ધોરણ 9 | విષય: Hindi
महाकवि सूरदास ने अपने आराध्य श्री कृष्ण के प्रति अपनी अनन्य भक्ति भावना को प्रकट करने के लिए निम्नलिखित उदाहरण दिए हैं:
जहाज का पंछी: जिस प्रकार जहाज का पक्षी उड़कर कहीं भी जाए, अंत में उसे लौटकर जहाज पर ही आना पड़ता है, उसी प्रकार सूरदास का मन अन्य देवताओं के पास भटककर अंत में श्री कृष्ण के चरणों में ही आता है।
पवित्र गंगा और कुआँ: श्री कृष्ण रूपी पवित्र गंगा को छोड़कर किसी अन्य देवता की पूजा करना मूर्खतापूर्ण तरीके से कुआँ खोदने के समान है।
कमल रस और करील फल: जिस भौंरे ने कमल के मकरंद (रस) का स्वाद ले लिया हो, वह कड़वे करील के फल को क्यों पसंद करेगा?
कामधेनु और बकरी: जिसके पास सभी इच्छाएँ पूरी करने वाली कामधेनु गाय हो, वह बकरी को क्यों दुहेगा?
अनत – अन्यत्र
पंछी – पक्षी
महातम – माहात्म्य
पियासौ – पिपासु (प्यासा)
दुरमति – दुर्बुद्धि
लट – अलक
मधुहिँ – मधु (मकरंद)
केहरि – केसरी (सिंह)
पक्षी – खग, विहग
अंबुज – कमल, जलज
कूप – कुआँ
मधुकर – भ्रमर, भौंरा
धेनु – गाय, गौ
छेरी – बकरी
नवनीत – मक्खन
लोचन – आँख, नयन
कंठ – गला
नख – नाखून