ધોરણ 9 | విષય: Hindi
मार्ग में हिमालय अड़ना: स्वराज्य प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बहुत बड़ी और कठिन बाधाओं का प्रतीक है।
डरावनी लहरों के थपेड़े मारना: स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उत्पन्न होने वाली विकट परिस्थितियों और कठिनाइयों की ओर संकेत करता है।
नाविकों के सो जाना: स्वराज्य के सेनापतियों और नेताओं (जैसे रावसाहब) का आलसी, बेखबर और विलासिता में डूब जाना दर्शाता है।
निष्कर्ष: इसका कुल अभिप्राय यह है कि स्वराज्य की मंजिल निकट दिखते हुए भी अपने ही लोगों की बेफिक्री और भारी कठिनाइयों के कारण दूर हो जाती थी।
शीर्षक की सार्थकता: यह शीर्षक पूर्णतः सार्थक और उपयुक्त है। 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भले ही सफल न हुआ हो, लेकिन महारानी लक्ष्मीबाई, जूही, मुंदर और तात्या जैसे वीरों ने अपने त्याग, तपस्या और बलिदान से स्वराज्य की मजबूत आधारशिला रखी। नींव के पत्थर बनकर ही वे आने वाली पीढ़ियों में देशप्रेम की भावना जगा सके।
अन्य शीर्षक: 'स्वराज्य की आधारशिला' या 'झाँसी की रानी का त्याग'।
एकांकी के निम्नलिखित कथनों से यह स्पष्ट होता है:
लक्ष्मीबाई: "राव साहब हैं कि रक्तमंडल की छाया में ऐशो-आराम में मशगूल हैं।"
मुंदर: "विलासिता में डूबे हैं रावसाहब, बाँदा के नवाब, सेनापति तात्या।"
लक्ष्मीबाई: "शायद चाटुकारों में जागीर बाँटना अभी खत्म नहीं हुआ है?"
लक्ष्मीबाई: "शायद ब्रह्मभोज के उपलक्ष्य में ये तोपें चल रही हैं। श्रीखंड और लड्डुओं के लिए घी-शक्कर की कमी तो नहीं पड़ी।"
(1) वह मिल सकता है, केवल सेवा, तपस्या और बलिदान से। (बलिदान/युद्ध)
(2) महासागर की डरावनी लहरें थपेड़े मारने लगती हैं। (लहरें/हवाएँ)
(3) कौन कहता है कि विलासिता में डूब गए हैं? (विलासिता/तपस्या)
(4) मैं स्वराज्य के लिए नाच सकती हूँ। (विजय/स्वराज्य)
(5) हमारी वीरता कलंकित न होने पाए। (श्रेष्ठता/वीरता)
धरती और आकाश के मिलने का स्थान: क्षितिज
निराशा या क्रोध में मुँह से निकलने वाली श्वास: नि:श्वास
दही से बनने वाला एक व्यंजन: श्रीखंड
ब्राह्मणों को खिलाया जाने वाला भोज: ब्रह्मभोज
स्वामी के प्रति श्रद्धा रखने वाला: स्वामिभक्त
(उदाहरण: स्व + राज्य = स्वराज्य)
स्व + देश = स्वदेश
स्व + भाव = स्वभाव
स्व + तंत्र = स्वतंत्र
स्व + जन = स्वजन
| मूल शब्द | -ता रूप | -य / सौंदर्य रूप |
| सुन्दर | सुन्दरता | सौंदर्य |
| शूर | शूरता | शौर्य |
| धीर | धीरता | धैर्य |
| उदार | उदारता | औदार्य |
| स्थिर | स्थिरता | स्थैर्य |