chapter 5

ધોરણ 9 | విષય: Hindi

1. एक-दो वाक्यों में उत्तर दीजिए

સાચો જવાબ: : रानी लक्ष्मीबाई की चिंता का कारण यह था कि स्वराज्य पास आकर भी दूर चला जाता था और उनके साथी (रावसाहब, तात्या आदि) शक्ति होते हुए भी विलासिता में डूबे हुए थे तथा सेना में अनुशासन नहीं था।

સાચો જવાબ: बाबा गंगादास ने रानी लक्ष्मीबाई से कहा था कि जब तक हमारे समाज में छुआछूत, ऊँच-नीच का भेद नहीं मिट जाता और हम विलासप्रियता छोड़कर जनसेवक नहीं बन जाते, तब तक स्वराज्य नहीं मिल सकता।

સાચો જવાબ: रानी लक्ष्मीबाई ने प्रतिज्ञा की थी कि "मैं अपनी झाँसी नहीं दूँगी।"

સાચો જવાબ: जूही सेनापति तात्या से प्रेम करती थी और उन्हें अपना स्वामी मानती थी, इसीलिए वह उनका पक्ष लेती है।

સાચો જવાબ: तात्या रानी लक्ष्मीबाई के सामने इसलिए लज्जित हो उठे क्योंकि देशभक्त और सेनापति होकर भी वे विलासिता में डूब गए थे और महारानी ने उन्हें इस बात के लिए कड़ा उलाहना व फटकार लगाई थी।
2. पाँच-छः वाक्यों में उत्तर दीजिए

સાચો જવાબ:


  • मार्ग में हिमालय अड़ना: स्वराज्य प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बहुत बड़ी और कठिन बाधाओं का प्रतीक है।




  • डरावनी लहरों के थपेड़े मारना: स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उत्पन्न होने वाली विकट परिस्थितियों और कठिनाइयों की ओर संकेत करता है।




  • नाविकों के सो जाना: स्वराज्य के सेनापतियों और नेताओं (जैसे रावसाहब) का आलसी, बेखबर और विलासिता में डूब जाना दर्शाता है।




  • निष्कर्ष: इसका कुल अभिप्राय यह है कि स्वराज्य की मंजिल निकट दिखते हुए भी अपने ही लोगों की बेफिक्री और भारी कठिनाइयों के कारण दूर हो जाती थी।




સાચો જવાબ: रानी लक्ष्मीबाई के जीवन का एकमात्र लक्ष्य देश की स्वतंत्रता और झाँसी की रक्षा करना था। वे किसी भी प्रलोभन में नहीं फँसीं और न ही विपरीत परिस्थितियों में हताश हुईं। जब उनके सहयोगी विलासिता में डूबे थे, तब भी उन्होंने अकेले ही युद्ध मैदान में उतरने का निश्चय किया। वे पद, वैभव और जीवन की परवाह किए बिना स्वराज्य के लिए अंतिम साँस तक लड़ीं। उनका हर कदम देशप्रेम से प्रेरित था, इसीलिए वे देशभक्ति की एक अद्भुत मिसाल थीं।

સાચો જવાબ:


  • शीर्षक की सार्थकता: यह शीर्षक पूर्णतः सार्थक और उपयुक्त है। 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भले ही सफल न हुआ हो, लेकिन महारानी लक्ष्मीबाई, जूही, मुंदर और तात्या जैसे वीरों ने अपने त्याग, तपस्या और बलिदान से स्वराज्य की मजबूत आधारशिला रखी। नींव के पत्थर बनकर ही वे आने वाली पीढ़ियों में देशप्रेम की भावना जगा सके।




  • अन्य शीर्षक: 'स्वराज्य की आधारशिला' या 'झाँसी की रानी का त्याग'।




સાચો જવાબ:

एकांकी के निम्नलिखित कथनों से यह स्पष्ट होता है:





  1. लक्ष्मीबाई: "राव साहब हैं कि रक्तमंडल की छाया में ऐशो-आराम में मशगूल हैं।"




  2. मुंदर: "विलासिता में डूबे हैं रावसाहब, बाँदा के नवाब, सेनापति तात्या।"




  3. लक्ष्मीबाई: "शायद चाटुकारों में जागीर बाँटना अभी खत्म नहीं हुआ है?"




  4. लक्ष्मीबाई: "शायद ब्रह्मभोज के उपलक्ष्य में ये तोपें चल रही हैं। श्रीखंड और लड्डुओं के लिए घी-शक्कर की कमी तो नहीं पड़ी।"




3. आशय स्पष्ट कीजिए

સાચો જવાબ: आशय: स्वराज्य प्राप्त करने की अंतिम सफलता सीधे नहीं मिलती, उसके लिए पहले कड़ा त्याग, संघर्ष और बलिदान करना पड़ता है। जो लोग शुरुआती संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देते हैं, वे नींव के पत्थर की तरह होते हैं। उनके इस त्याग पर ही भविष्य के स्वतंत्र भारत की इमारत खड़ी होती है, इसलिए नींव का पत्थर बनना सबसे महान कार्य है।

સાચો જવાબ: आशय: जब साथियों के बीच आपस में अविश्वास और संदेह बढ़ जाता है, तो लोग अपनी कर्तव्यहीनता और निराशा को छिपाने के लिए और अधिक भोग-विलास तथा राग-रंग में डूब जाते हैं। अविश्वास की स्थिति मनुष्य को उसके मुख्य लक्ष्य से भटकाकर पतन की ओर ले जाती है।

સાચો જવાબ: आशय: जब कोई अपना या मित्र विषम परिस्थितियों में कटु वचन कहता है या डांटता है, तो प्रेम के स्थान पर गलतफहमियाँ और शंकाएँ बढ़ जाती हैं। इससे आपसी अविश्वास की दूरी कम होने के बजाय और अधिक गहरी हो जाती है।

સાચો જવાબ:

(1) वह मिल सकता है, केवल सेवा, तपस्या और बलिदान से। (बलिदान/युद्ध)



(2) महासागर की डरावनी लहरें थपेड़े मारने लगती हैं। (लहरें/हवाएँ)



(3) कौन कहता है कि विलासिता में डूब गए हैं? (विलासिता/तपस्या)



(4) मैं स्वराज्य के लिए नाच सकती हूँ। (विजय/स्वराज्य)



(5) हमारी वीरता कलंकित न होने पाए। (श्रेष्ठता/वीरता)


સાચો જવાબ:


  • धरती और आकाश के मिलने का स्थान: क्षितिज




  • निराशा या क्रोध में मुँह से निकलने वाली श्वास: नि:श्वास




  • दही से बनने वाला एक व्यंजन: श्रीखंड




  • ब्राह्मणों को खिलाया जाने वाला भोज: ब्रह्मभोज




  • स्वामी के प्रति श्रद्धा रखने वाला: स्वामिभक्त




સાચો જવાબ:

(उदाहरण: स्व + राज्य = स्वराज्य)





  • स्व + देश = स्वदेश




  • स्व + भाव = स्वभाव




  • स्व + तंत्र = स्वतंत्र




  • स्व + जन = स्वजन




સાચો જવાબ:


































मूल शब्द -ता रूप -य / सौंदर्य रूप
सुन्दर सुन्दरता सौंदर्य
शूर शूरता शौर्य
धीर धीरता धैर्य
उदार उदारता औदार्य
स्थिर स्थिरता स्थैर्य

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