ધોરણ 9 | విષય: Hindi
लेखक की प्रिय पुस्तक स्वामी दयानंद सरस्वती की एक जीवनी थी, जो बहुत ही रोचक शैली में लिखी गई थी और चित्रों से सुसज्जित थी।
यह पुस्तक स्वामी दयानंद जी के जीवन की रोमांचक घटनाओं, तत्कालीन सामाजिक पाखंडों और रूढ़ियों के खंडन, ईश्वर की सत्य खोज तथा उनके द्वारा अपने हत्यारे तक को क्षमा कर देने के महान जीवन प्रसंगों से संबंधित थी।
माँ के दिए हुए दो रुपयों में से लेखक ने दस आने में 'देवदास' पुस्तक खरीदी और बाकी के एक रुपये छह आने वापस लाकर माँ के हाथ में रख दिए।
लेखक ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि टॉकीज के पास पुस्तक की दुकान पर जब उसने 'देवदास' पुस्तक देखी, तो पुस्तक बेचने वाले ने उसे पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया। लेखक का मन फिल्म देखने के स्थान पर उस पुस्तक को खरीदकर अपनी लाइब्रेरी में रखने का हुआ।
(अंग्रेजी शब्दों के लिए प्रचलित हिन्दी शब्द)
(1) लाइब्रेरी = पुस्तकालय
(2) थियेटर = रंगमंच / सिनेमाघर
(3) पिक्चर = चलचित्र / फिल्म / चित्र
(4) इंडिया = भारत
(5) लाइब्रेरियन = पुस्तकाध्यक्ष / ग्रंथपाल
(1) आरम्भ × अंत
(2) आनंद × शोक / कष्ट
(3) जीवन × मरण / मृत्यु
(4) छोटा × बड़ा
(5) दुःख × सुख
(1) मेरे पिता आर्य-समाज रानी मंडी के प्रधान थे और माँ ने स्त्री शिक्षा के लिए आदर्श कन्या पाठशाला की स्थापना की थी।
उत्तर: संयुक्त वाक्य (समुच्चयबोधक अव्यय 'और' से जुड़ा है)
(2) माँ स्कूली पढ़ाई पर जोर देती थी।
उत्तर: साधारण (सरल) वाक्य
(3) जल्दी-जल्दी घर लौट आया और दो रुपये में से एक रुपये छह आना माँ के हाथ में रख दिया।
उत्तर: संयुक्त वाक्य (समुच्चयबोधक अव्यय 'और' से जुड़ा है)
(4) उनका आशीर्वाद था या मेरा जी-तोड़ परिश्रम के तीसरे चोथे में मेरे अच्छे नम्बर आये और पाँचवें दर्जे में तो मैं फर्स्ट आया।
उत्तर: मिश्रित वाक्य (मुख्य और आश्रित उपवाक्यों के संयोजन के कारण)
(5) उस साल इण्टरमीडिएट पास किया था।
उत्तर: साधारण (सरल) वाक्य
(1) वीरोचित = वीर + उचित
(2) रमेश = रमा + ईश
(3) देवोचित = देव + उचित
(4) सुरेश = सुर + ईश