chapter 9

ધોરણ 9 | విષય: Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

સાચો જવાબ: प्रियोदा अपने सेवाभावी, दयालु और निस्वार्थ स्वभाव के कारण सभी के प्रिय हैं। वे और उनकी टोली स्कूल या कस्बे में किसी के भी बीमार पड़ने पर उसकी तब तक सेवा करती है जब तक वह पूरी तरह ठीक न हो जाए। इसके अलावा वे संन्यासी-आश्रम के लिए मुठिया भी वसूलते हैं।

સાચો જવાબ: प्रियोदा के दल के तीन सदस्यों के नाम हैं: कालू, मनमोहन (मोना) और सूर्यनारायण (सूरज)।

સાચો જવાબ: प्रियोदा की टोली निम्नलिखित सेवा कार्य करती है:

સાચો જવાબ: मनमोहन को तैरना सिखाने की जिम्मेदारी 'सूरज पहलवान' (सूर्यनारायण) को सौंपी गई।

સાચો જવાબ: : क्लब का नियम था कि कोई भी सदस्य बातचीत के दौरान कोई अपशब्द या गाली नहीं निकालेगा। इब्राहीम ने सब-डिप्टी साहब के अर्दली को 'साला' (गाली) कह दिया था, जो कि नियम के विरुद्ध था। अपनी इस गलती का अहसास होने पर उसने माफ़ी माँगी।

સાચો જવાબ:

क्लब का यह कड़ा नियम था कि बातचीत के सिलसिले में भी कोई सदस्य किसी प्रकार का अपशब्द या गाली अपने मुँह से नहीं निकालेगा। दस बार गलती करने पर उसे क्लब से निकाल दिया जाता था।



 


સાચો જવાબ: रविवार की सुबह प्रियोदा की टोली के सदस्य अलग-अलग मुहल्लों में जाकर संन्यासी-आश्रम के लिए मुठिया (अनाज) माँगते थे और जो लोग बीमार होते थे, उनकी सेवा करने के लिए सदस्यों की ड्यूटी लगाई जाती थी।
4. सविस्तार समझाइए (आशय स्पष्ट कीजिए)

સાચો જવાબ: आशय: इस पंक्ति के माध्यम से लेखक फणीश्वरनाथ रेणु जी ने शाम होने का सुंदर प्राकृतिक चित्रण किया है। जब दिन ढलने लगता है और सूर्य अस्त होने की दिशा (पश्चिम) में जाने लगता है, तो उसकी रोशनी मध्यम पड़ जाती है। यहाँ 'सूरज का झुकना' इस बात का संकेत है कि दिन समाप्त हो रहा है, संध्या का समय हो गया है और बालूचर (नदी का तट) पर एकत्र हुए प्रियोदा के दल के सभी सदस्यों के घर लौटने का समय आ पहुँचा है।

સાચો જવાબ: आशय: प्रियोदा मनमोहन के मन से भूत-प्रेत का डर निकालने के लिए अपने गुरु महाजन का यह विचार बताते हैं। यहाँ 'दस का काम' का अर्थ है — समाज, देश और पीड़ित लोगों की निस्वार्थ सेवा करना। जो व्यक्ति दूसरों की भलाई में लगा रहता है, उसका आत्मबल और नैतिक साहस इतना मजबूत होता है कि मन का काल्पनिक डर या भूत-प्रेत का भय उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सेवाभाव मनुष्य को निर्भय बना देता है, इसलिए समाज-सेवी स्वयं इतना शक्तिशाली (भूत के समान प्रभावकारी) बन जाता है कि बुराई या भय उससे दूर ही रहता है।

સાચો જવાબ: आशय: यह पंक्ति समाज में धार्मिक एकता और मन की पवित्रता का संदेश देती है। मनमोहन द्वारा गाए गए इस गीत के माध्यम से लेखक यह समझाना चाहते हैं कि ईश्वर एक ही है, चाहे उसे 'राम' कहें या 'रहीम'। धर्म, रीति-रिवाजों या बाह्य आडंबरों के आधार पर भगवान को बांटना या आपस में भेदभाव करना गलत है। सबसे बड़ा धर्म मन की सच्चाई, दिल की पवित्रता और समाज के प्रति सेवाभाव है। यदि इंसान का दिल सच्चा है, तो उसे ईश्वर की कृपा स्वतः ही मिल जाती है।

સાચો જવાબ: आशय: यह पंक्ति मैथिली भाषा के प्रसिद्ध लोकगीत 'लाचारी' का अंश है, जिसे रास्ते में एक गाड़ीवान तन्मय होकर गा रहा था। इसमें 'भोला' शब्द भगवान शिव (भोलेनाथ) के लिए प्रयोग किया गया है। इस पंक्ति का आशय यह है कि निर्धन, असहाय और पीड़ित लोग भगवान शिव से अपने जीवन के दुःखों, गरीबी और कष्टों (दीन-पहिया) को दूर करने की आर्त प्रार्थना कर रहे हैं। यह पंक्ति लोक-संस्कृति में व्याप्त ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास और भक्ति भावना को दर्शाती है।

સાચો જવાબ:




























कॉलम 'अ' उत्तर (कॉलम 'ब')
मनमोहन हैजे से डरने वाला
प्रियव्रत राय मैट्रिक का विद्यार्थी
सूर्यनारायण पहलवान
डिप्टी का अर्दली खचड़ा
परमान एक नदी

સાચો જવાબ:

(1) दूसरों के किए हुए उपकार को मानने वाला: कृतज्ञ



(2) दूसरों के किए गए उपकार को न मानने वाला: कृतघ्न



(3) मुर्दों के चीर-फाड़ की जगह: शवगृह (पोस्टमार्टम हाउस)



(4) जहाँ बीमारों को भर्ती करके इलाज होता है: अस्पताल (चिकित्सालय)


સાચો જવાબ:

(क) विरुद्धार्थी (विलोम) शब्द लिखिए:





  • गरीब × अमीर




  • प्यार × नफ़रत (घृणा)




  • स्वस्थ × अस्वस्थ (बीमार)




  • गलत × सही




  • उजड़ा × बसा (हरा-भरा)





(ख) दो-दो समानार्थी शब्द लिखिए:





  • सुबह: प्रातःकाल, भोर




  • शाम: संध्या, सायं




  • दल: समूह, टोली




  • कमजोर: निर्बल, दुर्बल




  • मकान: गृह, भवन




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