है, वह स्वतंत्रता से वीरों के ओजस्वी विचार लिखने के लिए स्वच्छंद नहीं है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए:

સાચો જવાબ: 'वीरों का कैसा हो वसन्त?' यह प्रश्न पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण - चारों दिशाएँ, विशाल आकाश, धरती, समुद्र और हिमालय पर्वत से लेकर संपूर्ण दिगंत पूछ रहे हैं।

સાચો જવાબ: कवयित्री ने ऐसा इसलिए कहा है ताकि देश के शूरवीरों को उनके गौरवशाली और प्रेरणादायी इतिहास की याद दिलाई जा सके। अतीत के मौन तोड़ने से लंका दहन, कुरुक्षेत्र का युद्ध, महाराणा प्रताप और तानाजी के बलिदान की अमर गाथाएँ वर्तमान पीढ़ी में देश-प्रेम और वीरता का संचार करेंगी।

સાચો જવાબ: कवयित्री ने रामायण काल की लंका दहन की घटना, महाभारत काल के कुरुक्षेत्र युद्ध, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के पराक्रम और सिंहगढ़ दुर्ग पर तानाजी मालुसरे के बलिदान जैसी ऐतिहासिक घटनाओं के आधार पर 'वीरों का वसन्त' बताया है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:

સાચો જવાબ: सामान्य जनजीवन में वसंत ऋतु प्राकृतिक सौंदर्य, सरसों के पीले फूलों, कोयल की कूक, रंग और उत्सव का प्रतीक होती है। परंतु देश की रक्षा में लगे वीरों के लिए वसंत का अर्थ विलास या सौंदर्य नहीं, बल्कि युद्ध, क्रांति और बलिदान है। वीरों के लिए वसंत का अर्थ वीर वेश धारण करना, युद्ध के बाजे बजाना और देश के लिए प्राणों की आहुति देना है। कवयित्री पूछती हैं कि स्वतंत्रता संग्राम के इस माहौल में हमारे शूरवीरों का वसंत कैसा होना चाहिए।

સાચો જવાબ: 'हल्दी-घाटी' और 'सिंह-गढ़' भारत के महान शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। हल्दीघाटी की भूमि महाराणा प्रताप के मातृभूमि के प्रति अतुलनीय पराक्रम और संघर्ष का प्रतीक है, वहीं सिंहगढ़ का किला वीर तानाजी मालुसरे के अभूतपूर्व बलिदान और स्वामीभक्ति की याद दिलाता है। इन ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख करके कवयित्री देशवासियों में वीरता और हुतात्माओं के प्रति गौरव का भाव जगाना चाहती हैं।

સાચો જવાબ:


  • संदर्भ: यह पंक्ति सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित कविता 'वीरों का कैसा हो वसन्त' से ली गई है।




  • स्पष्टीकरण: कवयित्री दुख व्यक्त करते हुए कहती हैं कि वर्तमान में देश पर अंग्रेजों का शासन है और उन्होंने कवियों-लेखकों पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। भूषण और चंदबरदाई जैसे ओजस्वी कवि अब नहीं रहे, जो वीरों के नसों में बिजली जैसा उत्साह भर सकें। अंग्रेजों की गुलामी के कारण कवयित्री की कलम बँधी हुई है और वह स्वतंत्र होकर वीरों के वास्तविक पराक्रम और क्रांति का गान नहीं कर सकती।




```php
Warning: session_start(): Session cannot be started after headers have already been sent in /home/u367000040/domains/gyanistudent.in/public_html/footer.php on line 8
```